Headline: क्या वापस आएगी ओल्ड पेंशन स्कीम? संसद में सरकार ने दिया दो टूक जवाब

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें

 


लाखों सरकारी कर्मचारी लंबे समय से ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में संसद में ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर सरकार से एक अहम सवाल पूछा गया था।

केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। वित्त राज्य मंत्री ने लोकसभा में स्पष्ट जवाब देते हुए बताया कि पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने का कोई विचार नहीं है।

सरकार का साफ कहना है कि अगर पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जाती है, तो इससे सरकारी खजाने पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसलिए फिलहाल इसे दोबारा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

पांच राज्यों ने की थी पुरानी पेंशन की मांग

संसद में दिए गए आधिकारिक जवाब के अनुसार, देश के पांच राज्यों ने NPS को छोड़कर पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की थी। इन राज्यों में राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।

इन राज्यों ने पेंशन फंड रेगुलेटर (PFRDA) को इस संबंध में औपचारिक जानकारी दी थी। इन सभी राज्यों का हजारों करोड़ रुपये का फंड वर्तमान में नेशनल पेंशन सिस्टम में फंसा हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 तक राजस्थान का सबसे ज्यादा 53,403.89 करोड़ रुपये NPS में जमा है। वहीं, पंजाब का 40,673.08 करोड़, छत्तीसगढ़ का 24,030.04 करोड़, झारखंड का 14,420.90 करोड़ और हिमाचल प्रदेश का 12,525.96 करोड़ रुपये इसमें जमा है।

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) क्यों थी इतनी लोकप्रिय?

साल 2004 से पहले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यही स्कीम लागू थी। यह एक निश्चित और गारंटीड पेंशन योजना (DBPS) थी, जिसे कर्मचारियों का सीधा अधिकार माना जाता था।

इसमें कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय उसकी आखिरी सैलरी का 50% हिस्सा आजीवन पेंशन के रूप में मिलता था। इसके साथ ही, साल में दो बार महंगाई भत्ते (Daily Allowance) में बढ़ोतरी का फायदा भी मिलता था।

सबसे बड़ी बात यह थी कि OPS में कर्मचारियों की सैलरी से कोई पैसा नहीं कटता था। सरकार ही पूरी पेंशन का भुगतान करती थी। कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार को पेंशन का लाभ लगातार मिलता रहता था।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का विरोध क्यों होता है?

वाजपेयी सरकार ने बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए 1 जनवरी 2004 से NPS लागू किया था। यह एक कॉन्ट्रिब्यूशन आधारित स्कीम (DCPS) है, जिसे शेयर बाजार से जोड़ा गया है।

NPS में कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA का 10% हिस्सा हर महीने कटता है। वहीं, सरकार अपनी तरफ से 14% का योगदान कर्मचारी के फंड में जमा करती है। इस पैसे को PFRDA की देखरेख में मार्केट में निवेश किया जाता है।

विरोध करने वाले कर्मचारियों का सबसे बड़ा तर्क यही है कि इसमें रिस्क है। चूंकि पेंशन शेयर बाजार पर निर्भर है, इसलिए अगर बाजार में गिरावट आती है, तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन भी कम हो सकती है।

NPS से जुड़े मुख्य नियम (एक नजर में)

  • इसमें 60% पैसा निकालने पर कोई टैक्स नहीं लगता है।

  • बाकी 40% पैसा एन्युटी प्लान में निवेश होता है, जिससे रेगुलर इनकम बनती है।

  • सालाना 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ मिलता है।

  • यह योजना 18 से 70 वर्ष के सभी नागरिकों के लिए खुली है।

1 अप्रैल 2025 से लागू है यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)

NPS के लगातार विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने 24 अगस्त 2024 को एक नई योजना को मंजूरी दी थी। मोदी सरकार द्वारा लाई गई यह यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) 1 अप्रैल 2025 से देश में लागू हो चुकी है।

यह स्कीम वास्तव में पुरानी और नई पेंशन स्कीम का एक बेहतरीन मिलाजुला रूप है। फिलहाल यह योजना करीब 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है। भविष्य में राज्य सरकारें भी इसे अपने यहां लागू कर सकती हैं।

केंद्र सरकार के कर्मचारी चाहें तो NPS में बने रह सकते हैं या फिर UPS में स्विच कर सकते हैं। NPS से UPS में स्विच करने की समय सीमा पहले 30 जून थी, जिसे बढ़ाकर अब 30 सितंबर 2025 कर दिया गया है।

UPS के बड़े फायदे (Featured Snippet)

  1. गारंटीड पेंशन: 25 साल या उससे ज्यादा सर्विस करने वालों को आखिरी 12 महीने की औसत बेसिक पे का 50% सुनिश्चित पेंशन मिलेगी।

  2. न्यूनतम पेंशन: 10 साल से ज्यादा और 25 साल से कम नौकरी करने वालों को कम से कम 10,000 रुपये महीने की गारंटीड पेंशन मिलेगी।

  3. फैमिली पेंशन: कर्मचारी के निधन पर परिवार को उसकी तत्कालीन पेंशन का 60% हिस्सा मिलेगा।

  4. महंगाई राहत (DR): इसमें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-W) के आधार पर महंगाई राहत भी जुड़ती रहेगी।

  5. लम-सम अमाउंट: हर 6 महीने की नौकरी पूरी करने पर सैलरी और DA का 10% हिस्सा रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त (लम-सम) दिया जाएगा।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1