असम बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत, 1 लाख परिवारों को 15 हजार की मदद

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असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने राहत पैकेज की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित चार जिलों के परिवारों के लिए अंतरिम आर्थिक सहायता जारी की। इस सहायता के तहत करीब एक लाख प्रभावित परिवारों को 15-15 हजार रुपये दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट और चराइदेव जिलों में बाढ़ का पानी अब कम हो गया है। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास का काम तेज किया गया है।

सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।

चार सबसे प्रभावित जिलों में राहत कार्य तेज

असम के शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट और चराइदेव जिलों में बाढ़ का प्रभाव सबसे ज्यादा रहा। इन क्षेत्रों में जलस्तर घटने के बाद प्रशासन ने राहत और पुनर्वास गतिविधियों को तेज कर दिया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब एक लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को अंतरिम सहायता के रूप में 15 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है, ताकि वे बाढ़ के बाद अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा कर सकें।

राहत राशि जारी करने के साथ ही प्रशासन को प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने संकेत दिया है कि नुकसान के विस्तृत आकलन के बाद आगे की सहायता पर भी निर्णय लिया जाएगा।

36 हजार परिवारों के नुकसान का हुआ आकलन

बाढ़ से हुए नुकसान का पता लगाने के लिए सरकार ने रैपिड असेसमेंट सर्वे शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 36 हजार परिवारों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।

प्रारंभिक आकलन के मुताबिक इन परिवारों को लगभग 450 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ है। यह सर्वे प्रभावित आबादी के करीब 30 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच चुका है।

सरकार का अनुमान है कि जब पूरे प्रभावित क्षेत्र का सर्वे पूरा होगा, तो बाढ़ से होने वाला कुल नुकसान एक हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इसलिए अंतिम आंकड़ा मौजूदा आकलन से काफी ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है।

31 अगस्त तक चलेगा नुकसान का सर्वे

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए चल रहा सर्वे 31 अगस्त तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रभावित परिवारों और क्षेत्रों में हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जाएगी।

सर्वे के जरिए घरों, संपत्ति और अन्य प्रत्यक्ष नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे सरकार को प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे और पुनर्वास से जुड़ी आगे की योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि वे सर्वेक्षण प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन होने से जरूरत के अनुसार पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सरकार ने हर संभव मदद का दिया भरोसा

असम सरकार ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिया है कि बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल प्राथमिकता उन परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने की है, जिन्हें बाढ़ के कारण आर्थिक और अन्य नुकसान झेलना पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

असम में हर साल बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस बार सरकार की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता और नुकसान का विस्तृत सर्वे प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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