नेपाल डैम से बजट तक, दिल्ली में सम्राट चौधरी की हाईलेवल बैठक

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा राज्य के लिए कई मायनों में अहम रहा। सम्राट चौधरी ने कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में भारत-नेपाल जल एवं बांध परियोजनाओं, बिहार की बाढ़ समस्या, सीमा सुरक्षा, केंद्रीय बजट, वित्तीय सहायता और विकास योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

एक ही बैठक में विदेश और वित्त मंत्रालय के मुद्दे

दिल्ली में हुई इस बैठक को बिहार के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें केंद्र सरकार के दो अहम मंत्रालयों से जुड़े मुद्दों पर एक साथ चर्चा हुई।

करीब एक घंटे तक चली बातचीत में पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भारत-नेपाल संबंधों और सीमा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बिहार की आर्थिक जरूरतों और विकास योजनाओं से संबंधित मुद्दों पर बातचीत जारी रही।

बैठक में राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय के जरिए लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

नेपाल में हाई लेवल डैम पर क्यों है बिहार की नजर?

बैठक का सबसे अहम मुद्दा भारत-नेपाल जल और बांध परियोजनाओं से जुड़ा रहा। बिहार लंबे समय से नेपाल से आने वाली नदियों के कारण मानसून के दौरान बाढ़ की गंभीर समस्या का सामना करता रहा है।

ऐसे में नेपाल में प्रस्तावित हाई लेवल डैम और जल प्रबंधन परियोजनाओं को लेकर भारत और नेपाल के बीच बेहतर समन्वय बिहार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

बिहार सरकार की कोशिश है कि नेपाल के साथ जल संसाधनों से जुड़े विषयों पर प्रभावी बातचीत आगे बढ़े, ताकि बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक समाधान तलाशे जा सकें।

नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि का सीधा असर उत्तर बिहार के कई जिलों पर पड़ता है। इसलिए जल और बांध परियोजनाओं का मुद्दा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा और जनजीवन से भी जुड़ा है।

सीमा सुरक्षा पर भी हुआ मंथन

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। बिहार की नेपाल के साथ लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।

बैठक में सीमा से जुड़े रणनीतिक मुद्दों और दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर चर्चा हुई।

खास तौर पर जल परियोजनाओं और सीमा से जुड़े मामलों में केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

इस तरह दिल्ली बैठक में बिहार के लिए आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।

बजट और बिहार की वित्तीय जरूरतों पर क्या बात हुई?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बातचीत में बिहार की वित्तीय जरूरतों और बजट से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।

राज्य सरकार के सामने लगातार बुनियादी ढांचे, सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास योजनाओं को गति देने की चुनौती रहती है। ऐसे में केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता और विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है।

बैठक में बिहार की लंबित और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को तेजी देने तथा केंद्र से आवश्यक सहयोग हासिल करने पर चर्चा हुई।

हालांकि, बैठक के बाद किसी विशेष वित्तीय पैकेज या अतिरिक्त राशि की घोषणा की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे तत्काल बजटीय मंजूरी के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।

पर्यटन को लेकर भी बिहार ने रखा पक्ष

बैठक में बिहार के पर्यटन विकास का मुद्दा भी उठाया गया। राज्य में ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले कई प्रमुख स्थल हैं।

सरकार की कोशिश है कि पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए और देश-विदेश के पर्यटकों के लिए बिहार को अधिक आकर्षक बनाया जाए।

पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। ऐसे में केंद्र से सहयोग हासिल करना राज्य की आर्थिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बैठक में बिहार सरकार और एनडीए से जुड़े कई प्रमुख लोग शामिल रहे।

बैठक में प्रमुख रूप से मौजूद रहे:

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
  • केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर
  • उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी
  • जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा
  • बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत
  • केंद्र और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी

इससे बैठक के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसमें बिहार के प्रशासनिक, आर्थिक, कूटनीतिक और विकास से जुड़े कई पहलुओं को एक साथ रखा गया।

सोशल मीडिया पर सीएम ने क्या बताया?

बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।

उन्होंने बैठक को बिहार के विकास, समृद्धि और जनहित से जुड़े विषयों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में बातचीत सार्थक रही।

उन्होंने भारत-नेपाल जल एवं बांध परियोजनाओं, बजट से जुड़े विषयों, पर्यटन विकास और बिहार के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की जानकारी दी।

बिहार के लिए आगे क्या मायने?

दिल्ली की यह बैठक बिहार के लिए कई स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकती है। नेपाल से जुड़े जल प्रबंधन और बांध परियोजनाओं पर प्रगति होने से बाढ़ नियंत्रण की दिशा में दीर्घकालिक समाधान की उम्मीद बढ़ सकती है।

वहीं, केंद्र के साथ वित्तीय और विकास संबंधी समन्वय मजबूत होने से राज्य की लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है, लेकिन वास्तविक परिणाम संबंधित परियोजनाओं पर आगे होने वाले फैसलों से स्पष्ट होंगे। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि दिल्ली में हुई इस बातचीत के बाद बिहार को वित्तीय सहायता, बाढ़ नियंत्रण और विकास परियोजनाओं के मोर्चे पर क्या ठोस उपलब्धियां मिलती हैं।


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