सहारा रिफंड स्टेटस चेक: फॉर्म रिजेक्ट (Reject) हो गया है? जानिए अब आगे क्या करना है
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परिचय: उम्मीद के बाद मायूसी, पर घबराने की जरूरत नहीं
भईया, जब कई सालों के लंबे इंतजार के बाद सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Refund Portal) चालू किया था, तो पटना से लेकर बिहार के सभी जिलों में आम लोगों के चेहरे पर एक गजब की उम्मीद जग गई थी। सबको लगा था कि चलो, खून-पसीने की गाढ़ी कमाई अब वापस आ जाएगी। बहुत से लोगों ने साइबर कैफे जाकर या खुद से रात-रात भर जागकर ऑनलाइन क्लेम (Online Claim) फॉर्म भरा।
लेकिन, असली माथापच्ची तो 45 दिन बाद शुरू हुई। दावों की जांच के बाद, लाखों लोगों के मोबाइल पर एक मैसेज आ गया— "Deficiency Communicated"। इसका सीधा सा मतलब है कि आपका फॉर्म किसी न किसी गलती की वजह से रिजेक्ट (Reject) कर दिया गया है। जब आदमी अपनी ही मेहनत का पैसा पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा हो और ऊपर से ऐसा मैसेज आ जाए, तो गुस्सा और निराशा होना लाजमी है।
लेकिन एक लोकल पत्रकार होने के नाते, मैं आज आपसे बिल्कुल जमीनी हकीकत बात करने आया हूँ। अगर आपका भी फॉर्म रिजेक्ट हो गया है, तो आपको जरा भी घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इस समस्या का समाधान निकाल दिया है। इस आर्टिकल में, मैं आपको बिल्कुल अपनी ठेठ और आसान भाषा में समझाऊंगा कि अपना स्टेटस (Status) सही तरीके से कैसे चेक करना है, रिजेक्ट होने का असली कारण कैसे पता लगाना है, और सबसे जरूरी बात—रुका हुआ पैसा वापस पाने के लिए फॉर्म को दोबारा (Resubmit) कैसे करना है।
इस पूरी गाइड को तसल्ली से पढ़िए, ताकि इस बार आपसे या कैफे वाले से कोई गलती न हो और आपका पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाए।
सबसे पहले: अपना सहारा रिफंड स्टेटस (Status) कैसे चेक करें?
मैसेज तो आ गया, लेकिन पोर्टल पर असली में क्या दिखा रहा है, यह जानना सबसे ज्यादा जरूरी है। कई बार मैसेज देरी से आता है या गलत भी आ जाता है। अपना सही स्टेटस चेक करने के लिए ये स्टेप्स अपनाएं:
स्टेटस चेक करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:
अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में सरकार का असली पोर्टल खोलें: mocrefund.crcs.gov.in
होमपेज पर ऊपर की तरफ Depositor Login (जमाकर्ता लॉगिन) का बटन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
अब अपने आधार कार्ड के आखिरी 4 अंक (Last 4 Digits) डालें।
उसके नीचे अपना वह मोबाइल नंबर डालें जो आधार से जुड़ा हुआ है।
Get OTP पर क्लिक करें। आपके फोन पर एक ओटीपी आएगा, उसे भरकर सबमिट करें।
लॉगिन होते ही आपकी स्क्रीन पर आपका क्लेम स्टेटस (Claim Status) खुल जाएगा।
अगर आपके स्टेटस में हरे रंग से 'Approved' या 'Settled' लिखा है, तो बधाई हो! आपका पैसा जल्द ही खाते में आ जाएगा। लेकिन अगर वहां लाल या पीले रंग में 'Deficiency Communicated' या 'Rejected' लिखा है, तो इसका मतलब है कि फॉर्म में कोई खोट रह गई है।
फॉर्म रिजेक्ट (Reject) क्यों होता है? (Deficiency Codes का असली मतलब)
