पटना पहुंचने के बाद तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में शराबबंदी कानून प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो रहा है। उन्होंने इसके लिए सत्ता में बैठे लोगों के संरक्षण का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप तेजस्वी यादव की राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आए हैं।
शराबबंदी को लेकर तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह विफल हो चुकी है। उनका आरोप है कि शराब के अवैध कारोबार को सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों का संरक्षण मिल रहा है।
उन्होंने इसे सत्ता में बैठे लोगों से जुड़ा कथित रैकेट बताया। तेजस्वी के मुताबिक, यदि सरकार शराबबंदी को लेकर गंभीर है तो अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
शराबबंदी कानून की समीक्षा के सवाल पर तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जवाब मांगने की बात कही। उन्होंने कहा कि समीक्षा की जरूरत है या नहीं, इस पर सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
बिहार में शराबबंदी को लेकर एनडीए के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आने का दावा तेजस्वी ने किया। उनके मुताबिक, कुछ नेता कानून की समीक्षा की बात करते हैं, जबकि कुछ इसके समर्थन में खड़े हैं।
19 अगस्त को राजभवन मार्च की तैयारी
तेजस्वी यादव ने बताया कि राजद 19 अगस्त को राजभवन मार्च निकालेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। तेजस्वी ने बताया कि मार्च का एक प्रमुख मुद्दा सिवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल का मामला रहेगा।
राजद नेता का आरोप है कि इस मामले में अब तक अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई और प्राथमिकी को लेकर भी सवाल उठाए।
तेजस्वी ने कहा कि पूरे मामले में केवल एक पुलिसकर्मी को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, मामले की जिम्मेदारी तय करते हुए व्यापक जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।
सिवान AK-47 मामले में कार्रवाई पर सवाल
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि सिवान में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की ओर से AK-47 का इस्तेमाल किया गया और इस घटना को लेकर उन्होंने पहले भी पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुलाकात के बाद भी मामले में बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई। तेजस्वी ने कहा कि किसी वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई और प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
राजद इस मुद्दे को लेकर 19 अगस्त के राजभवन मार्च में विपक्षी दलों को भी साथ लाने की तैयारी में है। तेजस्वी यादव ने महागठबंधन से जुड़े नेताओं से भी मार्च में शामिल होने की अपील की है।
यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है जब बिहार में छात्र आंदोलनों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद लगातार राजनीतिक चर्चा में बने हुए हैं। विपक्ष सरकार से पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल कर रहा है।
शराबबंदी और कानून-व्यवस्था पर बढ़ेगा राजनीतिक दबाव?
तेजस्वी यादव के ताजा बयान से बिहार में शराबबंदी और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। एक तरफ सरकार शराबबंदी को लेकर अपने फैसलों और व्यवस्था का बचाव करती रही है, वहीं विपक्ष लगातार इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाता रहा है।
शराबबंदी बिहार की राजनीति का संवेदनशील मुद्दा रहा है। इसके प्रभाव को लेकर राजस्व, अवैध शराब कारोबार, कानून-व्यवस्था और सामाजिक असर जैसे विषयों पर समय-समय पर बहस होती रही है।
वहीं, सिवान का AK-47 मामला विपक्ष के लिए पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बन गया है। राजभवन मार्च के जरिए राजद इन दोनों विषयों को व्यापक राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने की कोशिश कर रहा है।
अब नजर 19 अगस्त के राजभवन मार्च पर रहेगी। इस दौरान तेजस्वी यादव और राजद की ओर से सरकार के खिलाफ कौन-कौन से सवाल उठाए जाते हैं और सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है, यह राजनीतिक रूप से अहम होगा।
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