पटना एम्स (AIIMS Patna) में ऑनलाइन ओपीडी (OPD) अपॉइंटमेंट कैसे बुक करें?
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
नमस्कार दोस्तों! मैं जानता हूँ कि जब घर में कोई बीमार होता है, तो पूरा परिवार मानसिक और शारीरिक रूप से टूट जाता है। ऐसे में अगर मरीज को लेकर पटना के फुलवारी शरीफ स्थित AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) जाना पड़े, तो सबसे बड़ा डर बीमारी का नहीं, बल्कि वहां लगने वाली मीलों लंबी लाइन का होता है।
मैंने खुद ग्राउंड पर देखा है कि कैसे बिहार के अलग-अलग जिलों— सीवान, छपरा, सहरसा, पूर्णिया— से लोग रात के 2 बजे ही पटना एम्स के गेट पर आकर फुटपाथ पर सो जाते हैं। सुबह 4 बजे से ओपीडी (OPD) काउंटर पर लाइन लगती है, धक्का-मुक्की होती है और कई बार तो 10 बजते-बजते काउंटर बंद हो जाता है और मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए ही निराश लौट जाता है। दलाल भी इसी मजबूरी का फायदा उठाकर नंबर लगाने के नाम पर पैसे ऐंठते हैं।
लेकिन भैया, अब समय बदल गया है। आपको अपने बीमार परिजन को लेकर रात भर एम्स के बाहर मच्छरों के बीच सोने की कोई जरूरत नहीं है। आप अपने घर बैठे, अपने मोबाइल फोन से एम्स पटना का ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। एक स्थानीय पत्रकार होने के नाते आज मैं आपको इस पूरी प्रक्रिया की एकदम सटीक, सच्ची और स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी दूंगा। इस पोस्ट को पूरा पढ़िएगा, यह आपके और आपके परिवार के बहुत काम आएगी।
एम्स पटना में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करने के जबरदस्त फायदे
अगर आप सोच रहे हैं कि ऑनलाइन बुकिंग में कोई झमेला है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसके फायदे जानकर आप कभी ऑफलाइन लाइन में नहीं लगेंगे:
समय की बचत: आपको सुबह 4 बजे लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। आप सीधे 8:30 या 9 बजे अस्पताल पहुंच सकते हैं।
पक्की गारंटी: एक बार आपके मोबाइल में कन्फर्मेशन (Confirmation) का मैसेज आ गया, तो उस दिन डॉक्टर आपको जरूर देखेंगे, चाहे कितनी भी भीड़ क्यों न हो।
कोई दलाल नहीं: आपको नंबर लगाने के लिए किसी बाहरी आदमी या दलाल को 500-1000 रुपये देने की कोई जरूरत नहीं है।
अलग से काउंटर: ऑनलाइन नंबर लगाने वालों के लिए एम्स में एक अलग फास्ट-ट्रैक (Fast-track) काउंटर होता है, जहाँ सिर्फ 5 से 10 मिनट का समय लगता है।
ऑनलाइन OPD बुकिंग के लिए क्या-क्या चीजें चाहिए?
बुकिंग शुरू करने से पहले अपने पास ये 3 चीजें जरूर रख लें, ताकि फॉर्म भरते समय कोई दिक्कत न हो:
मरीज का आधार कार्ड (Aadhaar Card): नाम और उम्र बिल्कुल सही होनी चाहिए।
आधार से लिंक मोबाइल नंबर: ऑनलाइन बुकिंग के समय इस नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा, इसलिए फोन चालू होना चाहिए।
ABHA (आभा) आईडी: अगर आपके पास आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) कार्ड है, तो बहुत अच्छी बात है। अगर नहीं है, तो बुकिंग करते समय पोर्टल खुद आपका ABHA नंबर बना देगा।
Step-by-Step Guide: ORS पोर्टल से ऑनलाइन नंबर कैसे लगाएं?
