राजद में बड़ा फेरबदल, रोहिणी के बयान से तेज हुई सियासी हलचल
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राजद संगठन में बदलाव को लेकर बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजद संगठन में बदलाव के फैसले के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की सभी इकाइयों को भंग करने का फैसला पहले ही लिया जाना चाहिए था।
बांकीपुर चुनाव में मिली हार, नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी और संगठन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया है। अब पार्टी नए सिरे से जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर संगठन तैयार करेगी।
बांकीपुर हार के बाद राजद में बढ़ी अंदरूनी हलचल
बांकीपुर चुनाव के दौरान राजद के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के पार्टी छोड़ने से संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई थी।
इसके बाद चुनाव परिणाम में राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता की जमानत जब्त हो गई। इस हार के बाद पार्टी के अंदर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
मनेर विधायक भाई वीरेंद्र और राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव के बीच भी बयानबाजी सामने आई। दोनों नेताओं ने चुनावी हार के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें रखीं।
इन घटनाओं के बाद पार्टी नेतृत्व ने संगठन में बड़े बदलाव का फैसला लिया और सभी इकाइयों को भंग कर दिया।
रोहिणी आचार्य ने फैसले का किया समर्थन
सिंगापुर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए रोहिणी आचार्य ने राजद के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि पार्टी की जिन इकाइयों और प्रकोष्ठों को भंग करने का निर्णय लिया गया है, यह कदम काफी पहले उठाया जाना चाहिए था।
रोहिणी ने उम्मीद जताई कि नए संगठन के गठन में उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी, जो लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हैं और जमीन पर काम करते रहे हैं।
उन्होंने अपने बयान में संगठन की मजबूती के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बात कही।
लालू यादव की विचारधारा पर जोर
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में लालू प्रसाद यादव के सिद्धांतों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर वर्गों से जुड़े लोगों को आगे लाना और पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान देना पार्टी की पुरानी नीति रही है।
उनके इस बयान को पार्टी के अंदर नेतृत्व और संगठन की दिशा को लेकर एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, रोहिणी का बयान यह संकेत देता है कि राजद अब संगठन में पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं को ज्यादा महत्व देने की कोशिश कर सकता है।
भाई वीरेंद्र बोले- संगठन मजबूत करने के लिए फैसला
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने संगठन की सभी इकाइयों को भंग करने के फैसले का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में संगठन में सक्रिय और मेहनती कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी को ऐसे लोगों की जरूरत है, जो जमीन पर जनता के बीच काम कर सकें और संगठन को मजबूती दे सकें।
हालांकि, इससे पहले वे पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को लेकर खुलकर अपनी बात रखते रहे हैं।
कुमार सर्वजीत ने भी फैसले को बताया सही कदम
राजद विधायक और पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत ने भी संगठन पुनर्गठन के फैसले को पार्टी हित में बताया।
उन्होंने कहा कि नए संगठन में वर्षों से मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
उनके अनुसार, मजबूत संगठन के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में अपनी राय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने पहले भी रख चुके हैं।
मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी नेतृत्व पर उठाए सवाल
राजद के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी, जो हाल में भाजपा में शामिल हुए हैं, ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि वह पहले से मानते थे कि राजद के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ ऐसे लोग प्रभावशाली हो गए हैं, जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
हालांकि, राजद की ओर से लगातार संगठन को मजबूत करने और नए सिरे से तैयारी करने की बात कही जा रही है।
नए संगठन से राजद को कितनी मजबूती मिलेगी?
राजद अब जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर नई समितियों का गठन करेगा।
आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि पार्टी किन चेहरों को संगठन में जगह देती है और किस रणनीति के साथ बिहार की राजनीति में आगे बढ़ती है।
बिहार में आगामी राजनीतिक मुकाबलों को देखते हुए राजद का यह संगठनात्मक बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
