बांकीपुर हार के बाद RJD का बड़ा फैसला, पूरी संगठनात्मक टीम भंग

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

RJD संगठन भंग करने का बड़ा फैसला बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। RJD संगठन भंग करने का निर्णय बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद लिया गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी सभी संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी ने संकेत दिया है कि अब नए सिरे से संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा। इस फैसले को आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

बांकीपुर उपचुनाव के बाद लिया गया बड़ा निर्णय

प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए बताया कि पार्टी की सभी इकाइयों को भंग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला, प्रखंड और अन्य सभी स्तरों पर संगठन का नए सिरे से गठन किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य सक्रिय कार्यकर्ताओं को अधिक जिम्मेदारी देना और संगठन को मजबूत बनाना है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद संगठनात्मक समीक्षा का हिस्सा है।

जल्द बनेगी नई टीम, संगठन में होंगे बदलाव

प्रदेश नेतृत्व के अनुसार, संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

नई समितियों के गठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि पार्टी ने अभी नई टीम के गठन की समय-सीमा घोषित नहीं की है, लेकिन संगठनात्मक बदलाव जल्द होने के संकेत दिए गए हैं।

शक्ति सिंह यादव के इस्तीफे की चर्चा तेज

पार्टी के फैसले के बीच RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी के भीतर हाल के दिनों में नेताओं के बीच बयानबाजी भी चर्चा में रही है।

भाई वीरेंद्र ने फैसले का किया स्वागत

RJD नेता भाई वीरेंद्र ने संगठन भंग करने के फैसले का स्वागत किया।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अब पार्टी पहले से अधिक मजबूत और सक्रिय संगठन तैयार करेगी। उनके अनुसार ऐसे लोगों को संगठन में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी जिनकी वजह से पार्टी को नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर ऐसे नेताओं को दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

सरकार बनाने का दावा, विपक्ष पर भी निशाना

भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी के नेता लगातार जनता के बीच काम कर रहे हैं और आने वाले समय में RJD सरकार बनाने का प्रयास करेगी।

नई जिम्मेदारी मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे किसी पद की अपेक्षा नहीं रखते और पार्टी के लिए काम करना ही उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार बढ़ा है। यह बयान भाई वीरेंद्र का राजनीतिक दृष्टिकोण है।

लालू प्रसाद के कार्यकाल का किया जिक्र

भाई वीरेंद्र ने बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के शासनकाल का भी उल्लेख किया।

उन्होंने दावा किया कि उस समय आम लोगों के सरकारी काम अपेक्षाकृत आसानी से होते थे और अधिकारियों में जवाबदेही अधिक थी। वहीं वर्तमान व्यवस्था को लेकर उन्होंने अपनी राजनीतिक आलोचना भी रखी।

इन बयानों पर अन्य दलों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बिहार की राजनीति में क्या हो सकते हैं मायने?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन को भंग करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए बड़ा कदम होता है।

इससे पार्टी को नए सिरे से रणनीति बनाने, कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारी देने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने का अवसर मिलता है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि RJD नए संगठन में किन नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारी देती है और यह बदलाव पार्टी की राजनीतिक रणनीति को किस तरह प्रभावित करता है।

फिलहाल पार्टी का आधिकारिक रुख यही है कि संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुनर्गठन किया जा रहा है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1