पोर्टल पर जब आप 'Deficiency' (कमी) वाले कारण को डाउनलोड करते हैं, तो वहां बहुत भारी-भरकम अंग्रेजी लिखी होती है, जो आम आदमी के पल्ले नहीं पड़ती। आइए, मैं आपको उन मुश्किल कारणों का बिल्कुल सीधा और आसान मतलब समझाता हूँ:
1. Claim is completely matching with multiple accounts:
मतलब: आपने जल्दबाजी में एक ही बॉन्ड (Bond) की जानकारी कई बार भर दी है, या एक ही खाते के लिए दो अलग-अलग क्लेम कर दिए हैं।
2. Image of the document is not clear / blur:
मतलब: आपने जो बॉन्ड पेपर, पासबुक की फोटो या रसीद अपलोड की है, वह इतनी धुंधली है कि पोर्टल पर बैठे अधिकारी उसे पढ़ ही नहीं पा रहे हैं। अगर खाता नंबर या नाम साफ नहीं दिखेगा, तो वो फॉर्म रिजेक्ट कर देंगे।
3. Depositor details not matching with Sahara records:
मतलब: आपके आधार कार्ड में आपका नाम कुछ और है (जैसे- राम कुमार) और सहारा के बॉन्ड पर कुछ और (जैसे- राम कुमार सिंह)। यह नाम का मिसमैच (Mismatch) सबसे बड़ा कारण है।
4. Account not Aadhaar/DBT seeded:
मतलब: आपका बैंक खाता आपके आधार से तो जुड़ा है, लेकिन वह DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के लिए मैप (Map) नहीं है। जब तक बैंक वाले NPCI मैपिंग चालू नहीं करेंगे, सरकार पैसा नहीं भेज पाएगी।
5. Depositor signature mismatch:
मतलब: आपने फॉर्म डाउनलोड करके जो साइन (हस्ताक्षर) किया है, वो उस साइन से मेल नहीं खा रहा है जो आपने सालों पहले सहारा का खाता खोलते समय किया था।
आसान टेबल: रिजेक्ट हुए फॉर्म की कमियां और उनका पक्का इलाज
अगर फॉर्म में कोई भी कमी बताई गई है, तो उसका इलाज भी सरकार ने बताया है। इस टेबल से झट से समझें कि आपको क्या सुधारना है:
| रिजेक्शन का कारण (Deficiency Reason) | आपको क्या करना होगा? (Solution) |
| फोटो या डॉक्यूमेंट धुंधला होना (Blur Image) | असली बॉन्ड को स्कैनर से हाई-क्वालिटी (High Quality) में स्कैन करके दोबारा साफ-साफ अपलोड करें। |
| नाम में गड़बड़ी (Name Mismatch) | एक कानूनी शपथ पत्र (Affidavit) बनवाएं कि आधार और बॉन्ड वाला व्यक्ति एक ही है, और उसे अपलोड करें। |
| हस्ताक्षर न मिलना (Signature Mismatch) | नया फॉर्म प्रिंट करके बिल्कुल साफ और अपना रेगुलर साइन करें। साथ ही पहचान का एक और पक्का सबूत लगा दें। |
| बैंक खाता DBT से नहीं जुड़ा है | तुरंत अपनी बैंक शाखा में जाएं और बैंक मैनेजर से "DBT/NPCI मैपिंग" चालू करने का फॉर्म भर कर दें। |
| मल्टीपल क्लेम (Multiple Claims) | पुराने सभी क्लेम को भूल जाएं, और नए पोर्टल पर एक ही फॉर्म में सभी बॉन्ड की सही जानकारी एक साथ जोड़ें। |
फॉर्म रिजेक्ट हो गया है, तो अब क्या करें? (Resubmission Portal की जानकारी)
अगर स्टेटस में Deficiency आ गया है, तो आपको पुराने वाले पोर्टल (mocrefund.crcs.gov.in) पर जाकर बार-बार माथा नहीं फोड़ना है। वहां से कुछ नहीं होगा।
सरकार ने रिजेक्ट हुए फॉर्म को दोबारा भरने के लिए एक एकदम नया पोर्टल बनाया है, जिसका नाम है— CRCS Sahara Refund Resubmission Portal।
इसकी वेबसाइट है: crcsrefundresubmission.in
ध्यान देने वाली बहुत जरूरी बात:
आप इस नए पोर्टल पर अपना फॉर्म तभी दोबारा भर सकते हैं जब आपके मोबाइल पर रिजेक्शन का मैसेज (Deficiency Communicated) आए हुए कम से कम 45 दिन बीत चुके हों। 45 दिन से पहले सिस्टम आपको दोबारा फॉर्म भरने की इजाजत नहीं देगा।
