बिहार में 30 दिन में जनता की शिकायतों का समाधान, CM का बड़ा निर्देश

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें समय पर न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। मंगलवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम में 137 आवेदकों की शिकायतें सुनी गईं। सहयोग कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों और जिलों के अधिकारियों को मामलों के जल्द और तय समय सीमा में निपटारे के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ इस कार्यक्रम में अपनी समस्याएं रखी हैं, उसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया।

जमीन, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक की शिकायतें

राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे लोगों ने कई विभागों से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा समाज कल्याण विभाग से संबंधित मामले शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों पर तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें। अधिकारियों और जिला प्रशासन की ओर से आवेदकों को जल्द आवश्यक कदम उठाने का भरोसा भी दिया गया।

सरकार का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उसके संतोषजनक समाधान तक मामले की निगरानी करना बताया गया है। इसी वजह से राज्यस्तरीय कार्यक्रम को जटिल और लंबित मामलों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।

जिला स्तर पर समाधान नहीं तो राज्यस्तरीय कार्यक्रम में पहुंचें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन लोगों की शिकायतों का समाधान पहले ही हो चुका है, उन्हें राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पटना आने की जरूरत नहीं है।

हालांकि, ऐसे मामले जो जिला स्तर पर प्रयास के बावजूद जटिलता के कारण लंबित रह जाते हैं, उन्हें राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से आगे उठाया जा सकता है। इससे लोगों को अपनी समस्या के लिए बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों की शिकायतों के पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील तरीके से मामलों की सुनवाई करते हुए उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया।

पेंशन और राशन कार्ड पर भी CM का फोकस

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड से जुड़े मामलों को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकारी योजनाओं के लाभ के पात्र हैं, उन्हें किसी तकनीकी समस्या के कारण उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड जैसी सुविधाएं बिना अनावश्यक देरी के उपलब्ध कराई जाएं। सरकार की कोशिश है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक आसानी से पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा गया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

बिहार के सभी जिलों से जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यस्तरीय कार्यक्रम से जुड़े। इससे जिला स्तर पर चल रही शिकायतों की स्थिति की समीक्षा भी की गई।

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