बिहार में जल्द बनेंगे 5 नए एयरपोर्ट, CM सम्राट का बड़ा ऐलान

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बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार में नए एयरपोर्ट विकसित करने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बिहार में नए एयरपोर्ट की योजना के तहत गोपालगंज, फारबिसगंज, किशनगंज, सारण और बेगूसराय के उलाव में हवाई अड्डों के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा कई जिलों में हेलीपैड और अन्य हवाई सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम होगा।

मुख्यमंत्री ने रविवार को लोक सेवक आवास में नागर विमानन मंत्रालय की संशोधित उड़ान योजना यानी क्षेत्रीय संपर्क योजना के संस्करण 6.0 को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के अधिक से अधिक जिलों को हवाई संपर्क से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई।

गोपालगंज से बेगूसराय तक इन जगहों पर फोकस

सरकार ने जिन प्रमुख स्थानों पर हवाई अड्डे के विकास के लिए तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, उनमें सबेया यानी गोपालगंज, फारबिसगंज यानी अररिया, किशनगंज, सारण और उलाव यानी बेगूसराय शामिल हैं।

इन स्थानों के लिए जमीन की उपलब्धता, स्थल की उपयुक्तता, यात्रियों की संभावित संख्या और तकनीकी जरूरतों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार के मंत्रालयों और प्राधिकरणों के साथ समन्वय से आगे बढ़ाए जाएंगे।

सरकार की कोशिश है कि हवाई सुविधा केवल एक जिले तक सीमित न रहे। ऐसे स्थानों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जहां एयर कनेक्टिविटी मिलने से आसपास के कई जिलों को भी फायदा पहुंच सके।

इन जिलों में हेलीपैड की भी तैयारी

सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, बिहार के कई संभावित क्षेत्रों में हेलीपैड विकसित करने की योजना पर भी काम करने का निर्देश दिया गया है।

औरंगाबाद, बांका, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा और सीतामढ़ी समेत अन्य संभावित स्थलों पर हवाई सुविधा की संभावनाएं तलाशने को कहा गया है। इनमें सीतामढ़ी पर विशेष फोकस रखने की बात सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने राजगीर-गया और सासाराम-कैमूर के बीच भी हेलीपैड विकसित करने की योजना पर जोर दिया। इसके साथ ही शाहाबाद क्षेत्र में हेलीपैड की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क देना है, जहां पर्यटन, धार्मिक गतिविधियों, व्यापार या आर्थिक गतिविधियों की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा फायदा

सरकार का मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क से बिहार की अर्थव्यवस्था को कई स्तरों पर फायदा हो सकता है। एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन, व्यापार, उद्योग और निवेश के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

खासकर धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने पर देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले यात्रियों के लिए सफर आसान होगा। इससे स्थानीय होटल, परिवहन, रेस्टोरेंट, छोटे कारोबार और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

बिहार में राजगीर, गया, वैशाली, बोधगया, सीतामढ़ी और कैमूर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की अलग-अलग संभावनाएं हैं। ऐसे क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर सरकार का जोर

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित स्थलों को लेकर जरूरी प्रस्ताव तैयार किए जाएं और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय तथा प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।

क्षेत्रीय संपर्क योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और ऐसे इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अभी नियमित हवाई सेवा सीमित या उपलब्ध नहीं है। बिहार में इस योजना के तहत नए स्थानों को जोड़ने की संभावनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है।

हालांकि, प्रस्तावित एयरपोर्ट और हेलीपैड की अंतिम स्थिति जमीन, तकनीकी सर्वे, आवश्यक मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। इसलिए फिलहाल इसे विकास की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है, न कि तत्काल उड़ान शुरू होने की घोषणा।

सीएम ने सोशल मीडिया पर भी दी जानकारी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी साझा की। उन्होंने कहा कि बिहार में बेहतर हवाई संपर्कता से पर्यटन, व्यापार, उद्योग, निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।

बैठक में सिविल विमानन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने राज्य में हवाई संपर्कता के विस्तार को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष पराशर, परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कब तक शुरू होगी हवाई सेवा?

फिलहाल सरकार ने इन प्रस्तावित स्थानों पर एयरपोर्ट या हेलीपैड विकसित करने के लिए कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है। इसके बाद जमीन और तकनीकी जरूरतों का आकलन, प्रस्ताव तैयार करने तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय जैसी प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी।

इसलिए गोपालगंज, सारण, बेगूसराय समेत अन्य प्रस्तावित क्षेत्रों में वास्तविक उड़ान सेवा शुरू होने की समयसीमा आगे की मंजूरियों और निर्माण प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

अगर योजनाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो बिहार के कई जिलों की हवाई कनेक्टिविटी में आने वाले समय में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे राज्य के पर्यटन और कारोबार को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


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