परीक्षा में छात्रा की पिटाई के आरोप पर बवाल, डेढ़ घंटे रुकी परीक्षा
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर में कॉलेज परीक्षा हंगामा का मामला सामने आया है। कॉलेज परीक्षा हंगामा उस समय शुरू हुआ जब हसनपुर प्रखंड के भारद्वाज महाविद्यालय सकरपुरा में छात्रों ने प्रिंसिपल और प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल मिलने के विवाद में प्रिंसिपल ने एक छात्रा के साथ मारपीट की। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस बल कॉलेज परिसर पहुंचा और समझाने के बाद स्थिति शांत कराई गई।
हंगामे के कारण स्नातक चौथे सेमेस्टर की परीक्षा करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रही। बाद में स्थिति सामान्य होने पर परीक्षा दोबारा शुरू कराई गई।
मोबाइल मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद
भारद्वाज महाविद्यालय सकरपुरा में स्नातक चौथे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी कॉलेज में रोसड़ा के यूआर कॉलेज का परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
परीक्षा की पहली पाली के दौरान परीक्षार्थी डोली कुमारी के डेस्क के नीचे से एक मोबाइल फोन मिलने की बात सामने आई। छात्रा का दावा है कि वह मोबाइल उसका नहीं था।
छात्रा के अनुसार, मोबाइल मिलने के बावजूद कॉलेज के प्रिंसिपल ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की। इस घटना को लेकर परीक्षा कक्ष में मौजूद कुछ छात्रों ने विरोध जताया।
छात्रों का आरोप है कि विरोध करने पर परीक्षा कक्ष में गाली-गलौज भी की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परीक्षा खत्म होते ही छात्रों ने किया हंगामा
पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राएं एकजुट हो गए। उन्होंने कॉलेज परिसर में प्रिंसिपल और महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हंगामे का रूप ले लिया। बड़ी संख्या में छात्रों के एकत्र होने से कॉलेज परिसर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
छात्रों की मांग थी कि छात्रा के साथ कथित मारपीट की घटना की जांच हो और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
हंगामे के कारण दूसरी पाली से जुड़ी परीक्षा प्रक्रिया भी प्रभावित हुई और परीक्षा करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रही।
पुलिस पहुंची, समझाने के बाद शांत हुआ मामला
कॉलेज में हंगामे की सूचना मिलने के बाद हसनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष सुनील कांत के नेतृत्व में पुलिस बल ने कॉलेज परिसर में पहुंचकर छात्रों से बातचीत की।
पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बातचीत के बाद छात्रों ने अपना विरोध शांत किया।
इसके बाद कॉलेज में परीक्षा फिर से शुरू कराई गई। पुलिस ने महाविद्यालय प्रबंधन से भी मामले को लेकर बातचीत शुरू की है।
थानाध्यक्ष सुनील कांत ने बताया कि पुलिस को कॉलेज में छात्रों के हंगामे की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मामला शांत कराया गया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रबंधन से बातचीत की जा रही है।
छात्रा ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप
परीक्षार्थी डोली कुमारी ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान उसके डेस्क के नीचे मोबाइल फोन मिला था, लेकिन वह फोन उसका नहीं था।
छात्रा का कहना है कि इसके बावजूद प्रिंसिपल ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की। छात्रों ने जब इसका विरोध किया तो स्थिति और बिगड़ गई।
छात्रों के मुताबिक, परीक्षा कक्ष में हुई कथित घटना के बाद ही नाराजगी बढ़ी और पहली पाली की परीक्षा खत्म होते ही उन्होंने सामूहिक रूप से विरोध शुरू कर दिया।
दूसरी ओर, कॉलेज प्रिंसिपल पशुपतिनाथ पूर्वे ने छात्रा की पिटाई के सवाल पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि छात्रा के पास से मोबाइल मिला था, इसलिए उसे परीक्षा देने से रोका गया।
कॉलेज की जांच व्यवस्था पर भी उठे सवाल
मामले में एक सवाल कॉलेज की परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठ रहा है। कॉलेज प्रिंसिपल के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से पहले प्रवेश द्वार पर छात्रों की गहन जांच की जाती है।
ऐसे में छात्रों और स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि प्रवेश के समय जांच होती है, तो परीक्षा कक्ष में छात्रा के डेस्क के नीचे मोबाइल कैसे पहुंचा।
हालांकि, मोबाइल वहां कैसे पहुंचा और वह किसका था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। इस बिंदु पर कॉलेज प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से तथ्य सामने आना बाकी है।
डेढ़ घंटे तक प्रभावित रही परीक्षा
हंगामे का सीधा असर स्नातक चौथे सेमेस्टर की परीक्षा पर पड़ा। कॉलेज परिसर में विरोध और पुलिस की मौजूदगी के कारण परीक्षा करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रही।
स्थिति शांत होने के बाद परीक्षा फिर शुरू कराई गई। इससे परीक्षार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
परीक्षा केंद्र पर ऐसी स्थिति पैदा होने से छात्रों की परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई। अब कॉलेज प्रबंधन के सामने परीक्षा व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के साथ विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में छात्रा के आरोप, कॉलेज प्रबंधन का पक्ष और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई सामने आई है। छात्रा के साथ वास्तव में मारपीट हुई या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
इसी तरह परीक्षा कक्ष में मिला मोबाइल किसका था और वह छात्रा के डेस्क के नीचे कैसे पहुंचा, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
पुलिस ने मामले को शांत करा दिया है और कॉलेज प्रबंधन से बातचीत की जा रही है। आने वाले समय में यदि कॉलेज प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो घटना की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल प्राथमिकता परीक्षा व्यवस्था को सुचारु रखना और छात्रों की शिकायतों की निष्पक्ष तरीके से जांच करना है, ताकि विवाद का तथ्यात्मक समाधान निकाला जा सके।
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