भरत तिवारी एनकाउंटर: CM सम्राट ने मानी पुलिस की चूक, AK-47 पर दिया जवाब
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस घटना में पुलिस से चूक हुई थी। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर ‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के बाद सरकार ने तेजी से न्यायिक कमेटी गठित की और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और कुछ लोगों को जेल भेजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़ी है। परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है।
CM सम्राट ने माना- पुलिस से हुई चूक
‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भरत तिवारी मामले को लेकर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा कि घटना के 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमेटी बनाई गई थी। सम्राट चौधरी के मुताबिक, कमेटी की रिपोर्ट में पुलिस की चूक सामने आई। इसके बाद सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के स्तर पर होगी और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जून में घटना के बाद सरकार ने न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया था। जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी।
परिवार को आर्थिक मदद, एक सदस्य को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भरत तिवारी के परिवार की मदद के लिए आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। इससे पहले अगस्त में मुख्यमंत्री की ओर से भी न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की जानकारी सामने आई थी। सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।
पुलिस को काम की आजादी, लेकिन गलती पर कार्रवाई
कानून-व्यवस्था के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को अपना काम करने की पूरी आजादी दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि पुलिस की गलती को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, यदि पुलिसकर्मियों से चूक होती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कानून के राज को सुशासन का आधार बताते हुए कहा कि अपराधियों को समय पर सजा मिलना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधी किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
भरत तिवारी एनकाउंटर में क्या हुआ था?
भरत भूषण तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले थे। 17 जून 2026 को पुलिस कार्रवाई के दौरान उनकी गोली लगने से मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे और मामले की न्यायिक जांच का निर्णय लिया गया। घटना से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ा। स्थानीय स्तर पर भरत तिवारी के परिवार और ग्रामीणों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। दूसरी ओर, पुलिस का पक्ष था कि कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी ने हथियार निकाला और पुलिस पर फायरिंग की कोशिश की। इस मामले में अलग-अलग पक्षों के दावों के बीच सरकार ने न्यायिक जांच कराने का फैसला किया था। जून में सरकार की ओर से कहा गया था कि जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी। जांच की प्रक्रिया में गवाहों और परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए गए।
AK-47 वाले सवाल पर भी CM ने दिया जवाब
कार्यक्रम के दौरान परीक्षा सुधार को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर AK-47 से फायरिंग से जुड़े सवाल पर भी मुख्यमंत्री से सवाल किया गया। सम्राट चौधरी ने कहा कि छात्रों की मांगों को देखते हुए हाई कोर्ट के सीटिंग जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है, ताकि पूरे मामले की समीक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि जांच में जिस किसी की भी गलती सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अब आगे क्या होगा?
भरत तिवारी मामले में मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक जांच में सामने आई पुलिस की चूक के आधार पर कार्रवाई की गई है। वहीं, घटना से जुड़े अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध जांच रिकॉर्ड के आधार पर सामने आएंगे। सरकार ने परिवार को सहायता देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी दोहराई है। इस मामले में जून से ही न्यायिक जांच की प्रक्रिया चल रही है और अलग-अलग पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। ऐसे में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरणों पर निर्भर करेगी।