25 साल से फरार डकैत साधु बनकर नेपाल में छिपा था, ऐसे आया पुलिस के हत्थे
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबेतिया में 25 साल से फरार डकैत सुरेंद्र ठाकुर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सुरेंद्र ठाकुर गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि वह लंबे समय से साधु का भेष धारण कर नेपाल में रह रहा था। सुरेंद्र ठाकुर गिरफ्तारी की कार्रवाई शिकारपुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की। पुलिस के अनुसार, वह अपना हुलिया बदलकर गांव आता-जाता था और पहचान से बचने की कोशिश करता था।
2001 से फरार था सुरेंद्र ठाकुर
पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र ठाकुर वर्ष 2001 से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ डकैती समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों का उल्लेख सामने आया है।
बताया गया है कि वर्ष 2006 में बलथर थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ डकैती का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में अदालत ने बाद में उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने के दौरान उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए साधु का रूप अपना लिया। उसने दाढ़ी और बाल काफी बढ़ा लिए थे, जिससे उसका सामान्य हुलिया पूरी तरह बदल गया था।
नेपाल में साधु बनकर रह रहा था
पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र ठाकुर ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2001 से नेपाल में साधु के वेश में रह रहा था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उसके नेपाल में रहने के पूरे ठिकाने या वहां उसकी गतिविधियों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह कभी-कभी अपने गांव लंगड़ा दिउलिया भी आता था। खास बात यह थी कि वह गांव में भी साधु के भेष में ही पहुंचता था।
इस वजह से स्थानीय लोगों के बीच भी उसकी पहचान आसानी से नहीं हो पाती थी। पुलिस ने इसी सूचना को आधार बनाकर उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
एक महीने से पुलिस बिछा रही थी जाल
शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार को सुरेंद्र ठाकुर के गांव आने-जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस करीब एक महीने से उसे पकड़ने की तैयारी कर रही थी। टीम ने उसके संभावित आने-जाने वाले स्थानों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
इसी निगरानी के दौरान पुलिस को उसके बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद सही समय का इंतजार किया गया, ताकि उसे बिना मौका दिए गिरफ्तार किया जा सके।
चमुआ चौक पर साधु के भेष में गिरफ्तारी
पुलिस को आखिरकार सफलता तब मिली, जब सुरेंद्र ठाकुर साधु के वेश में चमुआ चौक पहुंचा। पुलिस टीम ने उसे वहीं पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के समय उसका हुलिया देखकर पहली नजर में उसे पहचानना आसान नहीं था। उसने लंबी दाढ़ी और बाल बढ़ा रखे थे और साधु की तरह रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, उसकी पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू की गई। अब उसके पुराने आपराधिक मामलों और लंबे समय तक फरार रहने के दौरान उसकी गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुराने मामलों की भी होगी जांच
पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि वर्ष 2001 से फरार रहने के दौरान सुरेंद्र ठाकुर किन-किन स्थानों पर रहा और क्या वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़ा था।
इसके अलावा पुलिस उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की स्थिति भी देख रही है। वर्ष 2006 में दर्ज डकैती के मामले में अदालत द्वारा जारी स्थायी वारंट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारियों का सत्यापन भी किया जाएगा। पुराने मामलों से जुड़े रिकॉर्ड और उसके खिलाफ उपलब्ध अन्य दस्तावेजों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस की नजर से बचने के लिए बदला हुलिया
इस मामले की सबसे खास बात आरोपी का बदला हुआ हुलिया है। पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र ठाकुर ने दाढ़ी और बाल बढ़ाकर साधु का रूप अपना लिया था।
वह इसी पहचान के साथ नेपाल में रहने के अलावा कभी-कभी अपने गांव भी पहुंचता था। पुलिस का कहना है कि वह स्थानीय लोगों को भ्रमित करके वापस चला जाता था।
हालांकि, गुप्त सूचना और लगातार निगरानी के बाद पुलिस उसकी पहचान तक पहुंचने में सफल रही। इसके बाद चमुआ चौक पर उसकी गिरफ्तारी की गई।
25 साल बाद गिरफ्तारी से पुराने केस फिर चर्चा में
सुरेंद्र ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों की चर्चा फिर शुरू हो गई है। लंबे समय से फरार व्यक्ति की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।
फिलहाल मामले में पुलिस की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में अदालत और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अब तक सामने आई प्रमुख बातें
- सुरेंद्र ठाकुर करीब 25 साल से फरार बताया जा रहा था।
- पुलिस के अनुसार, वह साधु के भेष में नेपाल में रह रहा था।
- उसने दाढ़ी और बाल बढ़ाकर अपना हुलिया बदल लिया था।
- वर्ष 2006 में बलथर थाना क्षेत्र में डकैती का मामला दर्ज होने की जानकारी है।
- उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात सामने आई है।
- पुलिस को उसके गांव आने-जाने की गुप्त सूचना मिली थी।
- करीब एक महीने तक निगरानी के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
- चमुआ चौक पर उसे साधु के भेष में गिरफ्तार किया गया।
- शिकारपुर थाना पुलिस अब पुराने मामलों और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।
सुरेंद्र ठाकुर के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पुराने मामलों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
