दलसिंहसराय में खाद की कालाबाजारी पर किसानों का हल्ला बोल, BAO का पुतला फूंका
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👉 WhatsApp से जुड़ेंदलसिंहसराय में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ किसानों का गुस्सा सड़क पर नजर आया। खाद की कालाबाजारी और किसानों से कथित तौर पर अधिक कीमत वसूले जाने के विरोध में अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रतिरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी लोहागीर चौक पहुंचे, जहां उन्होंने बीएओ का पुतला फूंककर विरोध जताया। किसानों ने रासायनिक उर्वरकों की बिक्री सरकारी दर पर कराने, पक्का बिल देने और खाद की कथित कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद की उपलब्धता और कीमत को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। किसान महासभा का आरोप है कि सरकारी दर और बाजार में किसानों से ली जा रही कीमत के बीच बड़ा अंतर है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।
खाद की कीमतों को लेकर किसानों में नाराजगी
प्रतिरोध मार्च के दौरान किसान नेताओं ने यूरिया और डीएपी की कीमतों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसान महासभा के जिलाध्यक्ष महावीर पोद्दार ने सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि यूरिया का सरकारी मूल्य 266 रुपये प्रति बैग है।
उनके अनुसार, किसानों को यही खाद कथित तौर पर 400 से 410 रुपये प्रति बैग तक खरीदनी पड़ रही है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद मिलती है तो इसका सीधा असर खेती की लागत पर पड़ता है।
डीएपी को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए। किसान महासभा के जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि डीएपी की सरकारी दर 1,650 रुपये प्रति बैग है, जबकि बाजार में किसानों से 2,200 से 2,400 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
हालांकि, ये कीमत संबंधी आंकड़े किसान महासभा की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनके संबंध में प्रशासन या संबंधित विक्रेताओं का पक्ष सामने आना बाकी है।
सरकारी दर पर खाद बेचने की मांग
किसान महासभा ने रासायनिक उर्वरकों की बिक्री सरकारी दर पर सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसानों को खाद खरीदते समय स्पष्ट और पक्की रसीद मिलनी चाहिए।
संगठन ने मांग रखी कि खाद की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किसानों को सही बिल उपलब्ध कराया जाए। इससे निर्धारित कीमत से अधिक वसूली की शिकायतों की जांच में भी मदद मिल सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने मिलावटी खाद की बिक्री पर भी चिंता जताई। उन्होंने खाद की गुणवत्ता की जांच कराने और यदि कहीं अनियमितता मिलती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
किसान नेताओं के मुताबिक खेती के मौसम में खाद की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे समय में यदि किसानों को खाद के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़े या उपलब्धता को लेकर परेशानी हो तो इसका असर उनकी पूरी कृषि व्यवस्था पर पड़ सकता है।
लोहागीर चौक पर बीएओ का पुतला दहन
विभिन्न मांगों को लेकर निकाला गया प्रतिरोध मार्च लोहागीर चौक पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने बीएओ का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
मार्च का नेतृत्व वैद्यनाथ सहनी और शंकर प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से किया। इसके बाद पंचायत अध्यक्ष सुशील सहनी की अध्यक्षता में प्रतिरोध सभा आयोजित की गई।
सभा में किसान महासभा के नेताओं ने खाद की कीमत, कथित कालाबाजारी और किसानों को बिल नहीं मिलने जैसी समस्याओं को उठाया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में निगरानी बढ़ाने और किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की।
किसान नेताओं ने शोषण का लगाया आरोप
किसान महासभा के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि किसानों को कई स्तरों पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने खाद की कथित कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
उनका कहना था कि खेती पहले से ही लागत और बाजार की चुनौतियों से प्रभावित है। ऐसे में उर्वरकों की कीमत बढ़ने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है।
सभा में रामभरोस राय, बैद्यनाथ सहनी, रंजीत सहनी, रामाकान्त सहनी, रामानंद सहनी और रामविलास सहनी समेत अन्य नेताओं ने भी अपनी बात रखी।
किसानों की मांगों पर अब प्रशासन की नजर
दलसिंहसराय में हुए इस प्रदर्शन के बाद किसानों की ओर से उठाई गई मांगों पर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। खासकर सरकारी दर से अधिक कीमत वसूले जाने और खाद की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों की जांच होने पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता और निर्धारित कीमत पर बिक्री खेती के मौसम में अहम मुद्दा है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है।
फिलहाल किसान महासभा ने सरकारी दर पर खाद की बिक्री, पक्का बिल, कालाबाजारी पर रोक और मिलावटी खाद की जांच को लेकर अपना विरोध दर्ज करा दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
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