JPSC-JSSC विवाद पर बड़ा कदम, हेमंत सोरेन ने छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया
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👉 WhatsApp से जुड़ेंझारखंड में JPSC JSSC विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। JPSC JSSC विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से बातचीत की पहल की है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने और भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधार करने के लिए तैयार है।
रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री के बयान से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच बातचीत की उम्मीद बढ़ी है।
हेमंत सोरेन बोले- छात्रों से संवाद के लिए सरकार तैयार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि सरकार छात्रों के साथ बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छात्रों की समस्याओं को समझा जाए और उनके सुझावों के आधार पर मजबूत सुधार लागू किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बातचीत का रास्ता पहले ही तय किया जा चुका है। सरकार छात्रों की बात जयपाल सिंह स्टेडियम तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे व्यापक स्तर पर समझने की कोशिश करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जो छात्रों की उम्मीदों और जरूरतों के अनुसार हो।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन
झारखंड में JPSC, JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से सवाल उठा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और कथित अनियमितताओं की जांच जरूरी है।
छात्रों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
इस आंदोलन ने अब राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा तेज कर दी है।
जयराम महतो ने उठाए चयन प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान JLKM विधायक जयराम महतो भी छात्रों के समर्थन में पहुंचे।
उन्होंने JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा के परिणामों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
महतो ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन अभ्यर्थियों ने अलग-अलग परीक्षाओं में हिस्सा लिया और जिन एजेंसियों ने परीक्षाएं आयोजित कराईं, उनकी भी जांच की जाए।
उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच से ही छात्रों का भरोसा वापस लौट सकता है।
AISA ने भी छात्रों के आंदोलन का किया समर्थन
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी शुक्रवार को रांची पहुंचीं और प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का समर्थन किया।
उन्होंने छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने भी की थी छात्रों से बातचीत
JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की थी और उनकी समस्याएं सुनी थीं।
इसके बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ी है।
हालांकि, सरकार की ओर से अब बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही जा रही है।
छात्रों ने बनाया 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के अनुसार, छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है।
इस प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधि, एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
छात्र प्रतिनिधियों में पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रविंद्र, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं।
छात्रों की मांग है कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत खुले मंच पर हो और इसमें मीडिया की मौजूदगी भी रहे, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
आंदोलन के बीच समाधान की उम्मीद
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक बड़े संवाद की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सरकार जहां बातचीत और सुधार की बात कर रही है, वहीं छात्र अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख बनाए हुए हैं।
अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी है। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो भर्ती परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की संभावना बन सकती है।
