गंडक नदी में बहकर आए गैस सिलेंडर और लकड़ियां, जान जोखिम में डालकर नदी में उतर रहे लोग
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पश्चिम चंपारण: नेपाल में आई जल त्रासदी का असर अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी अलग तस्वीर के रूप में दिखाई दे रहा है। गंडक नदी में नेपाल की ओर से भारी मात्रा में लकड़ियां, गैस सिलेंडर और घरेलू सामान बहकर आने की खबर के बाद लोग इन्हें निकालने के लिए नदी में उतर रहे हैं। उफनती धारा और बदलते बहाव के बीच गंडक नदी में जान जोखिम में डालकर सामान बटोरने की होड़ ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर, बगहा और मधुबनी समेत कई तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे जमा रहे। कई लोग नाव और ट्यूब के सहारे पानी में उतरकर बहकर आ रही लकड़ियों और अन्य सामान को किनारे लाते नजर आए।
नेपाल की बाढ़ के बाद नदी में बहकर आया सामान
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद गंडक नदी के तेज बहाव के साथ बड़ी मात्रा में लकड़ियां और घरेलू उपयोग का सामान बिहार की ओर पहुंच रहा है। नदी में गैस सिलेंडर समेत कई अन्य वस्तुएं भी दिखाई देने की बात कही जा रही है। इसकी जानकारी फैलते ही नदी किनारे लोगों की भीड़ बढ़ गई। कुछ लोग बहाव वाले हिस्से के करीब पहुंचकर सामान पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ नाव और ट्यूब की मदद से नदी में उतर रहे हैं। हालांकि, यह कोशिश बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। नदी में बहाव की दिशा और जलस्तर कभी भी बदल सकता है, जिससे सामान निकालने गए लोग हादसे का शिकार हो सकते हैं। प्रशासन लगातार लोगों से नदी में नहीं उतरने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बहकर आए सामान के लिए जान जोखिम में डालना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
लोगों का दावा- अब तक मिले 100 से ज्यादा गैस सिलेंडर
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि विभिन्न घाटों से अब तक 100 से ज्यादा एलपीजी गैस सिलेंडर मिले हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में लकड़ी और घरेलू उपयोग के अन्य सामान भी नदी से निकाले जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन वस्तुओं की संख्या और बरामदगी को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। नदी किनारे मौजूद लोग सुबह से ही बहकर आने वाले सामान पर नजर बनाए हुए थे। कई लोग लकड़ियां निकालकर घर ले जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थानीय लोगों के अनुसार, बरामद सामान को घरेलू इस्तेमाल या बिक्री के लिए भी रखा जा रहा है। यही कारण है कि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कुछ लोग नदी के खतरनाक हिस्सों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
नाव और ट्यूब के सहारे पानी में उतर रहे लोग
वाल्मीकिनगर, बगहा और आसपास के तटीय क्षेत्रों में गुरुवार को कई लोग नाव और ट्यूब की मदद से नदी में जाते दिखाई दिए। वहीं, कुछ लोग पानी कम होने वाले किनारे के हिस्सों में उतरकर बहकर आए सामान को तलाश रहे थे। मधुबनी क्षेत्र स्थित धनहा पुल के नीचे भी लकड़ियां निकालने के लिए लोगों के नदी में जाने की कोशिश की सूचना मिली। बड़ी मात्रा में बहकर आ रही लकड़ियों को पकड़ने और छानने के लिए लोग पानी के करीब पहुंच रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह नदी में उतरना किसी भी समय जानलेवा हो सकता है। पानी ऊपर से सामान्य दिखाई देने के बावजूद नीचे तेज धारा या गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। विशेषज्ञ भी बाढ़ या तेज बहाव वाले पानी में उतरने से बचने की सलाह देते हैं। लकड़ी, सिलेंडर या अन्य वस्तुओं को पकड़ने के दौरान संतुलन बिगड़ने पर व्यक्ति बहाव में फंस सकता है।
एसडीएम ने दी चेतावनी, नदी किनारे जाने से भी बचें
एसडीएम चांदनी कुमारी ने बताया कि गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में लोगों को नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि चेतावनी के बावजूद नदी में जाने वाले लोगों को चिह्नित किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि बहकर आए सामान को निकालने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें।
धनहा इलाके में पुलिस अलर्ट, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
मधुबनी स्थित धनहा पुल के आसपास भी प्रशासन और पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। अंचलाधिकारी नंदलाल राम ने बताया कि फिलहाल गंडक नदी का जलस्तर सामान्य है, लेकिन नदी में भारी मात्रा में लकड़ियां बहकर आ रही हैं। इन्हीं लकड़ियों को निकालने के लिए लोग नदी में जाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और लोगों को लगातार नदी में उतरने से रोका जा रहा है। धनहा थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने भी बताया कि पुल के नीचे कुछ लोग पानी में जाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिसकर्मी उन्हें लगातार रोक रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि निर्देशों की अनदेखी कर अनावश्यक रूप से नदी में जाने वालों के खिलाफ सख्ती की जा सकती है।
आपदा के बीच अवसर की तलाश बन सकती है बड़ा खतरा
नेपाल की बाढ़ के बाद बहकर आए सामान को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता जरूर है, लेकिन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को नियंत्रित करना है। लकड़ी या घरेलू सामान पाने की कोशिश एक बड़े हादसे में बदल सकती है। गंडक नदी का बहाव और जलस्तर मौसम की स्थिति के अनुसार तेजी से बदल सकता है। ऐसे में प्रशासन की अपील है कि लोग किसी भी तरह के बहते सामान को निकालने के लिए नदी में न उतरें। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीमें गंडक नदी के संवेदनशील घाटों और तटीय क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से बार-बार यही अपील की जा रही है कि कुछ सामान के लिए अपनी जान को खतरे में न डालें।