दोबारा फॉर्म (Resubmission) कैसे भरें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
अगर 45 दिन पूरे हो गए हैं और आपने अपनी गलती पहचान ली है, तो अब पूरी तैयारी के साथ नया क्लेम करने का समय है। आइए जानते हैं इसका पूरा प्रोसेस:
स्टेप 1: नए पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले अपने ब्राउज़र में crcsrefundresubmission.in टाइप करें और इस वेबसाइट को खोलें।
स्टेप 2: Resubmission Login करें
होमपेज पर आपको Resubmission Login का बटन दिखेगा। इस पर क्लिक करें।
स्टेप 3: CRN नंबर (Claim Request Number) डालें
यहाँ आपको आधार नंबर नहीं, बल्कि अपना CRN (Claim Request Number) डालना है। यह 14 अंकों का वह नंबर है जो आपने पहली बार फॉर्म भरते समय पाया था (और यह आपके रिजेक्शन वाले SMS में भी लिखा होगा)।
स्टेप 4: OTP वेरिफिकेशन
CRN डालने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। उसे भरकर आगे बढ़ें।
स्टेप 5: कमियों को ध्यान से पढ़ें (Deficiency Details)
लॉगिन होते ही स्क्रीन पर आपको वो सब कमियां दिख जाएंगी जिनकी वजह से आपका फॉर्म रिजेक्ट हुआ था। हर बॉन्ड के आगे उसका कारण लिखा होगा।
स्टेप 6: गलतियों को सुधारें (Update Details)
अब 'Action' वाले बटन पर क्लिक करें। अगर नाम की गलती थी, तो नाम सुधारें और एफिडेविट (Affidavit) अपलोड करें। अगर फोटो धुंधली थी, तो यहाँ नया और बिल्कुल साफ स्कैन किया हुआ डॉक्यूमेंट (Upload Document) वाले डिब्बे में डालें।
स्टेप 7: नया फॉर्म जनरेट करें (Generate New Form)
जब आप सभी बॉन्ड की गलतियां सुधार लें, तो 'Next' दबाएं। अब सिस्टम एक नया क्लेम फॉर्म (Claim Request Form) जनरेट करेगा।
स्टेप 8: फॉर्म को प्रिंट करके साइन करें
इस नए फॉर्म को प्रिंट निकालें। इस पर अपनी एक नई पासपोर्ट साइज फोटो चिपकाएं। फोटो के ऊपर से तिरछा साइन (Cross Signature) करें। फॉर्म के नीचे अपना साइन करें और बैंक का नाम भरें।
स्टेप 9: फाइनल अपलोड और रसीद
इस साइन किए हुए फॉर्म की साफ फोटो खींचें या स्कैन करें और वापस पोर्टल पर आकर Upload कर दें। अंत में 'Submit' बटन दबाएं।
सबमिट करते ही आपको एक नया Acknowledgement Number मिल जाएगा। इसका मतलब है कि आपका सुधरा हुआ फॉर्म सरकार के पास पहुंच गया है।
दोबारा फॉर्म भरते समय इन 3 गलतियों से बचें
भईया, पहली बार गलती हो गई, कोई बात नहीं। लेकिन दूसरी बार गलती हुई, तो पैसा और ज्यादा लटक जाएगा। इसलिए ये बातें पल्ले बांध लें:
जल्दबाजी न करें: बहुत से लोग कैफे वाले को डॉक्यूमेंट देकर चले जाते हैं। ऐसा बिल्कुल मत कीजिए। कैफे वाले के बगल में बैठिए और खुद चेक कीजिए कि वह बॉन्ड नंबर और रसीद नंबर सही टाइप कर रहा है या नहीं।
पैन कार्ड (PAN Card) न भूलें: अगर आपका क्लेम (मूलधन) 50,000 रुपये या उससे ज्यादा का है, तो पैन कार्ड की कॉपी लगाना अनिवार्य है। पहली बार में कई लोगों का फॉर्म इसी वजह से रिजेक्ट हुआ था।
सिर्फ मूलधन (Principal Amount) भरें: फॉर्म में जो 'Deposit Amount' का बॉक्स होता है, उसमें सिर्फ वही रकम भरें जो आपने अपनी जेब से जमा की थी। कई लोग ब्याज (Interest) जोड़कर मैच्योरिटी की पूरी रकम भर देते हैं, जिससे क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या दोबारा फॉर्म (Resubmission) भरने की कोई फीस लगती है?
