रोसड़ा को मिली नई SDO पूजा कुमारी, समस्तीपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर जिले में रोसड़ा नई SDO पूजा कुमारी को नियुक्त किया गया है। बिहार सरकार के ताजा प्रशासनिक फेरबदल में रोसड़ा नई SDO पूजा कुमारी के रूप में अब अनुमंडल की जिम्मेदारी संभालेंगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने 29 अगस्त 2026 को बिहार प्रशासनिक सेवा के 56 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना से संबंधित अधिसूचना जारी की। इसके तहत रोसड़ा के तत्कालीन SDO संदीप कुमार का स्थानांतरण कर दिया गया है।
पूजा कुमारी इससे पहले पटना में वरीय उप समाहर्ता के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें रोसड़ा का अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, सादिक अख्तर को समस्तीपुर सदर का नया अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बनाया गया है।
बिहार में 56 BAS अधिकारियों का तबादला
बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए बिहार प्रशासनिक सेवा यानी BAS के 56 अधिकारियों का तबादला और नई जगहों पर पदस्थापन किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शनिवार, 29 अगस्त 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। तबादला सूची में कई अधिकारियों को जिला और अनुमंडल स्तर पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इसके अलावा कुछ अधिकारियों को अलग-अलग सरकारी विभागों में उप सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर भी पदस्थापित किया गया है।
इस प्रशासनिक फेरबदल का असर बिहार के कई जिलों में देखने को मिलेगा। समस्तीपुर जिले में भी महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली गई है।
संदीप कुमार का तबादला, पूजा कुमारी को मिली रोसड़ा की जिम्मेदारी
जारी अधिसूचना के अनुसार, रोसड़ा के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी संदीप कुमार का तबादला कर दिया गया है।
उन्हें बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी में उप सचिव के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनके स्थान पर पूजा कुमारी को रोसड़ा का नया अनुमंडल पदाधिकारी यानी SDO नियुक्त किया गया है। वह पहले पटना में वरीय उप समाहर्ता के पद पर कार्यरत थीं।
रोसड़ा SDO के रूप में पूजा कुमारी अनुमंडल स्तर पर कानून-व्यवस्था, राजस्व, प्रशासनिक समन्वय और विभिन्न सरकारी योजनाओं की निगरानी से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
SDO की जिम्मेदारी क्या होती है?
अनुमंडल पदाधिकारी यानी SDO जिले के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण अधिकारी होते हैं। वे अपने अनुमंडल के अंतर्गत विभिन्न प्रशासनिक और राजस्व कार्यों की निगरानी करते हैं।
कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय, आपदा प्रबंधन, चुनाव संबंधी तैयारियां और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी SDO की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इसके अलावा अनुमंडल स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना भी इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होता है।
ऐसे में रोसड़ा में नई SDO की नियुक्ति के बाद स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में नई कार्यशैली और प्राथमिकताएं देखने को मिल सकती हैं।
सादिक अख्तर को मिली समस्तीपुर सदर में नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक फेरबदल के तहत सादिक अख्तर को भी समस्तीपुर जिले में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
उन्हें अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, समस्तीपुर सदर के पद पर पदस्थापित किया गया है।
यह पद आम नागरिकों की शिकायतों के निवारण से सीधे जुड़ा हुआ है। बिहार लोक शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई और समाधान की प्रक्रिया संचालित की जाती है।
इस पद पर तैनात अधिकारी शिकायतों की सुनवाई कर संबंधित विभागों से जवाब मांग सकते हैं और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।
आम लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है लोक शिकायत निवारण व्यवस्था?
लोक शिकायत निवारण व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों और विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत मंच उपलब्ध कराना है।
यदि किसी व्यक्ति को किसी सरकारी सेवा, योजना या विभाग से जुड़ी समस्या है और उसका समाधान नहीं हो रहा है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ऐसे मामलों की सुनवाई करते हैं और संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी लेकर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हैं।
इसलिए समस्तीपुर सदर में सादिक अख्तर की नई नियुक्ति प्रशासन और आम नागरिकों के बीच शिकायत निवारण व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नए अधिकारियों के पदभार संभालने के बाद क्या बदलेगा?
अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित अधिकारी अपने नए पदों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत योगदान करेंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद वे नई जिम्मेदारियों को संभालेंगे।
रोसड़ा में नई SDO की नियुक्ति के बाद अनुमंडल स्तर पर प्रशासनिक समन्वय, लंबित मामलों और स्थानीय प्राथमिकताओं पर काम आगे बढ़ेगा।
वहीं, समस्तीपुर सदर में नए अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यभार संभालने से नागरिकों की शिकायतों से जुड़े मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी नए अधिकारी के पास होगी।
हालांकि, प्रशासनिक बदलाव का असर अधिकारियों के कार्यभार संभालने और उनकी कार्य प्राथमिकताओं के बाद ही स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
समस्तीपुर प्रशासन में क्यों अहम है यह बदलाव?
समस्तीपुर बिहार का एक बड़ा जिला है और यहां अनुमंडल स्तर पर प्रशासनिक पदों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। रोसड़ा जैसे प्रमुख अनुमंडल में SDO की नियुक्ति स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अहम मानी जाती है।
वहीं, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकारी सेवाओं से जुड़े नागरिकों के मुद्दों की सुनवाई से संबंधित है।
बिहार सरकार के 56 BAS अधिकारियों के इस व्यापक फेरबदल के बीच समस्तीपुर में दो महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां जिले के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव का संकेत देती हैं।
अब रोसड़ा में पूजा कुमारी और समस्तीपुर सदर में सादिक अख्तर के नए पदभार संभालने के बाद प्रशासनिक कार्यों की आगे की दिशा पर नजर रहेगी।
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