BPSC TRE 4 पर बड़ा फैसला, अब एक ही परीक्षा से होगी शिक्षक भर्ती
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बिहार में BPSC TRE 4 को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। BPSC TRE 4 शिक्षक भर्ती परीक्षा अब एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस भर्ती के लिए पीटी और मेंस की अलग-अलग परीक्षा नहीं होगी। गुरुवार को पटना में छात्र नेताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कुल 10 बिंदुओं पर सहमति बनी। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी घोषणा की।
सरकार के इस फैसले के बाद गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के बीच भी आंदोलन खत्म करने को लेकर सहमति बनी है। शिक्षक भर्ती परीक्षा के अलावा भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा में पारदर्शिता, उम्र सीमा, डोमिसाइल और परीक्षा कैलेंडर जैसे मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
BPSC TRE 4 में अब नहीं होगी पीटी और मेंस की अलग परीक्षा
TRE 4 को लेकर अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग परीक्षा के चरणों से जुड़ी थी। सरकार और छात्रों के बीच बनी सहमति के अनुसार इस बार शिक्षक भर्ती परीक्षा एकल चरण में होगी।
इसका मतलब है कि अभ्यर्थियों को पीटी और मेंस के लिए अलग-अलग परीक्षा नहीं देनी होगी। सरकार ने छात्रों की इस मांग को स्वीकार कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर शुरुआत से गंभीर रही है। इसी क्रम में उनकी मांगों पर विचार करते हुए TRE 4 को लेकर यह निर्णय लिया गया है।
छात्रों की 10 मांगों पर बनी सहमति
पटना में हुई बैठक में शिक्षक भर्ती और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कुल 10 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। इनमें परीक्षा प्रणाली से लेकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तक कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
सरकार और छात्रों के बीच जिन मुद्दों पर सहमति बनी, वे इस प्रकार हैं:
- TRE 4 में एक ही परीक्षा: पीटी और मेंस अलग-अलग आयोजित नहीं होंगे।
- समय पर होंगी BPSC परीक्षाएं: आयोग की सभी परीक्षाओं को निर्धारित समय पर कराने पर जोर दिया गया है। 1799 दारोगा भर्ती परीक्षा की जांच और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से पहले बिहार पात्रता परीक्षा यानी BET कराने जैसे मुद्दों पर परीक्षा सुधार समिति की अनुशंसा के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
- लाइब्रेरियन भर्ती जल्द: पुस्तकालयाध्यक्षों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने पर सहमति बनी है।
- संविदा कर्मियों के लिए हाईलेवल कमिटी: भर्ती में संविदा कर्मियों को अंक या वेटेज दिए जाने की स्थिति में अलग कोटा निर्धारित करने के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी।
- डोमिसाइल नीति: सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने का निर्णय लिया गया है।
- अधिकतम उम्र सीमा: भर्ती में अधिकतम उम्र सीमा से जुड़े मुद्दे को परीक्षा सुधार समिति के सामने रखा जाएगा।
- भर्ती कैलेंडर: विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं का कैलेंडर जारी किया जाएगा और उसके पालन पर जोर रहेगा।
- पेपर और OMR में पारदर्शिता: BPSC की तर्ज पर भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका से जुड़ी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव समिति के सामने रखा जाएगा।
- पेपर लीक की जांच: BPSC की AEDO, सेनेटरी समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU करेगी।
- परीक्षाओं में जवाबदेही: सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की बात कही है।
यह समिति विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार को लेकर अपनी अनुशंसाएं देगी। इसके साथ ही छात्रों की शिकायतों और परीक्षा से जुड़ी समस्याओं पर भी विचार किया जाएगा।
समिति की अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के एक जज की अध्यक्षता में गठित व्यवस्था के तहत होने की जानकारी दी गई है। इससे परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतों के निपटारे की उम्मीद बढ़ी है।
विद्यार्थियों के लिए शुरू हुआ सहयोग पोर्टल
छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू करने की भी जानकारी दी है।
सरकार के अनुसार, इन माध्यमों से छात्रों की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था बनाई गई है। इसका उद्देश्य भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान के लिए एक व्यवस्थित माध्यम उपलब्ध कराना है।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए क्यों अहम है फैसला?
TRE 4 परीक्षा को एक चरण में कराने का फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो परीक्षा प्रणाली को लेकर लंबे समय से अपनी मांग उठा रहे थे।
पीटी और मेंस को अलग-अलग आयोजित नहीं करने से परीक्षा प्रक्रिया का स्वरूप बदल जाएगा। हालांकि, एकल चरण में परीक्षा का विस्तृत पैटर्न, पाठ्यक्रम और अन्य तकनीकी जानकारी संबंधित आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
सरकार की ओर से भर्ती कैलेंडर और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था पर जोर दिए जाने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब आगे की आधिकारिक घोषणाओं पर रहेगी।
अब आगे क्या होगा?
सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनने के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम परीक्षा से जुड़ी आधिकारिक प्रक्रिया होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और अन्य जरूरी निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
इसके अलावा परीक्षा सुधार समिति की अनुशंसाओं के आधार पर दूसरी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मुद्दों पर आगे निर्णय लिए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, TRE 4 को एकल चरण में कराने का फैसला अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में से एक पर सरकार की सहमति को दर्शाता है। अब अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर होगी कि परीक्षा कैलेंडर कब जारी होता है और शिक्षक भर्ती की अगली प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
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