जनधन योजना ने बदली देश की तस्वीर, 59 करोड़ से ज्यादा खाते खुले
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👉 WhatsApp से जुड़ेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन योजना की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस योजना ने देश में वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है। योजना के तहत अब तक 59 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में कुल जमा राशि 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनधन योजना ने देश के करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जनधन योजना के प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में योजना ने बड़े पैमाने पर लोगों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बनाई है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं को इसका व्यापक लाभ मिला है।
जनधन योजना ने बढ़ाया वित्तीय समावेशन
प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य उन लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था, जो किसी कारण से बैंकिंग सेवाओं से दूर थे। योजना के माध्यम से लोगों को बैंक खाता खोलने और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच हासिल करने का अवसर मिला।
सरकार के अनुसार, जनधन योजना दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहलों में से एक बन चुकी है। इसके तहत बड़ी संख्या में ऐसे परिवार बैंकिंग सिस्टम से जुड़े, जिनके पास पहले बैंक खाता नहीं था।
योजना की खास बात यह है कि इसके तहत खोले गए खातों का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 78 प्रतिशत जनधन खाते ग्रामीण या अर्ध-शहरी इलाकों में खोले गए हैं। इससे छोटे शहरों और गांवों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ने का संकेत मिलता है।
महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत
जनधन योजना की उपलब्धियों में महिलाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। आंकड़ों के अनुसार करीब 56 प्रतिशत जनधन खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इससे वित्तीय सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलने की बात सामने आती है।
महिलाओं के नाम बैंक खाते होने से सरकारी योजनाओं और विभिन्न वित्तीय सहायता को सीधे बैंकिंग चैनल के जरिए पहुंचाने में भी मदद मिलती है। इससे वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिशों को मजबूती मिली है।
जनधन खातों के जरिए बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों का दायरा लगातार बढ़ा है। सरकार वित्तीय समावेशन को केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं मानती, बल्कि लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने को व्यापक आर्थिक भागीदारी का माध्यम मानती है।
3.17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा
जनधन योजना के तहत खुले खातों में जमा राशि भी इस पहल के बड़े पैमाने को दर्शाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इन खातों में कुल 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये जमा हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनधन योजना देशभर में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को नए स्तर पर ले जाने का काम कर रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा बनाना रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खातों की बड़ी हिस्सेदारी और महिलाओं की मजबूत भागीदारी इस योजना के सामाजिक प्रभाव को भी रेखांकित करती है। आने वाले समय में वित्तीय समावेशन के जरिए अधिक लोगों को बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़ना सरकार के लिए अहम लक्ष्य बना रहेगा।
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