बिहार के 2.57 लाख युवाओं को हर साल मिलेगा खास प्रशिक्षण, सरकार का बड़ा फैसला

 



बिहार के 2.57 लाख युवाओं को हर साल कौशल और रोजगार के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। 2.57 लाख युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट विभाग के सचिव मो. सोहैल ने बताया कि यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगी।

कुशल युवा कार्यक्रम को पांच साल का विस्तार

सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कुशल युवा कार्यक्रम का विस्तार किया है।

इस कार्यक्रम के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 430 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत युवाओं को केवल पारंपरिक रोजगार के लिए नहीं, बल्कि नई तकनीक और तेजी से बदलते उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।

सरकार का लक्ष्य युवाओं को ऐसे कौशल से लैस करना है, जिससे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें नौकरी, स्वरोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर मिल सकें।

6436 प्रशिक्षण केंद्रों पर मिलेगा प्रशिक्षण

कुशल युवा कार्यक्रम के तहत राज्य में 6,436 प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से हर साल लगभग 2.57 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है।

सरकार के अनुसार, प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन से युवाओं के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का दायरा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रशिक्षण के लिए ऐसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें आने वाले समय में रोजगार की मांग बढ़ने की संभावना है।

किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा?

युवाओं को कई तकनीकी, डिजिटल, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र से जुड़े पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रमुख क्षेत्रों में सोलर तकनीक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, नेटवर्किंग, होम नर्सिंग, मल्टी-स्किल्ड लैब टेक्नीशियन और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन शामिल हैं।

इसके अलावा ब्यूटी एवं वेलनेस, वेब इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और टैली जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भाषा और उद्यमिता से जुड़े कौशल को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इससे युवाओं को नौकरी की तैयारी के साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी बुनियादी जानकारी मिलने की उम्मीद है।

एलएन मिश्रा संस्थान में बढ़ेंगी 1400 सीटें

इसी बीच बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। पटना स्थित ललित नारायण मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्थान की क्षमता बढ़ाकर करीब 3,000 विद्यार्थियों की जाएगी। वर्तमान में यहां लगभग 1,600 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इस हिसाब से करीब 1,400 सीटों की बढ़ोतरी होगी।

यह घोषणा संस्थान में आयोजित छात्रों के इंडक्शन और ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘आगाज 2026’ के दौरान की गई।

हर सत्र में 100 छात्रों को विदेश भेजने की योजना

मुख्यमंत्री ने संस्थान के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर सीखने का अवसर देने की योजना भी साझा की। ‘गंगा टू ग्लोबल’ की अवधारणा के तहत प्रत्येक सत्र में करीब 100 विद्यार्थियों को एक महीने के लिए विदेश भेजने की बात कही गई।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को विदेशी संस्थानों और वहां की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को करीब से समझने का अवसर देना है। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा पटना में प्रस्तावित नए पाटलिपुत्र टाउनशिप में संस्थान को सैटेलाइट कैंपस के लिए 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की योजना है।

संस्थान में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनेगा

एलएन मिश्रा संस्थान में विद्यार्थियों को नई तकनीक से जोड़ने के लिए AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की भी योजना है।

इसके साथ ही सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस की स्थापना की जाएगी। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शहरी नीति और प्रशासन जैसे उभरते क्षेत्रों में अध्ययन और शोध को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इन पहलों को बिहार में उच्च शिक्षा को आधुनिक तकनीक और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

211 डिग्री कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाई

मुख्यमंत्री ने राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उनके अनुसार, सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों की स्थापना की जा चुकी है।

15 जुलाई को शुरू किए गए 211 डिग्री कॉलेजों में 10 अगस्त से शिक्षकों के योगदान के बाद पढ़ाई शुरू हो गई है। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के नजदीक उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

राज्य में 551 मॉडल स्कूलों की शुरुआत भी की गई है। सरकार अब ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा को भी और विस्तार देने की तैयारी कर रही है।

रात 11 बजे के बाद भी ऑनलाइन पढ़ाई का दावा

नई व्यवस्था के तहत 15 अगस्त से विद्यार्थियों को रात 11 बजे के बाद भी ऑनलाइन पढ़ाई करने और शिक्षकों से सवाल पूछने की सुविधा देने की बात कही गई है।

इसका उद्देश्य उन विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता देना है, जो नियमित कक्षा के समय के बाद पढ़ाई या अपने सवालों का समाधान करना चाहते हैं।

कुल मिलाकर बिहार सरकार की नई पहल का फोकस कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और वैश्विक exposure पर नजर आ रहा है। कुशल युवा कार्यक्रम के पांच साल के विस्तार से लाखों युवाओं को प्रशिक्षण मिलने की योजना है, जबकि उच्च शिक्षा से जुड़े फैसलों का लक्ष्य विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार करना है।

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