Who is Jadumani Singh: पाकिस्तानी बॉक्सर को हराकर जादूमनी ने जीता दिल, कारगिल वीरों को किया सलाम

 


Who is Jadumani Singh इस समय खेल जगत में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। Who is Jadumani Singh जानने की उत्सुकता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि भारतीय मुक्केबाज जादूमनी सिंह मंदेगबाम ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों में पाकिस्तान के मुक्केबाज सुमामा रहमान को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने यह सफलता कारगिल विजय दिवस पर देश के शहीद जवानों को समर्पित कर दी, जिसने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया।

22 वर्षीय भारतीय बॉक्सर की यह जीत सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रही। उनके भावनात्मक संदेश ने इस मुकाबले को देशभक्ति और खेल भावना का प्रतीक बना दिया। अब उनकी नजर क्वार्टर फाइनल और गोल्ड मेडल पर है।

पाकिस्तानी बॉक्सर को 5-0 से दी करारी शिकस्त

55 किलोग्राम भार वर्ग के राउंड-16 मुकाबले में जादूमनी सिंह का सामना पाकिस्तान के सुमामा रहमान से हुआ। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा।

पांचों जजों ने जादूमनी के पक्ष में फैसला दिया और मुकाबला 5-0 से भारत के नाम रहा। किसी भी जज ने पाकिस्तानी मुक्केबाज को अंक नहीं दिया, जिससे भारतीय खिलाड़ी का प्रदर्शन पूरी तरह प्रभावशाली साबित हुआ।

यह लगातार उनकी दूसरी जीत है और इससे उन्होंने पदक की उम्मीद भी मजबूत कर ली है।

जीत के बाद कारगिल वीरों को किया समर्पित

मुकाबला जीतने के बाद जादूमनी सिंह ने जो कहा, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है।

उन्होंने कहा कि यह जीत भारत के कारगिल युद्ध के वीर जवानों के नाम है। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मिली इस जीत को उन्होंने उन सैनिकों को समर्पित किया, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

जादूमनी ने कहा कि उनके लिए यह सिर्फ एक मुकाबला नहीं था, बल्कि देश के सम्मान से जुड़ा एक खास पल था।

कारगिल युद्ध के नायकों को किया याद

कारगिल युद्ध में भारत के कई बहादुर सैनिकों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे। कैप्टन विक्रम बत्रा, मेजर मनोज पांडे, कैप्टन केंगरुसे सहित अनेक सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और दुश्मन को भारतीय सीमा से पीछे हटने पर मजबूर किया।

दिलचस्प बात यह है कि 22 वर्षीय जादूमनी सिंह का जन्म कारगिल युद्ध के बाद हुआ, लेकिन उन्होंने उन वीरों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त कर देशवासियों का दिल जीत लिया।

कौन हैं जादूमनी सिंह?

जादूमनी सिंह मंदेगबाम मणिपुर से आने वाले युवा मुक्केबाज हैं। उन्होंने कम उम्र में ही भारतीय मुक्केबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई है।

उनका संबंध उसी राज्य से है, जहां से ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत की है।

अब ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों में उनका प्रदर्शन उन्हें भारतीय मुक्केबाजी का उभरता सितारा बना रहा है।

अब गोल्ड मेडल पर है नजर

पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी जीत के बाद जादूमनी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि क्वार्टर फाइनल में वह और बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

अगर वह अगला मुकाबला जीत लेते हैं तो उनका पदक लगभग तय हो जाएगा। इसके बाद उनकी नजर सीधे गोल्ड मेडल पर होगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि वह भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।

भारत के लिए क्यों खास है यह जीत?

भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी खेल मुकाबले को लेकर हमेशा विशेष उत्साह रहता है। ऐसे में एकतरफा अंदाज में मिली यह जीत भारतीय खेल प्रेमियों के लिए गर्व का विषय बन गई है।

कारगिल विजय दिवस पर मिली इस सफलता ने इस जीत को और भी खास बना दिया। सोशल मीडिया पर भी जादूमनी सिंह की खेल भावना और देशभक्ति की जमकर सराहना हो रही है।

जादूमनी सिंह से जुड़े अहम सवाल

जादूमनी सिंह कौन हैं?

जादूमनी सिंह मंदेगबाम मणिपुर के 22 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज हैं, जो 55 किलोग्राम भार वर्ग में खेलते हैं।

उन्होंने किसे हराया?

उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों के राउंड-16 में पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से हराया।

उन्होंने जीत किसे समर्पित की?

उन्होंने अपनी जीत कारगिल विजय दिवस पर भारत के शहीद सैनिकों को समर्पित की।

अगला लक्ष्य क्या है?

उनका अगला लक्ष्य क्वार्टर फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल की दौड़ में मजबूत दावेदारी पेश करना है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
हमसे जुड़ें
1