बिहार में 459 नई बहालियां, अल्पसंख्यक विभाग का बड़ा ऐलान
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर नई नियुक्तियों और शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा की है। बिहार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार, सभी 459 प्रखंडों में प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी और 459 निम्नवर्गीय लिपिकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही मुफ्त कोचिंग सेंटर, नए आवासीय विद्यालय, मदरसों के आधुनिकीकरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई पहल भी शुरू की जाएगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
459 प्रखंडों में होंगे नए अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय
मंत्री जमा खान ने बताया कि राज्य के सभी 459 प्रखंडों में अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय संचालित किए जाएंगे।
इन कार्यालयों के संचालन के लिए 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी और 459 निम्नवर्गीय लिपिकों की नियुक्ति की जाएगी। उनका कहना है कि इससे विभागीय योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी से पहुंच सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया 70वीं और 71वीं बीपीएससी के माध्यम से तेज कर दी गई है।
मदरसों के आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है।
बिहार राज्य मदरसा सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 68 मदरसों में निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है, जबकि 18 मदरसों का निर्माण पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में मदरसों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, वर्चुअल लर्निंग और साइंस लर्निंग प्रोजेक्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि छात्रों को आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल सके।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खुलेंगे 111 मुफ्त कोचिंग सेंटर
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है।
मंत्री के अनुसार, 111 नए निःशुल्क कोचिंग केंद्र खोले जाएंगे, जहां इंजीनियरिंग, मेडिकल, BPSC, UPSC, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।
सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
24 नए आवासीय विद्यालय और शिक्षकों की बहाली
राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए 24 नए आवासीय विद्यालयों के निर्माण की भी घोषणा की है।
इसके अलावा 481 माध्यमिक विद्यालयों और 288 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में TRE-4.0 के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
विश्वविद्यालय में शुरू हुए नए कोर्स
मंत्री जमा खान ने बताया कि मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में भी नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
विश्वविद्यालय में पांच नए सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल सके।
इन कोर्सों के माध्यम से छात्रों को आधुनिक कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कई कल्याणकारी योजनाओं का होगा विस्तार
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कई अन्य योजनाओं के विस्तार की भी घोषणा की है।
इनमें मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम, छात्रावास सुविधा, रोजगारपरक प्रशिक्षण और महिला सहायता योजनाएं शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के विस्तार से शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
क्या होगा इन घोषणाओं का असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियुक्तियां और योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो इससे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की पहुंच प्रखंड स्तर तक मजबूत होगी।
मुफ्त कोचिंग, आधुनिक शिक्षा, आवासीय विद्यालय और नई नियुक्तियों जैसी पहल छात्रों और युवाओं के लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध नियुक्तियों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
