छठ से पहले बिहार आने वाली ट्रेनों में सीटों का संकट, वेटिंग 400 पार
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बिहार ट्रेन टिकटों की मांग दशहरा, दिवाली और छठ से पहले तेजी से बढ़ गई है। बिहार ट्रेन टिकट की बुकिंग के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, पुणे और हैदराबाद से आने वाले यात्रियों में होड़ मची है। कई प्रमुख ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं और कुछ तारीखों पर वेटिंग 100 से 400 के पार पहुंच गई है। ऐसे में बिहार लौटने वाले यात्रियों की नजर अब पूजा स्पेशल ट्रेनों पर है। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में नौकरी-पेशा और प्रवासी लोग अपने परिवार के साथ बिहार लौटते हैं। इसका असर रेलवे की नियमित ट्रेनों की आरक्षित सीटों पर साफ दिखाई दे रहा है।
दिल्ली से पटना आने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग
दिल्ली से पटना और राजेंद्रनगर आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में नवंबर के दूसरे सप्ताह के लिए सीटों की मांग काफी बढ़ गई है। उपलब्ध बुकिंग स्थिति के अनुसार, 10 से 13 नवंबर के बीच कई श्रेणियों में लंबी वेटिंग और रिग्रेट की स्थिति दिखाई दे रही है। नई दिल्ली-राजेंद्रनगर तेजस में 10 नवंबर को थर्ड एसी की वेटिंग 410 तक पहुंच गई थी। 11 नवंबर को यह आंकड़ा 427 और 12 नवंबर को 463 तक पहुंच गया। इन तारीखों पर फर्स्ट और सेकेंड एसी में भी कई सीटों पर रिग्रेट की स्थिति बताई गई। इसी तरह नई दिल्ली-राजेंद्र नगर संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में भी यात्रियों की मांग काफी अधिक है। 10 नवंबर के लिए फर्स्ट एसी में वेटिंग 21, सेकेंड एसी में 52, थर्ड एसी में 159 और स्लीपर में 134 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि त्योहार के दौरान दिल्ली से बिहार लौटने वाले यात्रियों को नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट पाने के लिए पहले से योजना बनानी पड़ सकती है।
मुंबई और दक्षिण भारत से आने वाली ट्रेनों में भी दबाव
सिर्फ दिल्ली रूट पर ही नहीं, बल्कि मुंबई और दक्षिण भारत से बिहार आने वाली ट्रेनों में भी आरक्षित सीटों की मांग बढ़ गई है। मुंबई से आने वाली पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में वेटिंग 210 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कुछ श्रेणियों में रिग्रेट की स्थिति भी बताई गई है। बेंगलुरू, पुणे और हैदराबाद जैसे शहरों से बिहार आने वाले यात्रियों की संख्या भी त्योहारों के आसपास बढ़ जाती है। ऐसे में इन शहरों से पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और अन्य प्रमुख स्टेशनों तक पहुंचने वाली ट्रेनों में सामान्य कोटे की सीटों पर दबाव बढ़ रहा है। रेल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती 10 से 17 नवंबर के बीच दिखाई दे रही है। इस अवधि में दिवाली के आसपास घर लौटने और छठ के बाद काम पर वापस जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है।
पूजा स्पेशल ट्रेनों से राहत की उम्मीद
नियमित ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता कम होने के बीच यात्रियों को रेलवे की पूजा स्पेशल ट्रेनों से राहत की उम्मीद है। हर साल त्योहारी सीजन में रेलवे यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अलग-अलग रूट पर विशेष ट्रेनों का संचालन करता है। बिहार के लिए दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों से स्पेशल ट्रेनों की घोषणा होने पर यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष ट्रेन में सीट उपलब्धता या संचालन की तारीख की जानकारी के लिए यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक बुकिंग व्यवस्था पर ताजा स्थिति जांचनी चाहिए।
फ्लाइट का किराया भी बढ़ा, मुंबई से टिकट 40 हजार तक
ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के बाद कुछ यात्री हवाई सफर का विकल्प तलाश रहे हैं। लेकिन त्योहारों की बढ़ती मांग का असर विमान किराये पर भी दिखाई दे रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया 26 हजार रुपये से अधिक तक पहुंच गया है। दिल्ली से दरभंगा जाने वाली उड़ानों में किराया 17 हजार रुपये से ज्यादा बताया गया है। मुंबई से पटना के लिए करीब 35 हजार रुपये और मुंबई से दरभंगा के लिए करीब 40.5 हजार रुपये प्रति यात्री तक का किराया उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। बेंगलुरू से पटना या दरभंगा के लिए सीधी उड़ान का विकल्प सीमित होने के कारण कुछ यात्रियों को दूसरे शहरों के रास्ते बिहार पहुंचने की योजना बनानी पड़ सकती है।
बसों में भी एडवांस बुकिंग, बढ़ा किराया
ट्रेन और फ्लाइट के अलावा लंबी दूरी की बसों में भी त्योहार से पहले बुकिंग बढ़ रही है। दिल्ली, पंजाब, रांची, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से बिहार आने वाली बसों में एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। यात्रियों के अनुसार, त्योहार के दौरान बस किराये में भी बढ़ोतरी हुई है। निजी वाहन से बिहार आने-जाने का खर्च भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो सकता है। ऐसे में यात्रियों के पास ट्रेन, बस और विमान के बीच विकल्प चुनने की चुनौती है। जिन लोगों ने अभी तक वापसी की योजना नहीं बनाई है, उनके लिए उपलब्ध सीटों और किराये की स्थिति पहले जांचना उपयोगी रहेगा।
10 से 17 नवंबर के बीच सबसे ज्यादा दबाव
त्योहारी सीजन में बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए 10 से 17 नवंबर की अवधि महत्वपूर्ण बताई जा रही है। दिवाली और छठ के आसपास घर लौटने वाले लोगों के कारण परिवहन साधनों पर दबाव बढ़ता है। दिल्ली और दक्षिण भारत से बिहार आने वाली कई ट्रेनों में सामान्य कोटे की कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति यात्रियों के सामने चुनौती पैदा कर रही है। ऐसे में यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले ट्रेन की तारीख, श्रेणी, वेटिंग स्थिति और वैकल्पिक रूट की जानकारी जरूर देखनी चाहिए। रेलवे की ओर से अतिरिक्त पूजा स्पेशल ट्रेनों की घोषणा होने पर यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है।