बिहार में शराब तस्करों पर बड़ा प्रहार, एक महीने में जब्त हुई 7 लाख लीटर शराब
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बिहार शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है। बिहार शराबबंदी के तहत सरकार और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बिहार शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए जुलाई 2026 में बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 7 लाख लीटर अवैध शराब जब्त की गई।
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में शराब तस्करों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। पुलिस और मद्यनिषेध विभाग की संयुक्त कार्रवाई में हजारों छापेमारी की गईं और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जुलाई में 1.21 लाख से ज्यादा छापेमारी
बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, अवैध शराब के खिलाफ पूरे राज्य में लगातार अभियान चलाया गया।
1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 के बीच कुल 1,21,199 छापेमारी की गईं। इन छापों के दौरान अवैध शराब कारोबार से जुड़े 11,586 मामले दर्ज किए गए।
अभियान के दौरान 13 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार का कहना है कि लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई के कारण शराब तस्करों के नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है।
6.94 लाख लीटर शराब जब्त, 1000 से ज्यादा वाहन पकड़े गए
जुलाई 2026 में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 6,94,355 लीटर शराब जब्त की गई।
जब्त शराब में देसी और विदेशी दोनों प्रकार की शराब शामिल हैं। पुलिस ने शराब की खेप पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों पर भी कार्रवाई की।
इस दौरान 1000 से ज्यादा वाहन जब्त किए गए। इनमें 809 दोपहिया और तिपहिया वाहन शामिल हैं। इसके अलावा कई चारपहिया वाहन और ट्रक भी पुलिस कार्रवाई की चपेट में आए।
पुलिस के अनुसार, तस्कर अक्सर वाहनों के जरिए शराब को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जांच अभियान के कारण कई खेप रास्ते में ही पकड़ी जा रही हैं।
शराब तस्करी रोकने के लिए ड्रोन और मोटरबोट की मदद
बिहार में अवैध शराब निर्माण और तस्करी रोकने के लिए अब आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
मद्यनिषेध विभाग ने दूरदराज इलाकों में निगरानी के लिए ड्रोन का सहारा लिया है। खासकर ऐसे क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है जहां अवैध शराब बनाने की शिकायतें मिलती हैं।
इसके अलावा नदियों और जलमार्गों के जरिए होने वाली तस्करी रोकने के लिए मोटरबोट से भी निगरानी की जा रही है।
विभाग ने सभी जिलों में शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई, नियमित छापेमारी और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
चेक पोस्ट पर बढ़ी निगरानी
शराब तस्करी रोकने के लिए राज्य के अलग-अलग चेक पोस्ट पर भी सख्ती बढ़ाई गई है।
पुलिस और मद्यनिषेध विभाग की टीमें वाहनों की नियमित जांच कर रही हैं। संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेकर शराब की खेप पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का कहना है कि शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
शराबबंदी के बावजूद चुनौती बनी तस्करी
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद शराब की बिक्री और सेवन पर कानूनी रोक है। इसके बावजूद समय-समय पर अवैध शराब की खेप पकड़ी जाती रही है।
सरकार के ताजा आंकड़े बताते हैं कि तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
वहीं, पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चलाकर इन गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए केवल कार्रवाई के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जागरूकता और निगरानी भी जरूरी है।
सरकार ने कार्रवाई जारी रखने का दिया संकेत
बिहार सरकार ने साफ किया है कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मद्यनिषेध विभाग ने अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
जुलाई में हुई बड़ी कार्रवाई से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि शराबबंदी कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
