भरत तिवारी एनकाउंटर: मंत्री अशोक चौधरी ने कहा- गलत हुआ एनकाउंटर, होगी कार्रवाई
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है। भरत तिवारी एनकाउंटर पर अब राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी खुलकर सामने आए हैं। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंचने से पहले उन्होंने कहा कि यदि एनकाउंटर में कोई गलती हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, मृतक की मां आशा देवी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर कानून व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और न्यायिक जांच को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी बिलौटी गांव जाकर परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं।
अशोक चौधरी ने कहा- गलत हुआ एनकाउंटर, होगी कार्रवाई
बिलौटी गांव जाने से पहले पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह एनकाउंटर गलत हुआ है और मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि परिजनों का दावा है कि भरत तिवारी के हाथ में असली रिवॉल्वर नहीं बल्कि खिलौना रिवॉल्वर था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय जो भी परिस्थितियां रही हों, उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार न्यायिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
जातीय रंग देने से बचने की अपील
अशोक चौधरी ने कहा कि कुछ लोग इस पूरे मामले को जातीय विवाद का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों का सहयोग उन्हें हमेशा मिला है और वे दलित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को समाज को बांटने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए और सभी पक्षों को जांच पूरी होने तक संयम रखना चाहिए।
अधिकारियों की जवाबदेही पर भी उठाए सवाल
मंत्री ने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी अधिकारी की गलती के लिए पूरी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी के लिए स्वयं उत्तरदायी होता है।
अशोक चौधरी ने पूर्व पुलिस अधिकारियों द्वारा उठाए गए कुछ सवालों का भी उल्लेख किया और कहा कि जांच के दौरान सभी पहलुओं की समीक्षा की जानी चाहिए।
भरत तिवारी की मां ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
मामले में नया मोड़ तब आया जब भरत तिवारी की मां आशा देवी ने 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा कर दी।
उन्होंने कहा कि यदि नामजद आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार आंदोलन तेज करेगा।
परिजनों का कहना है कि वे लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिवार ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
आशा देवी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से पूरा परिवार भय के माहौल में रह रहा है।
उनके अनुसार देर रात बिना नंबर प्लेट वाली कुछ संदिग्ध गाड़ियां उनके घर के आसपास आती-जाती दिखाई देती हैं, जिससे परिवार में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
परिजनों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और इन आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच पर नजर
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
हाल के दिनों में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा जता चुके हैं। अब मंत्री अशोक चौधरी की यात्रा और उनके बयान के बाद इस मामले पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
फिलहाल पूरे मामले की न्यायिक जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान क्या परिस्थितियां थीं और किन अधिकारियों या अन्य संबंधित पक्षों की क्या भूमिका रही।
ऐसे में सभी पक्षों की निगाह अब जांच की प्रगति और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
