EO विमल कुमार हत्याकांड पर तेजस्वी का बड़ा हमला, सम्राट सरकार से पूछे तीखे सवाल

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EO विमल कुमार हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। EO विमल कुमार हत्याकांड पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रोहतास जिले के देहरी-डलमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या राज्य में प्रशासनिक सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

तेजस्वी यादव ने कहा कि हाल के महीनों में सरकारी अधिकारियों पर हमलों की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उनके मुताबिक, यदि सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

सम्राट सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर साधा निशाना

मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी के कार्यभार संभालने के बाद यह दूसरी ऐसी घटना है, जिसमें एक सरकारी अधिकारी की हत्या हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर होती दिखाई दे रही है और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार को सबसे पहले कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए ताकि सरकारी कर्मचारी और आम नागरिक दोनों सुरक्षित महसूस करें।

मृतक के परिवार के प्रति जताई संवेदना

नेता प्रतिपक्ष ने ईओ विमल कुमार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह दिवंगत अधिकारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और सरकार को इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

विधायक पर लगे आरोपों का किया जिक्र

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि एलजेपी (रामविलास) के विधायक सोनू सिंह ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।

उन्होंने कहा कि परिवार का आरोप है कि लगातार फोन कर दबाव बनाया जाता था और मांग पूरी नहीं होने के बाद हत्या की घटना हुई। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि यदि ऐसे आरोप लगाए गए हैं तो अब तक संबंधित विधायक के खिलाफ नामजद एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।

हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

CBI जांच की मांग दोहराई

तेजस्वी यादव ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने न्यायिक निगरानी में CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और हर लोकतांत्रिक स्तर पर आवाज बुलंद करेंगे।

क्या है पूरा मामला?

रोहतास जिले के देहरी-डलमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद पूरे राज्य में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है और संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के कारणों और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच पर नजर

इस हत्याकांड को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई में जुटी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना जरूरी है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और प्रशासनिक कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

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