प्रशांत किशोर की बढ़ी सियासी ताकत! अफसरों संग बैठक ने मचाई हलचल
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। प्रशांत किशोर की गुरुवार को बिहार सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। बांकीपुर उपचुनाव जीतकर जन सुराज के इकलौते विधायक बने किशोर के साथ बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, सचिव और कमिश्नर स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पटना की ट्रैफिक व्यवस्था, पेयजल, सूखा नशा और शहरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
पटना स्थित पुराने सचिवालय में हुई इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे एक विधायक के तौर पर प्रशांत किशोर की सक्रियता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे उनकी भविष्य की राजनीतिक रणनीति के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
बैठक में कौन-कौन से बड़े अधिकारी रहे मौजूद?
प्रशांत किशोर के साथ हुई बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार शामिल हुए। इसके अलावा परिवहन विभाग और नगर विकास विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी तथा पटना नगर निगम के कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रशांत किशोर ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में राजधानी पटना से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया गया। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह डीजीपी के साथ उनकी बैठक हुई थी और गुरुवार की बैठक उसी चर्चा का फॉलोअप थी।
इस बार पुलिस से जुड़े मुद्दों के साथ दूसरे विभागों से संबंधित समस्याओं पर भी अधिकारियों के साथ बातचीत हुई।
पटना की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बनेगा नया प्लान
प्रशांत किशोर ने बताया कि पटना की ट्रैफिक समस्या को बेहतर तरीके से सुलझाने के लिए इंटर-डिपार्टमेंटल वर्कशॉप आयोजित करने पर चर्चा हुई है।
इस प्रस्तावित वर्कशॉप में विशेषज्ञ संस्थानों की मदद लेने की बात सामने आई है। इसमें आईआईटी मद्रास जैसी संस्थाओं और ट्रैफिक विशेषज्ञों की सहायता से पटना के लिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्लान तैयार करने की योजना है।
इसका उद्देश्य राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, सड़कों की क्षमता और यातायात प्रबंधन जैसी समस्याओं के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार करना बताया गया है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर भी हुई चर्चा
बैठक में पटना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कई मुद्दों पर भी बातचीत हुई। सड़क, नाली, गलियों, वेंडिंग जोन और पार्क जैसी शहरी सुविधाओं को लेकर समाधान तलाशने पर जोर दिया गया।
प्रशांत किशोर के अनुसार, नगर निगम के साथ अलग से बैठकर इन समस्याओं पर काम करने की योजना है। बांकीपुर के साथ-साथ पटना के दूसरे हिस्सों में पेयजल की समस्या को लेकर भी त्वरित समाधान की जरूरत पर चर्चा हुई।
इससे संकेत मिलता है कि विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर अपने विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों के साथ पूरे पटना से जुड़े शहरी विषयों को भी प्रमुखता से उठा रहे हैं।
भाजपा के गढ़ में जीत से मिली राजनीतिक बढ़त
प्रशांत किशोर ने हालिया बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करके विधानसभा में प्रवेश किया। वह जन सुराज पार्टी के पहले और फिलहाल इकलौते विधायक हैं।
बांकीपुर सीट पर उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को करीब 19 हजार वोटों के अंतर से हराया। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी गई क्योंकि बांकीपुर लंबे समय से भाजपा के मजबूत प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है।
इस सीट से नितिन नवीन लगातार पांच बार विधायक रह चुके थे। उनके राज्यसभा जाने के बाद सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया। प्रशांत किशोर की जीत ने इस सीट के राजनीतिक समीकरण को बदल दिया।
हार के बाद जन सुराज में बढ़ा उत्साह
बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज को व्यापक सफलता नहीं मिली थी। इसके बावजूद बांकीपुर उपचुनाव में जीत ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उत्साह बढ़ाया है।
विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर बांकीपुर को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने की बात कह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाने और निजी स्कूलों की फीस कम कराने जैसे मुद्दों को भी प्राथमिकता देने की बात कही है।
अब पार्टी की नजर विधान परिषद और पंचायत चुनावों पर भी है। संगठन को मजबूत करने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की तैयारी चल रही है।
आगे की राजनीति पर भी सबकी नजर
प्रशांत किशोर सितंबर से बिहार यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। इस दौरान संगठन विस्तार और स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है।
बांकीपुर की जीत के बाद जन सुराज को पहली बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिला है। ऐसे में प्रशांत किशोर की मौजूदा सक्रियता को पार्टी के अगले राजनीतिक चरण से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक को लेकर किसी बड़े राजनीतिक समीकरण का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल बैठक का घोषित एजेंडा पटना की ट्रैफिक, पेयजल, शहरी विकास और कानून-व्यवस्था जैसे स्थानीय मुद्दों से जुड़ा रहा।
लेकिन जिस स्तर के अधिकारी बैठक में शामिल हुए, उसने बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की बढ़ती सक्रियता और उनके नए राजनीतिक प्रभाव को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।
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