तेज प्रताप यादव की बढ़ी मुश्किलें, संजय सिंह ने भेजा 50 करोड़ का मानहानि नोटिस
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बिहार की राजनीति में एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। तेज प्रताप यादव द्वारा मंत्री संजय सिंह पर लगाए गए कथित गंभीर आरोपों के बाद अब उन्हें 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है। तेज प्रताप यादव को नोटिस में सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई है। पीएचईडी मंत्री और महुआ से विधायक संजय सिंह की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार ने यह कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस कथित तौर पर तेज प्रताप यादव के व्हाट्सएप और ई-मेल पर भेजा गया है। मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जो तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संजय सिंह को लेकर लगाए थे। मंत्री ने इन आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और उनकी छवि खराब करने वाला बताया है।
मंत्री संजय सिंह ने भेजा 50 करोड़ का मानहानि नोटिस
संजय सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। नोटिस के अनुसार, इन दावों से मंत्री की राजनीतिक और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है। कानूनी नोटिस में तेज प्रताप यादव से सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि निर्धारित समय के अंदर माफी नहीं मांगी गई तो 50 करोड़ रुपये की मानहानि का केस दायर किया जा सकता है। मंत्री की ओर से यह भी दावा किया गया है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। संजय सिंह का पक्ष है कि ऐसे आरोपों से उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन को भी नुकसान पहुंचा है। यह मामला अब बिहार की राजनीति के साथ-साथ कानूनी बहस का भी विषय बन गया है। आने वाले दिनों में तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया और इस नोटिस पर उनकी कानूनी रणनीति पर नजर रहेगी।
तेज प्रताप यादव ने संजय सिंह पर क्या आरोप लगाए थे?
तेज प्रताप यादव ने 30 अगस्त को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक तस्वीर साझा करते हुए संजय सिंह को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने दिल्ली के एक होटल से जुड़े कथित घटनाक्रम का जिक्र किया था। पोस्ट में दावा किया गया था कि मंत्री पर एक युवती के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और शोषण का प्रयास करने के आरोप सामने आ रहे हैं। तेज प्रताप यादव ने यह भी लिखा था कि होटल कर्मियों के हस्तक्षेप से स्थिति संभाले जाने का दावा किया जा रहा है। उनकी पोस्ट में मामले को कथित तौर पर 25 लाख रुपये के लेन-देन के जरिए रफा-दफा किए जाने के आरोप का भी उल्लेख किया गया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस इनपुट में उपलब्ध नहीं है। तेज प्रताप यादव ने अपनी पोस्ट में कहा था कि अगर लगाए जा रहे आरोप सही हैं तो मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने जनता के सामने सच्चाई आने और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की थी। यही सोशल मीडिया पोस्ट अब दोनों नेताओं के बीच कानूनी विवाद की बड़ी वजह बन गई है।
संजय सिंह ने आरोपों को बताया साजिश, सबूत पेश करने की दी चुनौती
तेज प्रताप यादव के आरोपों के बाद मंत्री संजय सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में इन दावों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि यह सरकार और मंत्रिपरिषद की छवि को बदनाम करने की साजिश है। संजय सिंह ने चुनौती देते हुए कहा था कि अगर किसी व्यक्ति के पास आरोपों से जुड़ा कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो वह राजनीति से संन्यास लेने के लिए तैयार हैं। अब मानहानि नोटिस भेजे जाने के बाद मंत्री ने इस विवाद को कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। नोटिस में तेज प्रताप यादव के सामने सार्वजनिक माफी का विकल्प रखा गया है। यदि सात दिनों के भीतर कोई माफी नहीं आती है, तो मंत्री की ओर से 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हालांकि, आगे की कानूनी कार्रवाई दोनों पक्षों के अगले कदम पर निर्भर करेगी।
महुआ विधानसभा सीट से जुड़ा है दोनों नेताओं का राजनीतिक मुकाबला
इस विवाद का एक राजनीतिक पहलू भी है, क्योंकि संजय सिंह और तेज प्रताप यादव दोनों का संबंध महुआ विधानसभा सीट से रहा है। वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में संजय सिंह महुआ सीट से विधायक चुने गए थे। इसी सीट से चुनाव मैदान में उतरे तेज प्रताप यादव को हार का सामना करना पड़ा था। चुनावी मुकाबले के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप चर्चा में रहे हैं। तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वहीं संजय सिंह राज्य सरकार में पीएचईडी मंत्री हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप और उसके बाद 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
अब तेज प्रताप यादव के जवाब पर टिकी नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि तेज प्रताप यादव इस कानूनी नोटिस का क्या जवाब देते हैं। नोटिस में सात दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। उनके पास आरोपों पर अपना पक्ष रखने, कानूनी जवाब देने या माफी मांगने जैसे विकल्प हो सकते हैं। यदि विवाद अदालत तक पहुंचता है तो दोनों पक्षों को अपने-अपने दावों और तर्कों के समर्थन में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई और कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम जांच या न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। फिलहाल संजय सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए 50 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस के जरिए तेज प्रताप यादव से जवाब मांगा है। बिहार की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि सात दिनों की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद अगला कदम दोनों नेताओं के रुख पर निर्भर करेगा।