भगवान शिव की भक्ति से सज रहा सुल्तानगंज, दीवारों पर दिखेगा 'बोल बम' का रंग

श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के सुल्तानगंज में तैयारियां अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। श्रावणी मेला 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन और नगर परिषद ने पूरे मेला क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक बनाने का अभियान तेज कर दिया है। इस बार कोशिश केवल व्यवस्थाएं बेहतर करने की नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को अजगैवीनाथ धाम पहुंचते ही भक्ति और आध्यात्मिक माहौल का विशेष अनुभव कराने की भी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएंगी। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। वे विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दीवारों और पुलों पर उभर रही भगवान शिव की भक्ति
इस वर्ष मेला क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ाने के लिए विशेष थीम पर सजावट की जा रही है। नमामि गंगे घाट, प्रमुख मार्गों, पुलों और दीवारों पर स्प्रे पेंटिंग के माध्यम से भगवान शिव, मां गंगा और श्रावणी मेला से जुड़े आकर्षक चित्र बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 'हर-हर महादेव', 'बम-बम भोले', 'कांवड़ उठाओ, बोल बम के नारे लगाओ' और 'बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है' जैसे संदेश भी लिखे जा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं को पूरे मेला क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण का अनुभव होगा।
घाटों की सफाई से स्नान और जल भरने में मिलेगी सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नमामि गंगे घाट और जहाज घाट पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया गया है। घाट की सीढ़ियों पर जमा गाद हटाने का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के निर्देश पर देर शाम तक सफाई अभियान जारी रहा। गाद हटने के बाद श्रद्धालुओं को गंगा स्नान और कांवड़ के लिए जल भरने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए प्रशासन और नगर परिषद के प्रयासों की प्रशंसा की है।
दुकानों के संचालन के लिए लागू होगी नई व्यवस्था
हर साल श्रावणी मेले में लाखों कांवरियों की भीड़ उमड़ती है। इसी को देखते हुए नगर परिषद ने इस बार दुकानों के संचालन के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। प्रत्येक दुकान के सामने दो अलग-अलग पट्टियां (मार्किंग) बनाई जाएंगी। बाहरी हिस्से में केवल ग्राहक खड़े होंगे, जबकि दुकान के अंदर केवल दुकानदार ही मौजूद रहेंगे। इससे भीड़ कम होगी और खरीदारी के दौरान अव्यवस्था की संभावना भी घटेगी। प्रशासन ने साफ किया है कि निर्धारित नियमों का पालन सभी दुकानदारों के लिए अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर प्रशासन का विशेष फोकस
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस बार श्रावणी मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है। इसके लिए साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। श्रावणी मेला बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जहां देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचकर गंगा जल भरते हैं और बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए कांवड़ यात्रा शुरू करते हैं। ऐसे में प्रशासन इस बार व्यवस्थाओं को पहले से अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रहा है। यदि सभी तैयारियां तय योजना के अनुसार पूरी होती हैं, तो इस बार श्रद्धालुओं को स्वच्छ घाट, बेहतर भीड़ प्रबंधन, आकर्षक धार्मिक वातावरण और अधिक व्यवस्थित मेला क्षेत्र का अनुभव मिल सकता है।