जबलपुर में गूंजा ‘बोल बम’, CM मोहन यादव ने उठाई कांवड़, बरसाए फूल
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👉 WhatsApp से जुड़ेंजबलपुर कांवड़ यात्रा में सोमवार को भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जबलपुर कांवड़ यात्रा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए और शिवभक्तों का उत्साह बढ़ाया। ‘बोल कांवड़िया, बोल बम’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए।
सावन के पवित्र सोमवार के अवसर पर बड़ी संख्या में कांवड़िए मां नर्मदा का जल लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया और खुद भी यात्रा का हिस्सा बने।
CM मोहन यादव ने उठाई कांवड़, बजाया डमरू
कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद कांवड़ उठाई। उन्होंने डमरू भी बजाया और दादा गुरु के साथ पैदल यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के कांवड़ उठाने और यात्रा में पैदल शामिल होने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। जैसे ही ‘बोल बम’ के जयकारे गूंजे, यात्रा का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया।
ढोल-नगाड़ों की लगातार गूंज के बीच कांवड़िए भक्ति में झूमते दिखाई दिए। पूरे मार्ग पर शिवभक्तों की मौजूदगी से जबलपुर में सावन के सोमवार का धार्मिक उत्साह साफ नजर आया।
नर्मदा जल लेकर निकले हजारों कांवड़िए
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सावन का सोमवार भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा का आशीर्वाद लेकर श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों की बड़ी संख्या का जिक्र करते हुए कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब समुद्र की लहरों जैसा दिखाई दे रहा है। जहां तक नजर जा रही है, वहां तक कांवड़िए दिखाई दे रहे हैं।
उनके अनुसार, श्रद्धालु साधना, भक्ति और संकल्प के साथ मां नर्मदा का जल लेकर यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने नर्मदा को इस धार्मिक यात्रा की आस्था से जोड़ते हुए कहा कि नदी का जल भी भक्तों के संकल्प का हिस्सा बनकर यात्रा में शामिल है।
धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई कांवड़ यात्राएं देखी हैं, लेकिन जबलपुर में आयोजित इतनी बड़ी यात्रा को विशेष अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि सावन भगवान भोलेनाथ की भक्ति का महीना है और दादा गुरु के नेतृत्व में श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ यात्रा कर रहे हैं।
मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर लगातार काम कर रही है। उनके मुताबिक सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों को सुविधाजनक बनाया जाए और प्रमुख धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति को भारत की जड़ों से जोड़ते हुए कहा कि यह संस्कृति आत्म-अनुशासन, प्रगति और उत्साह का मार्ग दिखाती है। उनके अनुसार, जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा भी इससे मिलती है।
दादा गुरु के संदेश का भी किया उल्लेख
कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने दादा गुरु के जीवन और उनके संदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख और खान-पान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को पवित्र मार्ग पर आगे बढ़कर आध्यात्मिक लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दादा गुरु के जीवन को साधना का उदाहरण बताते हुए उनके आशीर्वाद की कामना की। उन्होंने कहा कि नर्मदा के कण-कण में भगवान शंकर का वास माना जाता है और इस यात्रा में नर्मदा की आस्था विशेष रूप से दिखाई दे रही है।
उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी आस्था, संकल्प और भक्ति की सराहना की।
जयकारों और ढोल की थाप से भक्तिमय हुआ शहर
10 अगस्त को आयोजित कांवड़ यात्रा के दौरान जबलपुर का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में नजर आया। रास्ते भर शिवभक्तों के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की आवाज सुनाई देती रही।
कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा और मुख्यमंत्री के यात्रा में शामिल होने से आयोजन का आकर्षण और बढ़ गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया।
सावन के सोमवार पर आयोजित यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता का भी उदाहरण बनी। नर्मदा जल लेकर निकले कांवड़ियों ने भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और संकल्प का प्रदर्शन किया।
