माता सीता बनकर अंजलि अरोड़ा ने खोले दिल के राज, बोलीं- ये तो बस शुरुआत है
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👉 WhatsApp से जुड़ेंअंजलि अरोड़ा इन दिनों माता सीता के किरदार को लेकर चर्चा में हैं। माता सीता के किरदार में अंजलि ने फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा है। 25 सितंबर 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म के साथ उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई। दिल्ली में हुई स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान अंजलि ने अपनी पहली फिल्म, किरदार की तैयारी, परिवार की प्रतिक्रिया और भविष्य के सपनों को लेकर खुलकर बातचीत की।
सोशल मीडिया से पहचान बनाने वाली अंजलि के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है क्योंकि पहली फिल्म में ही उन्हें रामायण के प्रमुख किरदारों में से एक निभाने का मौका मिला है। फिल्म में देव शर्मा भगवान राम और अंजलि अरोड़ा माता सीता की भूमिका में हैं।
माता सीता का किरदार मिला तो कैसे की तैयारी?
अंजलि के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि माता सीता जैसे प्रतिष्ठित किरदार को पर्दे पर किस तरह पेश किया जाए। इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह खुद को सबसे पहले एक कलाकार मानती हैं और किसी भी भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करती हैं।
अंजलि के मुताबिक, उन्होंने माता सीता के किरदार में उनकी मासूमियत और भावनाओं को अपने तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि किसी कलाकार के प्रयास का अंतिम फैसला दर्शकों को फिल्म देखने के बाद करना चाहिए।
फिल्म के प्रमोशन के दौरान अंजलि ने किरदार की तैयारी को लेकर चलने, बोलने और एक्सप्रेशन जैसी बारीकियों पर ध्यान देने की बात भी कही थी। उनके अनुसार, माता सीता का किरदार निभाना उनके लिए जिम्मेदारी से जुड़ा अनुभव रहा।
सोशल मीडिया की छवि और सीता के किरदार पर क्या बोलीं?
माता सीता के किरदार में अंजलि की कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी हुई। कुछ यूजर्स ने उनके पुराने डांस वीडियो और सोशल मीडिया इमेज का हवाला देते हुए सवाल उठाए।
अंजलि ने इस आलोचना पर कहा कि कलाकारों को दर्शकों की राय का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें डांस करना पसंद है और वह इसे लेकर शर्मिंदा नहीं हैं।
उन्होंने दर्शकों से अपनी निजी जिंदगी और पर्दे पर निभाए किरदार को अलग-अलग देखने की अपील की। अंजलि का कहना था कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली उनकी पहचान उनकी पूरी जिंदगी नहीं है।
यानी अंजलि चाहती हैं कि दर्शक फिल्म देखते समय उनके सोशल मीडिया वाले व्यक्तित्व की बजाय उनके निभाए गए किरदार पर ध्यान दें। यह बात उन्होंने फिल्म के प्रमोशनल इंटरव्यू और ट्रेलर लॉन्च के दौरान भी रखी थी।
रिलीज से पहले रात 2 बजे क्या सोच रही थीं अंजलि?
दिल्ली स्क्रीनिंग से पहले अंजलि के लिए उत्साह और भावनाओं का दौर चल रहा था। उन्होंने बातचीत में बताया कि मुंबई की स्क्रीनिंग पूरी होने के बाद वह दिल्ली आने वाली फ्लाइट में थीं।
करीब रात 2 बजे का समय था और उनके मन में दिल्ली स्क्रीनिंग को लेकर उत्साह था। इसकी वजह भी खास थी। दिल्ली में उनके परिवार, दोस्त और करीबी लोग उनके साथ फिल्म देखने वाले थे।
अंजलि के लिए अपने लोगों के साथ पहली फिल्म देखना सामान्य स्क्रीनिंग से अलग अनुभव था। उन्होंने बताया कि जब परिवार और करीबी लोग आपका काम देखते हैं और अपनी ईमानदार प्रतिक्रिया देते हैं, तो उस रिव्यू का एहसास अलग होता है।
परिवार के साथ फिल्म देखना क्यों था खास?
पहली फिल्म का अनुभव किसी भी कलाकार के लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन अंजलि के लिए दिल्ली स्क्रीनिंग में परिवार और दोस्तों की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया।
उनके मुताबिक, अपने लोगों के सामने अपने काम का परिणाम देखना अलग तरह की खुशी देता है। करीबी लोगों की प्रतिक्रिया में कलाकार को भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता है।
इसी वजह से मुंबई में फिल्म की स्क्रीनिंग हो जाने के बावजूद अंजलि दिल्ली की स्क्रीनिंग को लेकर खास तौर पर उत्साहित थीं। दिल्ली में परिवार के साथ फिल्म देखने का अनुभव उनके लिए इस सफर की यादगार शुरुआत का हिस्सा बना।
‘घर और गाड़ी मिल गई, लेकिन अभी कुछ हासिल नहीं किया’
अंजलि से जब उनके अब तक पूरे हुए सपनों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी सफलता को लेकर एक अलग नजरिया रखा। घर, गाड़ी और पहली फिल्म जैसे पड़ाव हासिल करने के बावजूद वह खुद को मंजिल तक पहुंचा हुआ नहीं मानतीं।
उन्होंने अपनी जर्नी को सीढ़ी चढ़ने जैसा बताया। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक शुरुआत है और अभी उन्हें काफी कुछ करना बाकी है।
अंजलि ने कहा कि वह खुद पर लगातार काम करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य आने वाले समय में अपने बाकी सपनों को पूरा करना है।
यह सोच उनके करियर को लेकर उनके नजरिए को भी दिखाती है। पहली फिल्म मिलने के बाद वह इसे अंतिम उपलब्धि के बजाय आगे बढ़ने का पहला कदम मान रही हैं।
अंजलि के लिए ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ क्यों है खास?
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ अंजलि अरोड़ा की पहली फिल्म है। फिल्म में उनके साथ देव शर्मा, रजनीश दुग्गल, शील वर्मा और निर्भय वाधवा जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है।
अंजलि के लिए फिल्म का महत्व सिर्फ डेब्यू तक सीमित नहीं है। माता सीता जैसे किरदार के जरिए उन्होंने अपने सोशल मीडिया करियर से आगे अभिनय की दुनिया में पहचान बनाने की कोशिश की है।
इससे पहले भी उन्होंने कहा है कि माता सीता का किरदार उनके लिए शक्ति, गरिमा, धैर्य और आस्था से जुड़ा है। उन्होंने इस भूमिका को भावनात्मक और जिम्मेदारी भरा सफर बताया था।
पहली फिल्म के बाद अब अंजलि का अगला सपना क्या?
अंजलि की बातचीत से एक बात स्पष्ट है कि वह ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ को अपने करियर का अंतिम पड़ाव नहीं मानतीं। उनके लिए यह एक नई यात्रा की शुरुआत है।
वह आने वाले समय में खुद को एक कलाकार के रूप में और बेहतर बनाने पर जोर देना चाहती हैं। उनका कहना है कि अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है और इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं।
25 सितंबर 2026 को फिल्म की रिलीज के साथ अंजलि ने बड़े पर्दे पर अपना पहला कदम रखा। अब उनके अभिनय और आगे मिलने वाली भूमिकाओं को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया उनके फिल्मी सफर का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