भारत सरकार ने सरकारी अस्पतालों में बुकिंग के लिए ORS (Online Registration System) नाम की एक बेहतरीन वेबसाइट बनाई है। एम्स पटना में नंबर लगाने का यह सबसे पक्का और सही तरीका है। बस नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करें:
स्टेप 1: ORS की वेबसाइट पर जाएं
अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर (जैसे Google Chrome) में टाइप करें ors.gov.in और वेबसाइट खोलें। होमपेज पर आपको "Book Appointment" का एक बड़ा सा बटन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
स्टेप 2: अपना मोबाइल नंबर वेरीफाई करें
अब एक नया पेज खुलेगा। वहां अपना चालू मोबाइल नंबर डालें और कैप्चा (स्क्रीन पर दिख रहे टेढ़े-मेढ़े अक्षर) भरकर 'Get OTP' पर क्लिक करें। आपके फोन पर 6 अंकों का कोड आएगा, उसे डालकर लॉगिन (Login) कर लें।
स्टेप 3: राज्य और अस्पताल का चुनाव करें
लॉगिन होने के बाद, आपको भारत के सभी बड़े अस्पतालों की लिस्ट दिखेगी।
सबसे पहले State (राज्य) में 'Bihar' चुनें।
फिर Hospital की लिस्ट में से 'AIIMS Patna' पर टिक करें।
इसके बाद 'Appointment' पर क्लिक करके 'New Appointment' चुनें (अगर आप पहली बार जा रहे हैं)।
स्टेप 4: सही विभाग (Department) चुनें
यह बहुत जरूरी स्टेप है। एम्स पटना में हर बीमारी का अलग विभाग है। आपको मरीज की बीमारी के हिसाब से सही डिपार्टमेंट चुनना है।
जैसे, अगर दिल की बीमारी है तो Cardiology चुनें।
हड्डी की समस्या है तो Orthopaedics चुनें।
पेट की दिक्कत है तो Gastroenterology चुनें।
अगर समझ नहीं आ रहा कि कौन सा विभाग है, तो General Medicine चुन लें, वहां के डॉक्टर चेक करके सही जगह भेज देंगे।
स्टेप 5: अपॉइंटमेंट की तारीख (Date) बुक करें
डिपार्टमेंट चुनने के बाद आपके सामने एक कैलेंडर खुल जाएगा।
इस कैलेंडर में जो तारीख हरे रंग (Green) में दिख रही है, उसका मतलब है कि उस दिन सीट खाली है।
जो तारीख लाल रंग (Red) में है, मतलब उस दिन की बुकिंग फुल हो चुकी है।
अपनी सुविधानुसार कोई भी हरे रंग वाली तारीख पर क्लिक करके 'Confirm' बटन दबाएं।
स्टेप 6: मरीज की डिटेल (Patient Details) भरें
अब आपको मरीज का आधार कार्ड नंबर डालना होगा। आधार नंबर डालते ही एक और OTP आएगा। उसे डालते ही मरीज का नाम, उम्र, और पता अपने आप फॉर्म में भर जाएगा। अगर आधार नहीं है, तो आप मैन्युअल (अपने हाथों से) भी नाम और उम्र टाइप कर सकते हैं।
स्टेप 7: फीस जमा करें और स्लिप डाउनलोड करें
एम्स पटना में नए मरीज के रजिस्ट्रेशन की फीस मात्र 30 रुपये है। आप यूपीआई (UPI), फोनपे, गूगल पे या एटीएम कार्ड से यह 30 रुपये ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
पेमेंट होते ही स्क्रीन पर एक Appointment Slip (पर्ची) आ जाएगी। इसके साथ ही आपके मोबाइल पर भी बुकिंग कन्फर्मेशन का एक मैसेज (SMS) आ जाएगा। इस स्लिप को पीडीएफ (PDF) में डाउनलोड कर लें और किसी भी दुकान से इसका प्रिंट आउट निकलवा लें।
'AIIMS Patna Swasthya' App से भी कर सकते हैं बुकिंग
अगर आप बार-बार वेबसाइट पर नहीं जाना चाहते, तो एम्स पटना ने अपना खुद का एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है।
गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर जाएं और 'AIIMS Patna Swasthya' सर्च करके ऐप डाउनलोड करें।
ऐप खोलकर अपना मोबाइल नंबर डालें और रजिस्टर करें।
इसमें भी आपको 'Book Appointment' का विकल्प मिलेगा।
ऊपर बताए गए ORS वाले तरीके की तरह ही आप इसमें भी बहुत आसानी से अपनी तारीख और डॉक्टर चुन सकते हैं। यह ऐप पुराने मरीजों (Follow-up patients) के लिए बहुत बढ़िया है।
ऑनलाइन OPD और ऑफलाइन लाइन में क्या फर्क है? (Quick Info Table)
यहाँ एक छोटी सी टेबल है जिससे आपको पूरी बात एक झटके में समझ आ जाएगी:
| फीचर्स (सुविधाएं) | ऑफलाइन ओपीडी (लाइन में लगकर) | ऑनलाइन ओपीडी (ORS/App के जरिये) |
| लाइन में लगने का समय | सुबह 3 बजे से 4 बजे तक। | लाइन में लगने की कोई जरूरत नहीं। |
| बुकिंग कन्फर्मेशन | कोई गारंटी नहीं, काउंटर बंद हो सकता है। | 100% गारंटी, सीट पहले से रिजर्व है। |
