“दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का बड़ा संदेश, युवाओं से बोले- भविष्य को खुद आकार दें”

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

चेन्नई के पास कट्टनकुलथुर स्थित SRM इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (SRMIST) के 22वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करना केवल पढ़ाई पूरी करने का पड़ाव नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और समाजसेवा की नई शुरुआत है। उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार का इस्तेमाल देश की प्रगति के लिए करने तथा ‘राष्ट्र प्रथम’ को जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने की अपील की।

समारोह में उन्होंने विश्वविद्यालय के शोध, नवाचार और तकनीकी शिक्षा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

युवाओं से बोले- भविष्य का इंतजार नहीं, उसे आकार दें

उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह वर्षों की मेहनत, अनुशासन और सीखने की प्रक्रिया का उत्सव है। डिग्री मिलने के बाद छात्रों के सामने जिम्मेदारियों से भरी एक नई यात्रा शुरू होती है।

उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी पाने या भविष्य के लिए तैयार होने तक सीमित नहीं रहने की अपील की। उनका संदेश था कि युवा खुद को इस तरह तैयार करें कि वे भविष्य को दिशा देने में सक्षम बन सकें।

राधाकृष्णन ने SRMIST में बहुविषयक शिक्षा, रचनात्मकता, उद्यमिता और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने की सराहना की। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में संस्थान की गतिविधियों का भी उल्लेख किया।


रिसर्च का असली मकसद समाज को फायदा पहुंचाना

उपराष्ट्रपति ने कहा कि शोध की वास्तविक सफलता तब मानी जानी चाहिए, जब उसका लाभ आम लोगों तक पहुंचे। उनके अनुसार, रिसर्च केवल प्रयोगशालाओं और अकादमिक संस्थानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उससे ऐसी तकनीक और समाधान विकसित होने चाहिए, जो समाज और उद्योग की वास्तविक समस्याओं को दूर कर सकें।

उन्होंने भारत की कोविड-19 महामारी के दौरान भूमिका का भी उल्लेख किया। राधाकृष्णन ने कहा कि भारत ने कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने में मदद की और मानवता के हित को प्राथमिकता दी।

उन्होंने भारत में उच्च शिक्षा के विस्तार का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, वर्ष 2014 के बाद देश में कई IIT, IIM, केंद्रीय विश्वविद्यालय, IIIT और AIIMS जैसे संस्थानों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी सकारात्मक बदलाव बताया।

‘राष्ट्र प्रथम’ के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह

राधाकृष्णन ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने छात्रों से संविधान के मूल्यों का सम्मान करने, विविधता को स्वीकार करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की अपील की।

उन्होंने युवाओं को नशे और हर तरह के मादक पदार्थों से दूर रहने की भी सलाह दी। हाल में तमिलनाडु में ड्रग कारोबार से जुड़ी जानकारी साझा करने के कारण एक छात्र की हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे बेहद पीड़ादायक बताया।

उन्होंने छात्रों को अनुशासन, उद्देश्य और उत्कृष्टता को जीवन में प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उनका कहना था कि युवाओं को आसान रास्तों के बजाय मेहनत और सही मूल्यों का चुनाव करना चाहिए।

समारोह के अंत में उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को ज्ञान, कर्तव्य, करुणा और सेवा जैसे भारतीय मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव बिजनेस के अध्यक्ष आर. वेलुसामी को मानद उपाधि प्रदान की और विद्यार्थियों को डिग्री, पदक व रैंक से सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को ‘Say No to Drugs’ की शपथ भी दिलाई। इस संदेश के साथ दीक्षांत समारोह ने शिक्षा, तकनीक, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के बीच मजबूत संबंध का संदेश दिया।


Tags:
#CPRadhakrishnan #NationFirst #SRMIST #Convocation2026 #ViksitBharat #HigherEducation #YouthPower #IndiaNews

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1