बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा उलटफेर? वोट वाइब ने बताया किसके पक्ष में बन रही हवा
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर चुनावी माहौल लगातार चर्चा में है। बांकीपुर उपचुनाव के मतदान के बाद अब सभी की नजरें संभावित नतीजों पर टिकी हैं। इसी बीच वोट वाइब के संस्थापक अमिताभ तिवारी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प है और अंतिम नतीजे में बड़ा उलटफेर भी देखने को मिल सकता है। उनका कहना है कि बीजेपी को बढ़त जरूर दिख रही है, लेकिन जन सुराज को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
अमिताभ तिवारी ने कहा कि इस बार मतदान प्रतिशत अपेक्षा से कम रहा। कम मतदान कई तरह के संकेत देता है। इससे यह भी माना जा सकता है कि मतदाताओं में उत्साह कम था या विपक्ष के प्रति भरोसा उतना मजबूत नहीं बन पाया जितनी उम्मीद थी।
बीजेपी की बढ़त बरकरार, लेकिन मुकाबला आसान नहीं
वोट वाइब के अनुसार बांकीपुर सीट पर बीजेपी का संगठन और कैडर उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अमिताभ तिवारी का कहना है कि स्थानीय स्तर पर बीजेपी नेता नितिन नवीन की छवि भी सकारात्मक मानी जाती है, जिसका फायदा पार्टी को मिल सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष एकजुट होकर चुनाव लड़ता तो जन सुराज की संभावनाएं और मजबूत हो सकती थीं। मौजूदा परिस्थिति में मुकाबला कड़ा है और चुनावी राजनीति में अंतिम परिणाम तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कम मतदान ने बढ़ाई सस्पेंस की स्थिति
इस बार बांकीपुर उपचुनाव में लगभग 35 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव की तुलना में करीब 7 प्रतिशत कम बताया जा रहा है।
अमिताभ तिवारी के मुताबिक, चुनाव को लेकर काफी चर्चा और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं, लेकिन इसके बावजूद मतदान अपेक्षा से कम रहा। लगभग 1.30 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
उनका मानना है कि कम मतदान की वजह से यह अनुमान लगाना कठिन हो जाता है कि किस दल के समर्थक अधिक संख्या में मतदान केंद्र तक पहुंचे।
ओपिनियन पोल में किसे कितना वोट शेयर?
वोट वाइब द्वारा जारी विश्लेषण के अनुसार अनुमानित वोट शेयर इस प्रकार बताया गया है:
| पार्टी | अनुमानित वोट शेयर | पिछले चुनाव का वोट शेयर | अंतर |
|---|---|---|---|
| बीजेपी | 44.9% | 63.25% | -18.4% |
| जन सुराज | 33.8% | 4.97% | +28.8% |
| आरजेडी | 17.8% | 29.83% | -12.0% |
| अन्य | 3.5% | 1.95% | +1.6% |
विश्लेषण के अनुसार बीजेपी की बढ़त पहले के मुकाबले कुछ कम हुई है, लेकिन पार्टी अभी भी आगे मानी जा रही है।
बीजेपी को कितनी बढ़त मिलने का अनुमान?
अमिताभ तिवारी ने बताया कि शुरुआती ओपिनियन पोल में बीजेपी को लगभग 11 प्रतिशत की बढ़त दिखाई गई थी।
अब मतदान के बाद उनका आकलन है कि यह बढ़त घटकर करीब 7 से 9 प्रतिशत रह सकती है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो बीजेपी लगभग 10 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर सकती है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल चुनावी विश्लेषण है और वास्तविक परिणाम मतगणना के बाद ही सामने आएंगे।
क्या जन सुराज जीत सकती है?
वोट वाइब के संस्थापक का कहना है कि जन सुराज की जीत पूरी तरह असंभव नहीं है।
उनके अनुसार यदि आरजेडी का बड़ा वोट बैंक जन सुराज की ओर शिफ्ट होता है और साथ ही बीजेपी के पारंपरिक वोटरों का एक हिस्सा भी जन सुराज के पक्ष में जाता है, तो मुकाबला पूरी तरह बदल सकता है।
उन्होंने कहा कि केवल आरजेडी के वोट मिलने से जन सुराज के लिए जीत आसान नहीं होगी। उसे बीजेपी के कोर वोट बैंक में भी सेंध लगानी होगी।
बीजेपी के कोर वोट बैंक पर नजर
अमिताभ तिवारी का दावा है कि बांकीपुर में बीजेपी का कोर वोट बैंक काफी मजबूत माना जाता है और यही कारण है कि पार्टी को इस सीट पर लगातार अच्छा वोट शेयर मिलता रहा है।
वहीं मुस्लिम और यादव मतदाताओं के मतदान पैटर्न को लेकर उन्होंने कहा कि यदि इन वर्गों का बड़ा हिस्सा जन सुराज के साथ जाता है और कुछ बीजेपी समर्थकों का भी रुझान बदलता है, तो चुनाव बेहद कांटे का हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के बीच जन सुराज को अपेक्षाकृत अच्छा समर्थन देखने को मिला। खासकर 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं में पार्टी के प्रति सकारात्मक रुझान सामने आया।
कौन से फैक्टर बदल सकते हैं चुनाव?
विश्लेषण के अनुसार कई स्थानीय और सामाजिक समीकरण अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
भरत तिवारी से जुड़े मुद्दे, कुर्मी और कुशवाहा समुदाय की राजनीतिक सोच, युवा मतदाताओं का रुझान और प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी जैसे कई कारक चुनावी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं।
इसी वजह से चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि मतगणना तक किसी भी दल की जीत को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
