निर्गुण सुनकर खिलखिलाए नीतीश कुमार, संजय झा से बोले- कितना अच्छा गाना

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पटना में एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार का अलग अंदाज देखने को मिला। मंच से भोजपुरी के चर्चित लोक गायक भरत शर्मा 'व्यास' निर्गुण भजन सुना रहे थे और सामने बैठे नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए तालियां बजा रहे थे। सावन की शाम में संगीत और श्रद्धांजलि के इस कार्यक्रम का माहौल उस समय खास हो गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री गाने के बोल पर अपने साथ बैठे जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से भी चर्चा करते नजर आए।

श्याम रजक के आवास पर आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा

यह पूरा कार्यक्रम जेडीयू नेता श्याम रजक के पटना स्थित आवास पर आयोजित किया गया था। उनकी पत्नी अलका रजक की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा रखी गई थी। कार्यक्रम में बिहार के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार भी जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान धार्मिक और लोक संगीत की प्रस्तुति भी रखी गई थी। इसी क्रम में भोजपुरी के प्रसिद्ध गायक भरत शर्मा 'व्यास' ने निर्गुण भजनों की प्रस्तुति दी।

भरत शर्मा 'व्यास' के निर्गुण पर झूमे नीतीश

मंच पर भरत शर्मा 'व्यास' निर्गुण गा रहे थे। उनके गीत के बोल थे- 'अंगना दुआर सगरी, महल अटरिया, तोरा बिना निक नाही लागे रे सांवरिया।'

गीत की प्रस्तुति के दौरान नीतीश कुमार काफी ध्यान से इसे सुनते नजर आए। वह बीच-बीच में तालियां बजा रहे थे और चेहरे पर मुस्कान भी दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम के दौरान उनका यह अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए खास रहा। सामान्य तौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों में गंभीर मुद्रा में नजर आने वाले नीतीश कुमार इस मौके पर संगीत का आनंद लेते दिखे।

संजय झा से भी गाने को लेकर की चर्चा

गाना सुनते हुए नीतीश कुमार ने अपने बगल में बैठे संजय झा की ओर इशारा किया। ऐसा लगा कि वह उन्हें गीत और गायकी की ओर ध्यान दिला रहे हैं। इसके बाद उन्होंने श्याम रजक की ओर भी इशारा किया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे भरत शर्मा 'व्यास' की तरफ देखते हुए नीतीश कुमार ने हाथ के इशारे से कार्यक्रम की सराहना की और तालियां बजाईं। पूरे कार्यक्रम में उनका व्यवहार सहज नजर आया। गीत की प्रस्तुति के बीच उनका मुस्कुराना और खिलखिलाकर हंसना भी चर्चा का विषय बना।

काफी समय बाद अलग मूड में दिखे पूर्व CM

इस कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियो में नीतीश कुमार का एक अलग रूप देखने को मिला। वह काफी सहज और हल्के-फुल्के मूड में नजर आए। सावन की शाम, श्रद्धांजलि सभा और निर्गुण संगीत के बीच नीतीश कुमार ने कार्यक्रम का आनंद लिया। उनके साथ मौजूद संजय झा समेत अन्य नेताओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हालांकि यह पूरा आयोजन राजनीतिक गतिविधि के बजाय श्रद्धांजलि सभा के रूप में रखा गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अलका रजक को उनकी पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देना था।

कौन हैं भरत शर्मा 'व्यास'?

भरत शर्मा 'व्यास' भोजपुरी संगीत जगत के चर्चित नामों में शामिल हैं। खासतौर पर लोकगीत और निर्गुण गायन के क्षेत्र में उनकी पहचान रही है। उनकी प्रस्तुति ने श्रद्धांजलि सभा के माहौल को आध्यात्मिक और भावनात्मक रंग दिया। इसी दौरान नीतीश कुमार भी गीत को ध्यान से सुनते और तालियां बजाते दिखाई दिए। कार्यक्रम की खास बात यही रही कि राजनीतिक हलचल से अलग एक सार्वजनिक मंच पर नीतीश कुमार संगीत का आनंद लेते नजर आए। उनके मुस्कुराते चेहरे और गाने पर प्रतिक्रिया ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अंदाज

नीतीश कुमार का यह सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन सकता है। खासकर इसलिए क्योंकि राजनीतिक कार्यक्रमों से अलग इस आयोजन में वह पूरी तरह संगीत में रुचि लेते दिखाई दिए। उनका संजय झा से बातचीत करना, मंच की ओर इशारा करना और कलाकार के लिए तालियां बजाना कार्यक्रम के प्रमुख क्षणों में रहा। यह दृश्य इसलिए भी खास था क्योंकि इसमें कोई राजनीतिक भाषण या बयान नहीं था। इसके बजाय संगीत, श्रद्धा और आपसी संवाद के बीच नीतीश कुमार का सहज रूप सामने आया। 

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