अनंत सिंह ने नीरज कुमार को दिया खुला चैलेंज, बोले- बजरंगबली मंदिर के सामने होगी बात

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पटना स्नातक निर्वाचन सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद लगातार तेज होता जा रहा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने आने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि दोनों वहीं अपनी बात जनता के सामने रखेंगे और लोग खुद तय करेंगे कि किसकी बात में सच्चाई है। यह विवाद अब सिर्फ चुनावी समीकरण तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि दोनों नेताओं के बीच पुराने आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आने लगे हैं।

बजरंगबली मंदिर के सामने आने की चुनौती

अनंत सिंह ने नीरज कुमार को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह बजरंगबली मंदिर के सामने आएं। वहां दोनों आमने-सामने अपनी बात रख सकते हैं। अनंत सिंह के मुताबिक, इस बातचीत को जनता के सामने रखा जाना चाहिए ताकि लोगों को दोनों पक्षों की बातें सुनने का मौका मिले। उन्होंने मंदिर के सामने होने वाली बातचीत को अपने लिए अदालत जैसा बताया। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच यह ताजा बयानबाजी पटना स्नातक एमएलसी चुनाव की पृष्ठभूमि में हो रही है। नीरज कुमार को इस सीट से जेडीयू की ओर से प्रमुख दावेदार के तौर पर बताया जा रहा है, जबकि अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है।

'15-18 साल से मेरे खिलाफ बोल रहे'

अनंत सिंह ने दावा किया कि नीरज कुमार का विरोध कोई नई बात नहीं है। उनके अनुसार, नीरज कुमार जब पहली बार विधान पार्षद बने थे, तभी से वह उनके खिलाफ बयान देते रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से नीरज कुमार के पुराने वीडियो देखने की बात कही। अनंत सिंह का कहना है कि पुराने बयानों को देखने पर दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, इन बयानों और पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों की व्याख्या दोनों नेताओं के अपने-अपने पक्ष से जुड़ी है। इसलिए आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

AK-47 मामले पर फिर आमने-सामने

बयानबाजी के दौरान अनंत सिंह ने पुराने AK-47 मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर पर AK-47 रखवाकर उन्हें जेल भेजने की साजिश की गई थी। अनंत सिंह ने इस मामले में नीरज कुमार की कथित भूमिका का आरोप लगाते हुए नार्को टेस्ट की मांग भी दोहराई। हालांकि, उनके इन आरोपों के समर्थन में इस मौके पर कोई नया सबूत सामने नहीं रखा गया। दूसरी ओर, नीरज कुमार ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर अनंत सिंह के पास प्रमाण हैं तो वह अदालत का रुख करें। यानी AK-47 विवाद भी दोनों नेताओं की मौजूदा राजनीतिक तनातनी का एक प्रमुख हिस्सा बन गया है।

नीरज की जीत में मदद का अनंत का दावा

अनंत सिंह ने नीरज कुमार के राजनीतिक सफर को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अलग-अलग मौकों पर नीरज कुमार की चुनावी जीत में मदद की थी। उन्होंने यहां तक दावा किया कि नीरज कुमार को पहली बार चुनाव लड़ने और टिकट दिलाने में भी उनकी भूमिका रही थी। अनंत सिंह ने कहा कि अगर नीरज कुमार इस मदद से इनकार करते हैं तो वह बजरंगबली मंदिर के सामने आकर यह बात कह सकते हैं। इन दावों पर नीरज कुमार की ओर से संबंधित सभी आरोपों का जवाब सामने आना बाकी है। इसलिए इन्हें अनंत सिंह के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अनुज सिंह के समर्थन से बढ़ा विवाद

पटना स्नातक निर्वाचन सीट पर विवाद की सबसे बड़ी वजह अनंत सिंह का नीरज कुमार के बजाय अनुज सिंह का समर्थन करना है। अनंत सिंह पहले ही सार्वजनिक रूप से अनुज सिंह के साथ खड़े होने की बात कह चुके हैं। जेडीयू स्तर पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर करने की कोशिश भी हुई थी, लेकिन इसके बाद भी अनंत सिंह का रुख पूरी तरह बदलता नजर नहीं आया। रिपोर्टों के मुताबिक, जेडीयू के भीतर इस मुद्दे को लेकर बैठक भी हो चुकी है। इसके बावजूद पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी जारी है।

JDU के भीतर सियासी खींचतान

पटना स्नातक सीट का विवाद अब जेडीयू के अंदरूनी समीकरणों से भी जुड़ गया है। अनंत सिंह पार्टी के विधायक हैं, जबकि नीरज कुमार जेडीयू के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। अनंत सिंह का कहना है कि उनका विरोध पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है। दूसरी ओर, नीरज कुमार ने भी स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने को कहती है तो वह मैदान में उतरेंगे। यही वजह है कि पटना स्नातक सीट का चुनाव केवल दो उम्मीदवारों की लड़ाई के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इसके साथ जेडीयू के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान भी चर्चा का विषय बन गई है।

पुराने विवादों का भी हो रहा जिक्र

अनंत सिंह ने इस दौरान जेडीयू से जुड़े अपने पुराने राजनीतिक संबंधों और कई पुराने घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने नीरज कुमार पर लंबे समय से विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने ललन सिंह से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों और नीतीश कुमार के मोकामा दौरे की एक पुरानी घटना का भी उल्लेख किया। इन दावों पर नीरज कुमार की प्रतिक्रिया सभी मामलों में सामने नहीं आई है। ऐसे में मौजूदा विवाद का अगला चरण नीरज कुमार के जवाब और पटना स्नातक सीट पर चुनावी गतिविधियों से तय होगा।

पटना स्नातक सीट पर क्या है मामला?

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में नीरज कुमार और अनंत सिंह समर्थित अनुज सिंह के बीच राजनीतिक मुकाबला चर्चा में है। अनंत सिंह ने साफ कर दिया है कि वह अनुज सिंह के समर्थन में खड़े हैं। वहीं, नीरज कुमार की ओर से भी लगातार राजनीतिक जवाब दिए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की स्थिति, पार्टी का आधिकारिक रुख और दोनों नेताओं की बयानबाजी इस चुनाव को और चर्चा में ला सकती है। फिलहाल, बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने आने की अनंत सिंह की चुनौती ने दोनों नेताओं के बीच चल रही जुबानी जंग को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।

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