जवाब: बिल्कुल नहीं। सरकार का रिफंड पोर्टल और रिसबमिशन पोर्टल पूरी तरह से मुफ्त है। अगर कोई कैफे वाला या एजेंट आपसे फॉर्म पास कराने के नाम पर पैसे मांगता है, तो समझ लीजिए कि वह फ्रॉड कर रहा है।
सवाल 2: क्या मैं रिसबमिशन के समय कोई नया बॉन्ड (New Bond) जोड़ सकता हूँ?
जवाब: नहीं, आप रिसबमिशन पोर्टल पर कोई नया क्लेम या नया बॉन्ड नहीं जोड़ सकते। यह पोर्टल सिर्फ उन पुराने क्लेम को सुधारने के लिए है जो पहले रिजेक्ट हो चुके हैं।
सवाल 3: रिसबमिट करने के बाद पैसा आने में कितने दिन लगेंगे?
जवाब: जब आप अपना फॉर्म दोबारा सही-सही सबमिट कर देते हैं, तो पोर्टल के नियमों के अनुसार 45 वर्किंग दिनों (Working Days) के अंदर आपके दावों का निपटारा कर दिया जाता है।
सवाल 4: मेरा स्टेटस 'Under Processing' दिखा रहा है, इसका क्या मतलब है?
जवाब: इसका मतलब है कि आपका फॉर्म अभी जांच की प्रक्रिया में है। सहारा सोसाइटी और सरकारी अधिकारी आपके दावों का मिलान कर रहे हैं। जब तक यह रिजेक्ट या अप्रूव नहीं हो जाता, आपको सिर्फ इंतजार करना है।
सवाल 5: मैं एफिडेविट (शपथ पत्र) कहाँ से और कैसे बनवाऊं?
जवाब: अगर आपके नाम में गड़बड़ी है, तो आप अपने जिले के किसी भी कोर्ट (Civil Court) या कचहरी में जाकर नोटरी वाले वकील से मिलें। उन्हें बताएं कि सहारा रिफंड के लिए 'नेम मिसमैच' (Name Mismatch) का शपथ पत्र बनाना है। वे 100-200 रुपये के स्टाम्प पेपर पर इसे तुरंत बनाकर दे देंगे।
आखिरी बात
देखिये दोस्त, जब मामला पैसों का हो, वो भी उन पैसों का जो सालों से फंसे हों, तो थोड़ा सब्र और समझदारी दोनों दिखानी पड़ती है। आपका फॉर्म रिजेक्ट होना कोई आखिरी फैसला नहीं है, यह बस एक रुकावट है जिसे आप आसानी से पार कर सकते हैं। सरकार ने रिसबमिशन (Resubmission) की जो सुविधा दी है, उसका सही से इस्तेमाल करें।
मुझे उम्मीद है कि इस पूरी जानकारी को पढ़ने के बाद अब आपको किसी एजेंट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अपने डॉक्यूमेंट्स को साफ-सुथरा रखें, बैंक खाते का DBT चालू करवा लें और बताए गए तरीके से अपना क्लेम दोबारा दर्ज करें। अगर आपके गांव-मोहल्ले में किसी और का फॉर्म भी रिजेक्ट हुआ है, तो उन्हें भी यह जानकारी जरूर दें ताकि वे भी अपना रुका हुआ पैसा वापस पा सकें। डटे रहिए, आपकी अपनी कमाई है, मिलेगी जरूर!
