वैशाली में 40 लाख की शराब बरामद, भूसे के नीचे छिपी थी खेप
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार में शराबबंदी के बीच वैशाली शराब तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। वैशाली शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत पुलिस ने करीब 40 लाख रुपये की विदेशी शराब बरामद की है। पुलिस के अनुसार, मौना महिमा गांव के पास सरकारी विद्यालय के नजदीक शराब की खेप उतारी जा रही थी। सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने छापेमारी की, लेकिन पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद लोग फरार हो गए। घटनास्थल से एक ट्रक और एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है।
ऑपरेशन नीलकंठ के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मौना महिमा गांव के पास शराब की बड़ी खेप पहुंची है और उसे सरकारी विद्यालय के आसपास उतारा जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सूचना की पुष्टि के बाद बताए गए स्थान पर छापेमारी की।
पुलिस टीम के पहुंचते ही मौके पर मौजूद संदिग्ध लोग वहां से भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने वहां खड़े वाहनों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान दोनों वाहनों से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।
459 कार्टन विदेशी शराब जब्त
पुलिस के मुताबिक, ट्रक और पिकअप वाहन से कुल 459 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई है।
बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, अंतिम कीमत और शराब की पूरी मात्रा का आधिकारिक आकलन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट हो सकता है।
पुलिस ने शराब के साथ दोनों वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। अब वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनके मालिक और चालकों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है।
भूसे के नीचे छिपाकर रखी गई थी शराब
शराब की खेप को छिपाने के लिए तस्करों ने कथित तौर पर ट्रक में भूसा लोड कर रखा था।
पुलिस के अनुसार, भूसे के नीचे विदेशी शराब के कार्टन छिपाए गए थे। इस तरीके का इस्तेमाल वाहन की सामान्य जांच के दौरान शराब को छिपाने के लिए किया गया था।
पुलिस ने ट्रक की तलाशी लेकर भूसे के नीचे रखे शराब के कार्टन बरामद किए। इसके बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया।
पंजाब से लाई गई थी शराब?
प्रारंभिक जानकारी में शराब की खेप पंजाब से लाई जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस अब इस कड़ी की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि शराब किस स्थान से भेजी गई थी, इसे वैशाली तक कौन लेकर आया और स्थानीय स्तर पर इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और क्या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क काम कर रहा था।
मौके से फरार हुए संदिग्ध, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को देखकर मौके पर मौजूद लोग फरार हो गए। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस अब जब्त किए गए वाहनों के दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच कर रही है। इसके आधार पर वाहन मालिक, चालक और अन्य संबंधित लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही पुलिस शराब की सप्लाई चेन की जांच भी कर रही है। अगर जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
शराबबंदी के बीच बड़ी बरामदगी
बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लागू है। ऐसे में अलग-अलग जिलों में शराब की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई करते हैं।
वैशाली में हुई यह बरामदगी मात्रा और अनुमानित कीमत के लिहाज से बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। पुलिस का फोकस अब केवल शराब जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क का पता लगाने पर भी रहेगा।
इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में शराब के स्रोत और अंतिम डिलीवरी प्वाइंट के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।
आगे की जांच में खुल सकते हैं कई राज
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती फरार लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की है। इसके साथ ही जब्त वाहनों से जुड़े दस्तावेजों, मोबाइल संपर्क और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि 459 कार्टन शराब की खेप केवल स्थानीय स्तर पर खपाई जानी थी या इसके पीछे किसी बड़े अंतरजिला या अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका थी।
फिलहाल पुलिस ने शराब और दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है तथा फरार संदिग्धों की तलाश जारी है। गिरफ्तारियों और जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
