नेपाल में फ्लैश फ्लड से तबाही, 270 की मौत; 1300 से ज्यादा लापता

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नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 270 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1300 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में भारत समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं। नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन हजारों लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।

नेपाल पुलिस के अनुसार, प्रभावित इलाकों से अब तक 93 और शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी भी लापता लोगों की तलाश और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

तीन जिलों में फ्लैश फ्लड ने मचाई भारी तबाही

रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन पहले आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज बहाव ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफ्ले के अनुसार, अब तक बरामद शवों में चितवन से 108, नवलपरासी ईस्ट से 62, धादिंग से 27, गोरखा से 20 और रसुवा से 17 शव शामिल हैं। इसके अलावा नवलपरासी वेस्ट से 15, नुवाकोट से 12 और तनहूं से 9 शव बरामद किए गए हैं।

अचानक आई बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में संपर्क प्रभावित हुआ है। ऐसे में राहत टीमों को लापता लोगों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

1300 से ज्यादा लोग लापता, कई विदेशी नागरिक भी शामिल

नेपाल और तिब्बत के अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 1300 से अधिक लोग लापता बताए गए हैं। इनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। 30 से ज्यादा देशों के लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

लापता लोगों में भारत, अमेरिका, मलेशिया, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी और रूस समेत कई देशों के नागरिक बताए गए हैं। इनमें 288 भारतीय पर्यटकों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।

विदेशी नागरिकों के लापता होने के कारण संबंधित देशों के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में तलाश अभियान चला रही हैं।

800 से ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यू

नेपाल पुलिस ने बताया कि अब तक 800 से अधिक लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें बाढ़ में फंसे लोगों के अलावा घायल व्यक्ति भी शामिल हैं।

बचाव दल लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं। हालांकि, तेज बहाव, खराब मौसम और प्रभावित इलाकों की भौगोलिक स्थिति के कारण अभियान आसान नहीं है।

हिमस्खलन से बना था बाढ़ का संकट

फ्लैश फ्लड की शुरुआत एक हिमस्खलन के बाद हुई। जानकारी के अनुसार, हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का पानी रुक गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और अचानक तेज बहाव के साथ तबाही शुरू हो गई।

सबसे पहले इसका असर चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र के नजदीक स्थित तिमुरे में देखने को मिला। इसके बाद बाढ़ का प्रभाव आसपास के क्षेत्रों तक फैल गया।

यह आपदा हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे गंभीर प्राकृतिक त्रासदियों में से एक बनकर सामने आई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को खोजने, घायलों को उपचार देने और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है।


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