समस्तीपुर में बढ़ते अपराध पर सख्त हुए SP, डबल मर्डर केस जल्द सुलझाने का अल्टीमेटम


 

समस्तीपुर क्राइम मीटिंग में जिले की कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समस्तीपुर क्राइम मीटिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद प्रताप सिंह ने सभी थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चर्चित डबल मर्डर मामले की विशेष समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले के खुलासे के आदेश दिए। साथ ही लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और नियमित निगरानी पर भी जोर दिया।

डबल मर्डर केस पर एसपी का सख्त रुख

शनिवार को समस्तीपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित मासिक क्राइम मीटिंग में एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने चकमेहसी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित डबल मर्डर मामले की समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि मामले के उद्भेदन और आरोपितों की गिरफ्तारी में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। एसपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई करे और जांच को प्राथमिकता दे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण में लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।

लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश

क्राइम मीटिंग के दौरान पिछले एक महीने में हुई हत्या, लूट, चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।

एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। पुराने मामलों में फरार आरोपितों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

रात्रि गश्ती और शराब तस्करी पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में जिले में रात्रि गश्ती व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। एसपी ने बीटवार गश्ती का रोडमैप तैयार कर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

सीमावर्ती इलाकों में शराब तस्करी रोकने के लिए भी पुलिस को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित जांच अभियान चलाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही थाना स्तर पर आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

साइबर अपराध और हिस्ट्रीशीटरों पर भी बढ़ेगी निगरानी

एसपी ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आम लोगों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं को कम किया जा सके।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जेल से छूटे आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही संगठित अपराध से जुड़े पुराने हिस्ट्रीशीटरों की भूमिका की भी जांच की जाए।

डीआईजी के निर्देशों को हर हाल में लागू करने का आदेश

एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि हाल ही में डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने लंबित मामलों के निष्पादन और अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को कहा कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। जांच की गुणवत्ता, समयबद्ध कार्रवाई और अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में सदर एसडीपीओ-1, सदर एसडीपीओ-2, रोसड़ा, दलसिंहसराय और पटोरी के एसडीपीओ सहित साइबर डीएसपी, विशेष अपराध शाखा के अधिकारी, सभी सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराध नियंत्रण, त्वरित जांच और जनता का भरोसा मजबूत करना विभाग की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी।

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