भाई वीरेंद्र का बड़ा बयान, RJD में फिर बढ़ी खींचतान? संगठन पर साधा निशाना
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राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। भाई वीरेंद्र ने पार्टी संगठन में जल्द कमेटी गठन की बात कही है और कुछ नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों में पैसा कमाने की भूख है, जिनका लक्षण आसानी से सुधरने वाला नहीं है। उनके इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। भाई वीरेंद्र ने साफ किया कि कमेटी का गठन जल्द होगा और इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी के नेता ही करेंगे। उनके बयान को हाल के दिनों में RJD नेताओं के बीच सामने आए मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
RJD संगठन को लेकर क्या बोले भाई वीरेंद्र?
विधायक भाई वीरेंद्र ने संगठन से जुड़े सवाल पर कहा कि जल्द ही कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन को लेकर आगे महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। लेकिन उनके बयान में कुछ नेताओं की कार्यशैली को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को पैसा कमाने की भूख है और ऐसे लोगों का लक्षण सुधरने वाला नहीं है। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दरअसल, RJD में संगठनात्मक स्तर पर पहले भी नेताओं के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में भाई वीरेंद्र का ताजा बयान पार्टी के अंदर चल रही बहस को फिर से सामने ले आया है।
शक्ति सिंह यादव से पहले भी हो चुकी है जुबानी जंग
भाई वीरेंद्र और RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव के बीच पहले भी बयानबाजी देखने को मिली है। दोनों नेताओं के बयानों के बाद पार्टी के अंदर सियासी हलचल बढ़ गई थी। बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों को लेकर भाई वीरेंद्र ने पार्टी संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने चुनाव परिणामों की गंभीर समीक्षा करने की जरूरत बताई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे लोगों को संगठन से हटाया जाना चाहिए, जिनकी वजह से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। हालांकि, उस समय भी उन्होंने किसी नेता का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था। इसके बाद शक्ति सिंह यादव ने पलटवार करते हुए भाई वीरेंद्र से उनके पार्टी के लिए योगदान को लेकर सवाल किया था। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने RJD के अंदर चल रही खींचतान को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया था। अब भाई वीरेंद्र के ताजा बयान ने एक बार फिर उसी विवाद को हवा दे दी है। हालांकि, पार्टी के स्तर पर इस बयान को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, यह देखने वाली बात होगी।
तेजस्वी यादव के मुद्दे का किया समर्थन
भाई वीरेंद्र ने इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से बिहार में अपराध और सीवान में एके-47 से जुड़े मुद्दे को उठाए जाने का भी समर्थन किया। उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पत्रकार, किसान और आम लोग सुरक्षित नहीं हैं। उनके मुताबिक, लगातार हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं और सरकार इस स्थिति को नियंत्रित करने में सफल नहीं हो रही है। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि अपराध के मामलों में गिरफ्तारियां भी गंभीरता से नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से कई बार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि जनता ने सरकार को सत्ता इसलिए दी है ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रहे और आम लोगों को सुरक्षा मिले। ऐसे में अपराध पर नियंत्रण करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला
भाई वीरेंद्र ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। उनके बयान का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि RJD लगातार बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरती रही है। ऐसे में पार्टी विधायक का यह बयान विपक्ष के हमले को और धार देता दिखाई दे रहा है। हालांकि, सरकार या सत्तापक्ष की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।
कमेटी गठन के बाद क्या होगा?
भाई वीरेंद्र के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा RJD में नई कमेटी के गठन से जुड़ा है। उन्होंने कहा है कि कमेटी जल्द बनेगी और इसका फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। अब सवाल यह है कि नई कमेटी में किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलती है और संगठन में क्या बदलाव किए जाते हैं। यदि नेतृत्व संगठनात्मक स्तर पर बदलाव करता है, तो इसका असर पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल भाई वीरेंद्र के बयान ने दो अहम मुद्दों को एक साथ सामने ला दिया है—एक तरफ RJD के संगठन और नेताओं के बीच मतभेद, तो दूसरी तरफ बिहार की कानून-व्यवस्था। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाता है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।