TRE-3 में 18 माह D.El.Ed शिक्षकों पर कार्रवाई, 3000 नौकरियां खतरे में,18 माह के डीएलएड वाले गुरुजी होंगे बाहर
TRE-3 Teacher News से जुड़े हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। TRE-3 Teacher News के तहत बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-3) में एनआईओएस (NIOS) से 18 माह का D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश के बाद भागलपुर जिला शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन संख्या 22/2024 और पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार यह प्रशिक्षण विद्यालय अध्यापक पद के लिए मान्य नहीं है।
इस फैसले के बाद केवल भागलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में ऐसे शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार राज्यभर में करीब 3,000 शिक्षकों पर इसका असर पड़ सकता है।
NIOS के 18 माह D.El.Ed पर क्यों हो रही कार्रवाई?
शिक्षा विभाग के 7 दिसंबर 2023 के आदेश और शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन संख्या 22/2024 में स्पष्ट शर्त रखी गई थी कि एनआईओएस से प्राप्त 18 माह का D.El.Ed प्रशिक्षण विद्यालय अध्यापक पद के लिए वैध नहीं माना जाएगा।
इसी आधार पर अब सभी जिलों को ऐसे शिक्षकों की पहचान कर उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया विज्ञापन की शर्तों के अनुसार ही संचालित होगी और पात्रता नियमों का पालन अनिवार्य है।
भागलपुर में शुरू हुई भौतिक जांच
प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश के बाद भागलपुर जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों का भौतिक सत्यापन कर ऐसे अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिन्होंने 18 माह के NIOS D.El.Ed के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की है।
जांच रिपोर्ट जल्द जिला मुख्यालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
50 से अधिक शिक्षक कार्रवाई की जद में
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अकेले भागलपुर जिले में 50 से अधिक शिक्षक इस कार्रवाई से प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि अंतिम संख्या सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी मामलों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है और संबंधित शिक्षक भी अपनी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
पूरे बिहार में 3,000 शिक्षकों पर पड़ सकता है असर
विभागीय स्तर पर माना जा रहा है कि इस आदेश का प्रभाव केवल भागलपुर तक सीमित नहीं रहेगा।
राज्यभर में TRE-3 के तहत नियुक्त ऐसे लगभग 3,000 शिक्षकों की नौकरी प्रभावित हो सकती है, जिन्होंने NIOS के 18 माह D.El.Ed प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति हासिल की थी।
हालांकि अंतिम आंकड़ा जिला स्तर पर सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही सामने आएगा।
शिक्षा विभाग ने क्या कहा?
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्व में जारी आदेशों और नियुक्ति विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप की जा रही है।
विभाग का उद्देश्य पात्रता संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इसलिए सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे निष्पक्ष जांच के बाद योग्य अभ्यर्थियों और अपात्र अभ्यर्थियों की अलग-अलग सूची तैयार करें।
इसके बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या हो सकता है?
भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी अपनी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजेंगे। रिपोर्ट के आधार पर सेवा समाप्ति संबंधी आदेश जारी किए जा सकते हैं।
यदि प्रभावित शिक्षक इस निर्णय से असहमत होते हैं, तो वे उपलब्ध कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं। फिलहाल विभाग की ओर से सभी जिलों में सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
TRE-3 भर्ती से जुड़े इस फैसले पर राज्यभर के शिक्षक संगठन भी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में प्रशासनिक और कानूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
