बिहार में 3 डिसमिल जमीन के लिए ऑनलाइन आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार में 3 डिसमिल जमीन पाने का इंतजार कर रहे वासभूमिहीन परिवारों के लिए बड़ी सुविधा सामने आई है। 3 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने के लिए चल रहे अभियान बसेरा-2 के तहत आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लाभार्थियों को आवेदन के लिए पटना मुख्यालय आने के बजाय संबंधित अंचल स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने की व्यवस्था की है। विभाग की बिहारभूमि वेबसाइट पर राजस्व से जुड़ी कई ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं और अभियान बसेरा-2 को लेकर विभाग लगातार अंचल स्तर पर कार्यवाही की समीक्षा कर रहा है।
अभियान बसेरा-2 क्या है?
अभियान बसेरा-2 का उद्देश्य ऐसे पात्र परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराना है, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है।
इस अभियान के तहत पात्र परिवारों को आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। विभाग की ओर से चिन्हित योग्य परिवारों को नियमानुसार बंदोबस्ती प्रमाणपत्र और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
इस योजना के तहत कई जिलों में भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। बिहार विधानसभा में भी अभियान बसेरा-2 के तहत चिन्हित लाभुकों को भूमि उपलब्ध कराने और कब्जा दिलाने की कार्रवाई का उल्लेख किया जा चुका है।
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा कैसे मिलेगी?
बिहार सरकार की बिहारभूमि वेबसाइट राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक ऑनलाइन सेवा व्यवस्था है। पोर्टल पर नागरिकों के लिए दाखिल-खारिज, भू-लगान, जमाबंदी और अन्य भूमि संबंधी सेवाएं उपलब्ध हैं।
अभियान बसेरा से संबंधित आवेदन के लिए लाभार्थियों को विभाग की निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा। आवेदन करते समय परिवार से जुड़ी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखना जरूरी होगा।
आवेदक बिहारभूमि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध ‘अभियान बसेरा हेतु आवेदन करें’ विकल्प के माध्यम से प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन का मतलब यह नहीं है कि जमीन तुरंत आवंटित हो जाएगी। आवेदन के बाद संबंधित अंचल स्तर पर पात्रता और उपलब्ध भूमि के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
आवेदन करने वाले परिवार को अपनी सामाजिक और पारिवारिक स्थिति से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
बताई गई प्रक्रिया के अनुसार, आवेदक को परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और मोबाइल नंबर देना होगा। आवेदक, पति-पत्नी तथा वयस्क पारिवारिक सदस्यों के आधार की स्व-अभिप्रमाणित प्रति भी मांगी जा सकती है।
इसके अलावा उपलब्धता के अनुसार जाति प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, मतदाता पहचानपत्र या निवास प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज देने होंगे।
आवेदन के साथ परिवार की वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी भी देनी होगी। निर्धारित प्रारूप में शपथपत्र देना होगा, जिसमें यह बताया जाता है कि परिवार के पास रहने योग्य भूमि नहीं है और पहले किसी सरकारी योजना से वासभूमि का लाभ नहीं मिला है।
आवेदन से पहले ये चीजें तैयार रखें
- परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी
- मोबाइल नंबर
- आधार की स्व-अभिप्रमाणित प्रति
- जाति प्रमाणपत्र, यदि लागू हो
- राशन कार्ड
- मतदाता पहचानपत्र या निवास प्रमाणपत्र
- निर्धारित प्रारूप का शपथपत्र
- सरकारी जमीन पर रहने की स्थिति से जुड़ी जानकारी, यदि लागू हो
दस्तावेजों में दी गई जानकारी सही होना जरूरी है। गलत जानकारी देने पर आवेदन की जांच के दौरान समस्या आ सकती है।
अंचल कार्यालय में होगी आवेदन की आगे की प्रक्रिया
विभाग की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि लाभार्थियों को आवेदन के लिए पटना मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।
आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय के स्तर पर स्वीकार और संसाधित किया जाएगा। आवेदन जमा होने के बाद आवेदक को प्राप्ति रसीद मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में आवेदन से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सके।
हालिया निर्देशों में विभाग ने अंचल स्तर पर लंबित अभियान बसेरा-2 के कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया है। इससे संकेत मिलता है कि आवेदन और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अंचल कार्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
पटना बुलाने वाले दलालों से रहें सावधान
भूमि से जुड़े सरकारी काम के नाम पर बिचौलियों की भूमिका को लेकर विभाग ने लाभार्थियों को सावधान रहने की सलाह दी है।
यदि कोई व्यक्ति आवेदन कराने, जमीन दिलाने या प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगता है या लाभार्थी को अनावश्यक रूप से पटना बुलाता है, तो ऐसे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जा सकती है।
आवेदक को किसी अनधिकृत व्यक्ति को अपने आधार, बैंक या अन्य संवेदनशील दस्तावेज देने से भी बचना चाहिए।
ऑनलाइन आवेदन के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभागीय स्तर पर लाभार्थी की पात्रता और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
इसके बाद उपलब्ध सरकारी भूमि, परिवार की पात्रता और अभियान के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। पात्र पाए जाने वाले परिवारों को नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यानी सिर्फ ऑनलाइन आवेदन कर देना जमीन मिलने की अंतिम गारंटी नहीं है। अंतिम निर्णय सरकारी नियमों, पात्रता और उपलब्ध भूमि के आधार पर संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद होगा।
लाभार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सुविधा?
पहले जमीन से जुड़ी सरकारी योजनाओं के लिए ग्रामीण परिवारों को कई बार प्रखंड, अंचल या जिला स्तर के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
ऑनलाइन व्यवस्था और अंचल स्तर पर आवेदन की प्रक्रिया से वासभूमिहीन परिवारों के लिए पहुंच आसान होने की उम्मीद है। बिहारभूमि पोर्टल पर राजस्व विभाग की कई सेवाएं पहले से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
अभियान बसेरा-2 में अब मुख्य चुनौती पात्र परिवारों के आवेदन, दस्तावेजों की जांच, उपलब्ध भूमि की पहचान और लाभुकों को वास्तविक रूप से जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को समय पर पूरा करना होगी।
