Bihar Rain Alert: बिहार के सभी जिलों में अलर्ट, 11 जिलों में ऑरेंज चेतावनी; तेज हवा-बिजली के साथ बारिश के आसार
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बिहार में मॉनसून सक्रिय होने के बावजूद कई इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे लोगों और किसानों की चिंता बनी हुई है। इस बीच Bihar Rain Alert के तहत मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए चेतावनी जारी की है। Bihar Rain Alert के अनुसार पूर्वी और पश्चिम चंपारण समेत 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि शेष जिलों में येलो अलर्ट जारी है। मौसम के दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
बिहार के इन 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम ज्यादा खराब रहने की संभावना जताई गई है। खासतौर पर बक्सर, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में बारिश और तेज हवा की गतिविधियां अधिक प्रभावी रह सकती हैं। राज्य के बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में भी लोगों को मौसम में अचानक बदलाव, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
30 से 40 KM/H की रफ्तार से चल सकती है हवा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। तेज हवा के साथ बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए अचानक बढ़ सकती हैं। कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं, जबकि कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग रहने की संभावना है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचने की सलाह दी जाती है। बिजली गिरने की आशंका वाले समय में पेड़, बिजली के खंभों और खुले खेतों से दूरी बनाए रखना अधिक सुरक्षित हो सकता है।
तीन महीने बाद भी बिहार में बारिश की कमी
बिहार में मॉनसून के करीब तीन महीने गुजरने के बाद भी बारिश की कमी पूरी तरह दूर नहीं हुई है। अगस्त के अंतिम दिनों में कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश जरूर हुई, लेकिन इससे पूरे राज्य में वर्षा की कमी की भरपाई नहीं हो सकी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 11 जिलों में सामान्य से 50 प्रतिशत या उससे अधिक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 24 जिलों में सामान्य से 25 से 49 प्रतिशत तक बारिश की कमी बनी हुई है। बारिश की कमी का असर खासतौर पर कृषि गतिविधियों पर पड़ने की चिंता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों की नजर अब भादो यानी सितंबर के दौरान होने वाली बारिश पर टिकी है।
इन जिलों में सामान्य से आधी से भी कम बारिश
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जहानाबाद में सामान्य से करीब 64 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। यह राज्य में बारिश की बड़ी कमी वाले जिलों में शामिल है। शेखपुरा और सीतामढ़ी में करीब 60 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं भागलपुर, भोजपुर और जमुई में सामान्य से करीब 55 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। मुजफ्फरपुर में करीब 52 प्रतिशत, पटना में 51 प्रतिशत, दरभंगा में 53 प्रतिशत, सारण में 51 प्रतिशत और सहरसा में करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि मॉनसून सक्रिय रहने के बावजूद बारिश का वितरण पूरे बिहार में एक समान नहीं रहा। कुछ जगहों पर तेज बारिश हुई, जबकि कई जिले अभी भी सामान्य से काफी कम वर्षा का सामना कर रहे हैं।
पिछले 24 घंटे में इन जगहों पर हुई भारी बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान बिहार के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। औरंगाबाद, सीवान, समस्तीपुर और सुपौल के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई। औरंगाबाद के ओबरा में 82.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुपौल के वीरपुर में 82 मिलीमीटर और समस्तीपुर के हसनपुर में 70 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों में हुई बारिश से स्थानीय स्तर पर राहत मिली है, लेकिन राज्यव्यापी बारिश की कमी को देखते हुए अभी और व्यापक तथा नियमित वर्षा की जरूरत बनी हुई है।
सितंबर में कैसा रहेगा बिहार का मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के उपलब्ध पूर्वानुमानों के अनुसार सितंबर में भी बिहार में मॉनसून की बारिश असमान रह सकती है। भादो के पहले सप्ताह में कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि शुरुआती दिनों के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं। सितंबर में पूरे महीने हर क्षेत्र में एक जैसी और लगातार बारिश होने की संभावना कम बताई जा रही है। इस वजह से जिन जिलों में बारिश की कमी अधिक है, वहां लोगों की उम्मीद आने वाले दिनों में बनने वाले मौसमी सिस्टम पर टिकी रहेगी। मौसम की स्थिति में बदलाव के साथ स्थानीय स्तर पर पूर्वानुमान भी बदल सकता है।
31 अगस्त से शुरुआती सितंबर तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त से सितंबर के शुरुआती दिनों तक बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ हवा और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। लोगों को सलाह है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाएं। किसान भी खेतों में काम करने के दौरान बिजली और तेज हवा को लेकर विशेष सतर्कता बरतें। कुल मिलाकर बिहार में मॉनसून सक्रिय है, लेकिन बारिश की असमान स्थिति अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले शुरुआती सितंबर के दिन यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि राज्य में बारिश की कमी कितनी हद तक कम हो पाती है।
