एशियन जूनियर वेटलिफ्टिंग में महाराजन अरुमुगपांडियन ने जीता सिल्वर
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भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उभरते हुए भारतीय वेटलिफ्टर महाराजन अरुमुगपांडियन ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित एशियन जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने प्रतियोगिता में कुल 285 किलोग्राम वजन उठाकर नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
महाराजन ने स्नैच में 128 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 157 किलोग्राम वजन उठाया। दोनों लिफ्ट को मिलाकर उनका कुल स्कोर 285 किलोग्राम रहा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड को भी बेहतर किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का मजबूत प्रदर्शन किया।
65 किलो वर्ग में महाराजन का शानदार प्रदर्शन
महाराजन अरुमुगपांडियन ने प्रतियोगिता के दौरान शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। स्नैच मुकाबले में उन्होंने 128 किलोग्राम वजन उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 157 किलोग्राम की सफल लिफ्ट के साथ उन्होंने कुल 285 किलोग्राम का आंकड़ा हासिल किया।
यह प्रदर्शन उनके लिए खास इसलिए भी रहा क्योंकि 285 किलोग्राम का कुल वजन उनका पर्सनल बेस्ट है। कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए उम्मीद बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
गोल्ड से सिर्फ 6 किलो पीछे रहे भारतीय खिलाड़ी
65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक वियतनाम के होआंग थाच ने जीता। उन्होंने कुल 291 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया। महाराजन और गोल्ड मेडल के बीच केवल 6 किलोग्राम का अंतर रहा।
महाराजन ने 285 किलोग्राम के कुल वजन के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि उनके प्रदर्शन ने यह दिखाया कि वह एशियाई स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूकने के बावजूद उनका सिल्वर मेडल प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण रहा।
भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए बढ़ी उम्मीदें
एशियन जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। महाराजन का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उनके भविष्य को लेकर भी सकारात्मक संकेत देता है।
उनकी 128 किलोग्राम की स्नैच और 157 किलोग्राम की क्लीन एंड जर्क लिफ्ट ने कुल 285 किलोग्राम का स्कोर बनाया। अब महाराजन की कोशिश अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार करने और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल करने की होगी।
ताशकंद में मिली यह सफलता भारतीय वेटलिफ्टिंग में नई प्रतिभाओं के उभरने की ओर भी इशारा करती है। महाराजन अरुमुगपांडियन जैसे युवा खिलाड़ियों से भविष्य में देश को बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
