सावन की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 किमी लंबी कतार
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबाबा बैद्यनाथ धाम में सावन की पहली सोमवारी पर सोमवार तड़के से ही आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बाबा बैद्यनाथ धाम में मंदिर के कपाट खुलते ही देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ जलार्पण शुरू किया। तड़के 3 बजे परंपरागत कांचा जल पूजा और सरकारी पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और जलार्पण की व्यवस्था शुरू हुई। सुबह आठ बजे तक कांवड़ियों की कतार करीब 10 किलोमीटर लंबी हो गई, जिससे पूरे देवघर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया।
श्रावणी मेले की पहली सोमवारी होने के कारण इस बार सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखने को मिली। प्रशासन ने पहले से ही विशेष तैयारियां कर रखी थीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुल्तानगंज से 108 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पहुंचे शिवभक्त
हर साल की तरह इस बार भी बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर लाखों कांवड़िए लगभग 108 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचे।
श्रद्धालु पूरी यात्रा के दौरान 'बोल बम' के जयघोष के साथ आगे बढ़ते हैं और बाबा बैद्यनाथ को गंगाजल अर्पित कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं। पहली सोमवारी होने के कारण सोमवार को दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण की संभावना जताई गई।
क्यों खास है बाबा बैद्यनाथ धाम?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसे 'कामना महादेव' के नाम से भी जाना जाता है।
मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा और प्रार्थना भगवान शिव तक अवश्य पहुंचती है। यही कारण है कि सावन के महीने में देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और सुख, समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
पहली सोमवारी पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने सोमवार अहले सुबह मेला क्षेत्र, कांवरिया पथ और रूटलाइन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी तथा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती की गई।
पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
इस बार प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ विशेष श्रेणी के श्रद्धालुओं का भी ध्यान रखा है।
बाह्य अर्घा व्यवस्था का विस्तार किया गया है ताकि वृद्ध, दिव्यांग और लंबे समय तक कतार में खड़े रहने में असमर्थ श्रद्धालु भी आसानी से जलार्पण कर सकें। विश्राम, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी पहले से बेहतर बनाया गया है।
इस साल 50 से 60 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2026 के राजकीय श्रावणी मेले के दौरान देश-विदेश से लगभग 50 से 60 लाख श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने की संभावना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए देवघर-सुल्तानगंज मार्ग पर कोठिया और बाघमारा में आधुनिक टेंट सिटी विकसित की गई है। यहां हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पेयजल, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा का अनुभव मिले, ताकि वे बिना किसी असुविधा के बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण कर सकें।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी
- जलार्पण के लिए निर्धारित रूट का पालन करें।
- प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- केवल अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करें।
- किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक सहायता केंद्र से तुरंत संपर्क करें।
सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ी भारी भीड़ एक बार फिर यह साबित करती है कि बाबा बैद्यनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख शिवधामों में शामिल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और सुव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन के कारण इस बार का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुगम और सुरक्षित माना जा रहा है।
