लखीसराय सदर अस्पताल में सर्जनों की कमी, नए डॉक्टरों की मांग तेज
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👉 WhatsApp से जुड़ेंलखीसराय सदर अस्पताल में सर्जनों की कमी को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सर्जनों की कमी के कारण अस्पताल में प्रस्तावित 70 प्रकार की सर्जरी सेवाओं को लगातार संचालित करने में परेशानी सामने आ रही है। इसे देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति ने राज्य स्वास्थ्य विभाग से नए सर्जनों की प्रतिनियुक्ति या पदस्थापन करने का आग्रह किया है। जिला पदाधिकारी सह जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने 11 अगस्त 2026 को स्वास्थ्य विभाग के सचिव को इस संबंध में पत्र भेजा है।
प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को निर्बाध और अलग-अलग प्रकार की शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त सर्जनों की जरूरत है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए जल्द नई तैनाती की मांग की गई है।
सदर अस्पताल में 70 तरह की सर्जरी का प्रावधान
राज्य स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार लखीसराय सदर अस्पताल में मरीजों को कुल 70 प्रकार की सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं।
इन सेवाओं का उद्देश्य जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक शल्य चिकित्सा सुविधा देना है, ताकि उन्हें सामान्य और निर्धारित सर्जरी के लिए दूसरे बड़े शहरों या अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
हालांकि, पर्याप्त डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं होने के कारण इन सेवाओं को लगातार संचालित करने में प्रशासन को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
जिला स्वास्थ्य समिति ने इसी समस्या को राज्य स्वास्थ्य विभाग के सामने रखते हुए अतिरिक्त सर्जनों की जल्द नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति की मांग की है।
तीन सर्जनों में से फिलहाल एक ही दे रहे सेवा
सदर अस्पताल की सर्जरी इकाई में वर्तमान में तीन सर्जनों की पदस्थापना बताई गई है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में तीनों की उपलब्धता नहीं है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. मृत्युंजय कुमार दो महीने की छुट्टी पर हैं। वहीं डॉ. अमरेश कुमार के खिलाफ रोस्टर का अनुपालन नहीं करने के मामले में विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
ऐसे में फिलहाल डॉ. रौशन चिरंजीव ही अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
एक ही सर्जन के भरोसे सर्जरी इकाई का संचालन होने से मरीजों को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने में चुनौती बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने नए डॉक्टरों की तैनाती को जरूरी बताया है।
मरीजों को बेहतर सर्जरी सेवा देने की कोशिश
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सदर अस्पताल में सर्जरी सेवाओं को प्रभावित होने से बचाना है। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग से जल्द हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि मरीजों को अलग-अलग प्रकार की शल्य चिकित्सा सेवाएं नियमित रूप से मिलती रहें, इसके लिए पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता जरूरी है।
यदि नए सर्जनों की तैनाती होती है, तो अस्पताल की सर्जरी इकाई में काम का दबाव कम होने के साथ मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव को भेजा गया पत्र
जिला पदाधिकारी सह जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने 11 अगस्त 2026 को राज्य स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र भेजा है।
पत्र में सदर अस्पताल की वर्तमान स्थिति और सर्जनों की कमी का उल्लेख करते हुए नए सर्जनों की प्रतिनियुक्ति या पदस्थापन का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने और जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सर्जरी इकाई में मरीजों को लगातार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है।
कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
जिला प्रशासन ने इस पत्र की प्रतिलिपि संबंधित कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है। इसका उद्देश्य मामले की जानकारी देने के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
पत्र की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, लखीसराय, उप विकास आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल के क्षेत्रीय अपर निदेशक और आयुक्त को भेजी गई है।
इसके अलावा राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक और मुख्य सचिव के विशेष कार्य पदाधिकारी को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है।
इससे स्पष्ट है कि जिला प्रशासन सदर अस्पताल की सर्जरी व्यवस्था में डॉक्टरों की कमी को गंभीरता से ले रहा है।
क्यों जरूरी हैं पर्याप्त सर्जन?
सर्जरी इकाई में डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण होती है। एक ही सर्जन पर अधिक निर्भरता होने से मरीजों की संख्या बढ़ने पर सेवाओं का दबाव भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से ऑपरेशन की योजना बनाने, आपात स्थिति में मरीजों को उपचार देने और निर्धारित सर्जरी को समय पर पूरा करने में सुविधा होती है।
लखीसराय सदर अस्पताल में 70 प्रकार की सर्जरी सेवाओं का लक्ष्य होने के कारण प्रशासन चाहता है कि इस व्यवस्था के लिए जरूरी विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध रहें।
अब स्वास्थ्य विभाग के फैसले पर नजर
जिला प्रशासन की ओर से मांग भेजे जाने के बाद अब राज्य स्वास्थ्य विभाग के निर्णय पर नजर है। विभाग नए सर्जनों की प्रतिनियुक्ति करता है या नियमित पदस्थापन, यह फैसला आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।
फिलहाल अस्पताल में सर्जरी सेवाओं को जारी रखने की जिम्मेदारी उपलब्ध चिकित्सक पर है। प्रशासन की कोशिश है कि डॉक्टरों की कमी जल्द दूर हो और मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे जिलों की ओर न जाना पड़े।
अगर नए सर्जनों की तैनाती जल्द होती है, तो लखीसराय सदर अस्पताल की सर्जरी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे प्रस्तावित 70 प्रकार की शल्य चिकित्सा सेवाओं को नियमित रूप से संचालित करने में भी मदद मिल सकती है।
