दलसिंहसराय में बीड़ी श्रमिकों का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, उठी बड़ी मांगें
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👉 WhatsApp से जुड़ेंदलसिंहसराय में बीड़ी श्रमिकों का राष्ट्रीय सम्मेलन रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। अब्दुल रउफ वैद्यनाथ चौधरी नगर में आयोजित बीड़ी श्रमिकों का राष्ट्रीय सम्मेलन ऑल इंडिया बीड़ी सिगार टुबैको वर्कर्स फेडरेशन के 13वें राष्ट्रीय अधिवेशन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के मौके पर श्रमिकों ने शहर में रैली निकालकर सम्मानजनक मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।
राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर निकाली गई रैली हीरालाल साह धर्मशाला से शुरू हुई। रैली विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शहीद स्मारकों और महापुरुषों की प्रतिमाओं तक पहुंची, जहां श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद जिला परिषद डाक बंगला परिसर में सम्मेलन के खुले सत्र की शुरुआत हुई।
भगत सिंह से गांधी और आंबेडकर तक दी गई श्रद्धांजलि
रैली की शुरुआत हीरालाल साह धर्मशाला से हुई। इसके बाद श्रमिक प्रतिनिधि भगत सिंह स्मारक पहुंचे और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
रैली थाना रोड होते हुए महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के स्थल पर भी पहुंची। यहां दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
इसके बाद रैली जिला परिषद डाक बंगला पहुंची। यहां संगठन के राष्ट्रीय महासचिव के. विश्वनाथन की शहीद बेदी पर भी पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद सम्मेलन के खुले सत्र का विधिवत शुभारंभ हुआ।
खुले सत्र की अध्यक्षता स्वागत समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार समीर ने की। वहीं एटक की राष्ट्रीय सचिव ऊषा साहनी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया।
न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा उठा
सम्मेलन में बीड़ी उद्योग से जुड़े श्रमिकों की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बीड़ी श्रमिक असंगठित क्षेत्र के महत्वपूर्ण कामगार हैं, लेकिन लंबे समय से उन्हें श्रम के अनुरूप पर्याप्त मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।
सम्मेलन में न्यूनतम मजदूरी लागू करने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने और आवास तथा स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
श्रमिक कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत पर भी वक्ताओं ने जोर दिया। साथ ही श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन को मजबूत करने और व्यापक आंदोलन खड़ा करने की बात कही गई।
वक्ताओं ने कहा कि बीड़ी उद्योग से जुड़े लाखों श्रमिकों की आजीविका इस क्षेत्र पर निर्भर है। ऐसे में उनके काम की परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सवालों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
दलसिंहसराय की बंद सिगरेट फैक्ट्री का मुद्दा भी उठा
भाकपा के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने दलसिंहसराय की पहचान से जुड़ी सिगरेट फैक्ट्री के लंबे समय से बंद रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस फैक्ट्री को क्षेत्र की औद्योगिक पहचान से जोड़ते हुए इसके बंद रहने पर चर्चा की।
संगठन के राष्ट्रीय महासचिव के. विश्वनाथन ने बीड़ी श्रमिकों को मेहनतकश लेकिन लंबे समय से उपेक्षित श्रमिक वर्गों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद श्रमिकों को बेहतर मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और जीवन की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर संगठन को मजबूत करने और एकजुट होकर आवाज उठाने की आवश्यकता बताई।
कई राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि
राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को भाकपा जिला मंत्री सुरेंद्र कुमार सिंह ‘मुन्ना’, उजियारपुर विधायक आलोक मेहता, विभूतिपुर विधायक अजय कुमार सहित कई नेताओं और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
एटक के राज्य महासचिव अजय कुमार, राज्य अध्यक्ष गजनफर नवाब, सरिता राय, रामविलास शर्मा, सुधीर कुमार देव, संजय कुमार, प्रयाग चंद मुखिया, अनिल कुमार, शंभू कुमार चौधरी, शंकर राम, दीपक कुमार धीरज और अर्जुन कुमार समेत कई प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सम्मेलन के दौरान श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और संगठन की आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और श्रमिक कल्याण योजनाओं को लेकर उठाई गई मांगें सम्मेलन के प्रमुख केंद्र में रहीं।
दलसिंहसराय में आयोजित यह राष्ट्रीय सम्मेलन बीड़ी और तंबाकू उद्योग से जुड़े श्रमिकों के अधिकारों तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।
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