PM मोदी का बड़ा ऐलान, गरीब-मिडिल क्लास छात्रों को मिलेगी फ्री कोचिंग
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👉 WhatsApp से जुड़ेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अब गुणवत्तापूर्ण फ्री ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम करेगी। इसका उद्देश्य महंगी कोचिंग का आर्थिक बोझ कम करना और हर छात्र तक बेहतर शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के प्रतिभाशाली युवाओं को संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए। विशेषज्ञ और शीर्ष शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को मार्गदर्शन देंगे, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक स्थिति बाधा न बने।
गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत
पीएम मोदी ने कहा कि महंगी कोचिंग फीस लंबे समय से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी चिंता रही है। फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था से ऐसे परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस पहल के जरिए देशभर के छात्रों को अच्छे शिक्षकों और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तक पहुंच मिल सकती है। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बड़े शहरों में जाकर कोचिंग लेने का अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने इसे शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार का जोर लागत कम करने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं के कौशल को बेहतर बनाने पर रहेगा।
एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किलिंग की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक AI क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए युवाओं के कौशल पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने देश के विकास के लिए तीन अहम बातों पर फोकस करने की जरूरत बताई—लागत, गुणवत्ता और कौशल। सरकार के अनुसार, इन तीनों क्षेत्रों में सुधार से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं और भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत हो सकती है।
AI का बढ़ता इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, प्रशासन और रोजगार सहित कई क्षेत्रों में हो रहा है। ऐसे में युवाओं को शुरुआती स्तर पर ही आधुनिक तकनीकी कौशल देने से उन्हें भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है।
5 से 15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट
प्रधानमंत्री ने खेल प्रतिभाओं को खोजने के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट शुरू करने की भी घोषणा की। इसके तहत गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों की प्रतिभा पहचानने पर जोर दिया जाएगा।
चयनित बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार विशेष प्रशिक्षण देने की योजना है, ताकि उन्हें भविष्य में अच्छे खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज खेलों की दुनिया में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और नई प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर अवसर देना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों यानी Commonwealth Games की मेजबानी करेगा। ऐसे में युवा खिलाड़ियों की नई प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने पर सरकार का फोकस महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री की घोषणाओं में शिक्षा, तकनीकी कौशल और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिखाई दिया। फ्री ऑनलाइन कोचिंग से जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं AI स्किलिंग और टैलेंट हंट जैसी पहल युवाओं को भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में अहम कदम हो सकती हैं।
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