| रजिस्ट्रेशन फीस | 30 रुपये नकद (Cash)। | 30 रुपये ऑनलाइन पेमेंट। |
| अस्पताल पहुँचने का समय | सुबह-सुबह अंधेरे में पहुँचना पड़ता है। | सुबह 8:30 से 10:00 बजे के बीच आराम से जाएं। |
| मानसिक शांति | धक्का-मुक्की और दलालों का चक्कर। | कोई टेंशन नहीं, सीधा काउंटर पर जाएं। |
अस्पताल पहुंचने के बाद क्या करें? (यह जानना बहुत जरूरी है)
ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद कई लोग यह गलती करते हैं कि सीधा डॉक्टर के कमरे के बाहर जाकर बैठ जाते हैं। ऐसा नहीं करना है।
जब आप अपनी ऑनलाइन स्लिप (प्रिंट आउट) लेकर एम्स पटना पहुंचें, तो आपको यह प्रक्रिया निभानी होगी:
अस्पताल के मेन ओपीडी हॉल में जाएं।
वहां "Online Registration / Online Appointment" का एक अलग काउंटर बना होता है (आमतौर पर काउंटर नंबर 1 या 2)। इस काउंटर पर भीड़ बहुत कम होती है।
वहां बैठे कर्मचारी को अपनी ऑनलाइन प्रिंट की हुई स्लिप दिखाएं।
वह कर्मचारी आपके स्लिप का बारकोड स्कैन करेगा और एम्स पटना की पक्की पीली या गुलाबी रंग की फिजिकल पर्ची (OPD Card) बनाकर आपको दे देगा। (इस काम में मुश्किल से 5 मिनट लगते हैं)।
अब उस पर्ची पर लिखे हुए कमरे नंबर (Room No.) के पास जाएं, अपनी पर्ची जमा करें और अपने नाम के पुकारे जाने का इंतजार करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. एम्स पटना में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की बुकिंग कितने दिन पहले करनी होती है?
आमतौर पर एम्स पटना में 15 से 30 दिन पहले तक के स्लॉट (Slot) खुलते हैं। लेकिन कुछ भारी भीड़ वाले विभागों (जैसे न्यूरोलॉजी या कार्डियोलॉजी) में आपको 1 या 2 हफ्ते पहले से नजर रखनी पड़ेगी क्योंकि वहां सीटें जल्दी भर जाती हैं।
2. अगर ORS पोर्टल पर लाल रंग (Red) दिखा रहा है, तो नई सीट कब खुलती है?
अगर सारी सीटें फुल हैं, तो आपको निराश नहीं होना है। एम्स का सिस्टम अक्सर सुबह 8 बजे या रात के 12 बजे नए दिन के स्लॉट खोलता है। आप इस समय चेक करेंगे तो आपको खाली सीट मिल सकती है।
3. क्या बिना आधार कार्ड के ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक किया जा सकता है?
हाँ, आप बिना आधार के भी बुकिंग कर सकते हैं। इसके लिए ORS पोर्टल पर "Book without Aadhaar" का विकल्प चुनना होगा। लेकिन इसमें आपको अस्पताल जाकर अपनी पहचान वेरीफाई करवानी पड़ती है। आधार कार्ड से काम तुरंत और पक्का होता है।
4. अगर किसी वजह से मैं बुकिंग वाले दिन अस्पताल नहीं जा पाया, तो क्या होगा?
आपकी वह स्लिप सिर्फ उसी तारीख के लिए मान्य (Valid) होती है। अगर आप उस दिन नहीं जाते हैं, तो वह बुकिंग रद्द (Cancel) हो जाएगी। आपको अगले किसी दिन के लिए दोबारा से नया अपॉइंटमेंट बुक करना पड़ेगा।
5. क्या एम्स पटना में ओपीडी की 30 रुपये की फीस के बाद डॉक्टर की अलग से फीस लगती है?
जी नहीं! एम्स एक सरकारी संस्थान है। यह 30 रुपये आपका रजिस्ट्रेशन चार्ज है। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने, उनका परामर्श लेने का कोई भी पैसा आपको नहीं देना होता है। यहाँ तक कि अस्पताल के अंदर दवाइयां और टेस्ट भी बाहर के मुकाबले बहुत सस्ते होते हैं।
आखिरी बात
देखिए भैया, बीमारी किसी को बता कर नहीं आती, और जब आती है तो इंसान हर तरफ से परेशान हो जाता है। ऐसे में अस्पताल की लंबी लाइनें इस परेशानी को और बढ़ा देती हैं। पटना एम्स बिहार के लोगों के लिए एक वरदान है, यहाँ का इलाज बहुत उम्दा है। बस जरूरत है तो थोड़ी जागरूकता की।
स्मार्टफोन आज हर घर में है, तो क्यों न उसका सही इस्तेमाल किया जाए? अगली बार जब भी आपको या आपके पड़ोस में किसी को पटना एम्स जाना हो, तो उन्हें यह ऑनलाइन नंबर लगाने का तरीका जरूर बताएं। इस पोस्ट को अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स में, गांव-जवार के लोगों के साथ शेयर करें। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी बीमार बुजुर्ग को एम्स के बाहर रात भर फुटपाथ पर सोने से बचा सकती है। स्वस्थ रहें, जागरूक रहें!
