समस्तीपुर पुल पर मंत्रियों का काफिला देख भड़के लोग, 15 अगस्त को खुलेगा रास्ता?

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समस्तीपुर में बंद पुल को लेकर लोगों की परेशानी के बीच उस समय चर्चा तेज हो गई, जब रविवार को समस्तीपुर पुल से मंत्रियों और नेताओं का काफिला गुजर गया। समस्तीपुर पुल मरम्मत कार्य के कारण आम लोगों के लिए बंद है, लेकिन पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार और आपूर्ति मंत्री अशोक चौधरी समेत कई नेताओं के वाहन इसी रास्ते से निकलते दिखाई दिए।

पुल बंद रहने से स्थानीय लोगों को कुछ मीटर की दूरी तय करने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। ऐसे में मंत्रियों के काफिले के पुल से गुजरने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि जब इतने वाहन पुल पार कर सकते हैं तो आम लोगों के लिए रास्ता अभी तक बंद क्यों है।

बंद पुल से गुजरा मंत्रियों का काफिला

रविवार को पुल के आसपास अचानक गतिविधियां बढ़ गईं। सड़क पर लगी बैरिकेडिंग हटाई गई और रास्ता साफ कराया गया। इसके बाद पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार, आपूर्ति मंत्री अशोक चौधरी और अन्य नेताओं का काफिला पुल की ओर पहुंचा।

देखते ही देखते मंत्री की गाड़ी सहित डेढ़ दर्जन से अधिक वाहन पुल को पार कर गए। यह वही पुल है, जिसे मरम्मत कार्य के चलते आम लोगों की आवाजाही के लिए बंद रखा गया है।

मंत्री पुल पर उतरे और कुछ कदम तक पैदल चलकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद वह वापस वाहन में बैठे और काफिला पुल पार कर आगे निकल गया।

काफिले के गुजरने का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई। लोगों की मुख्य चिंता पुल के बंद रहने और रोजाना होने वाली अतिरिक्त यात्रा को लेकर है।

आम लोगों को कई किलोमीटर का लगाना पड़ रहा चक्कर

पुल बंद होने का सबसे सीधा असर रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। बाइक सवारों को एसडीओ कार्यालय से चीनी मिल चौक तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

चारपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी और ज्यादा है। उन्हें करीब छह से सात किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे लोगों का समय और ईंधन दोनों खर्च हो रहा है।

स्थानीय लोगों के लिए यह परेशानी केवल एक-दो दिन की नहीं है। कई दिनों से पुल बंद होने के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। नौकरी, कारोबार, बाजार और दूसरे जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

काफिला गुजरने के बाद लोगों ने उठाए सवाल

मंत्रियों का काफिला पुल से गुजरने के बाद स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि अगर पुल पर डेढ़ दर्जन से ज्यादा वाहन गुजर सकते हैं, तो आम वाहनों के लिए रास्ता पूरी तरह बंद क्यों रखा गया है।

हालांकि, अधिकारियों की ओर से पुल की सुरक्षा और मरम्मत कार्य के दौरान आम यातायात को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। इसलिए केवल काफिले के गुजरने के आधार पर पुल को आम लोगों के लिए सुरक्षित मान लेना उचित नहीं होगा।

मामले में स्थानीय लोगों की परेशानी जरूर सामने आती है। लोगों को उम्मीद थी कि मंत्री मौके पर पहुंचकर मरम्मत की प्रगति और पुल की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण करेंगे।

15 अगस्त से आम लोगों के लिए खुलने का दावा

निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार ने पुल को लेकर बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद वह पहली बार इस इलाके में पहुंचे हैं और पुल की मरम्मत की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।

मंत्री के मुताबिक, पुल का मरम्मत कार्य अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से पुल को आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

अगर तय समय पर पुल खुल जाता है तो स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर बाइक और चारपहिया वाहन चालकों को रोजाना तीन से सात किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

फिलहाल लोगों की नजरें मरम्मत कार्य पूरा होने और पुल को निर्धारित तारीख पर खोलने पर टिकी हैं। पुल खुलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से कितनी राहत मिलती है।

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