राम मंदिर चढ़ावे के विवाद में पप्पू यादव का बड़ा दांव, संतों संग प्रदर्शन
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👉 WhatsApp से जुड़ेंपप्पू यादव सोमवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की जांच की मांग के समर्थन में दिल्ली में साधु-संतों के प्रदर्शन में शामिल हुए। पप्पू यादव ने मंडी हाउस पहुंचकर संतों के साथ प्रदर्शन किया और कथित चढ़ावा गबन मामले की सीबीआई निगरानी में जांच कराने की मांग का समर्थन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में संत और धार्मिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने के लिए प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
मंडी हाउस पर जुटे साधु-संत, पीएम आवास मार्च की थी तैयारी
जानकारी के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 500 साधु-संत दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में पहुंचे थे। प्रदर्शन में कई महंत, महामंडलेश्वर और अन्य संत शामिल हुए। कुछ साधुओं के अयोध्या के हनुमानगढ़ी से भी पहुंचने की बात सामने आई।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की सीबीआई निगरानी में जांच कराना थी। संतों का कहना था कि इस मामले में तथ्यों को सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए जुलूस निकालना चाहते थे। भीड़ बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली।
पुलिस ने रोका तो सड़क पर लेट गए प्रदर्शनकारी
पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे।
पुलिस की रोक के बाद कुछ संत सड़क पर बैठ गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने जमीन पर लेटकर विरोध जताया। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पप्पू यादव भी प्रदर्शनकारियों के साथ जमीन पर लेट गए। बाद में पुलिस ने उन्हें डिटेन किया और प्रदर्शन स्थल से दूसरी दिशा में भेज दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच की मांग रहा।
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
प्रदर्शन के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कीं और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रदर्शनकारी संतों से ज्ञापन लेने की मांग की।
पप्पू यादव ने अपने पोस्ट में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संतों के प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस भेजी गई। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों और अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया के जरिए सामने रखा।
हालांकि, उनके बयान राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए। चढ़ावे से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति का निर्धारण आधिकारिक जांच या न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।
पहले भी दानपात्र को लेकर विवादों में रहे थे पप्पू यादव
पप्पू यादव का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब कुछ समय पहले वह संसद परिसर में किए गए एक प्रदर्शन को लेकर संत संगठनों के निशाने पर आए थे। उस दौरान उन्होंने साधु का रूप धारण कर दानपात्र में चढ़ावे से जुड़े एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शन में उन्होंने पुजारी की भूमिका निभाते हुए नेताओं द्वारा दानपात्र में रखे गए चढ़ावे को अपनी जेब में रखने का नाटकीय प्रदर्शन किया था। इस दौरान उनके हाथ में भगवान श्रीराम की तस्वीर भी दिखाई गई थी।
इस घटना पर कुछ संत संगठनों ने आपत्ति जताई थी। संगठनों ने आरोप लगाया था कि इस तरह के प्रदर्शन से साधु समाज और सनातन परंपरा का अपमान हुआ। इसके बाद पप्पू यादव के आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं।
अब वही पप्पू यादव राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के आरोपों की जांच की मांग को लेकर संतों के साथ प्रदर्शन करते नजर आए हैं। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा में ला दिया है।
सीबीआई जांच की मांग पर आगे क्या?
प्रदर्शनकारी संतों की प्रमुख मांग मामले की जांच सीबीआई की निगरानी में कराने की है। उनका कहना है कि चढ़ावे से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों की प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने की योजना पूरी नहीं हो सकी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधों का हवाला देकर उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
मामले में आगे की तस्वीर जांच और संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी। फिलहाल पप्पू यादव का संतों के साथ प्रदर्शन और चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच की मांग दिल्ली में राजनीतिक और धार्मिक चर्चा का विषय बनी हुई है।
