समस्तीपुर के भरत ईश्वर के खाते में दिखे 740 करोड़, 1100 रुपये की पेंशन निकालने पहुंचे तो मच गई हलचल

 


समस्तीपुर पेंशन रसीद से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। समस्तीपुर पेंशन रसीद में 1100 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन निकालने पहुंचे 80 वर्षीय बुजुर्ग के खाते में 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देने लगी। रसीद देखते ही बुजुर्ग और ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) संचालक दोनों चौंक गए। कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई। हालांकि बाद में बैंक ने जांच कर स्पष्ट किया कि यह राशि वास्तविक नहीं थी, बल्कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण रसीद में गलत बैलेंस प्रदर्शित हुआ।

1100 रुपये निकालने पहुंचे, रसीद में दिख गई 740 करोड़ से अधिक की राशि

यह मामला समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड की नौआचक पंचायत के गावपुर गांव का है। वार्ड-13 निवासी 80 वर्षीय भरत ईश्वर शुक्रवार शाम अपनी वृद्धावस्था पेंशन के 1100 रुपये निकालने के लिए नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे थे।

आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) के माध्यम से लेनदेन पूरा होने के बाद उन्हें ट्रांजेक्शन रसीद मिली। रसीद में खाते का शेष लगभग 740 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये 78 पैसे दर्ज था।

इतनी बड़ी राशि देखकर बुजुर्ग के साथ-साथ सीएसपी संचालक भी हैरान रह गए। पहले उन्हें लगा कि शायद सिस्टम में कोई बड़ी वित्तीय एंट्री हो गई है, लेकिन मामला समझ से बाहर था।

गांव में मची हलचल, लोग देखने पहुंचे रसीद

रसीद में करोड़ों रुपये का बैलेंस दिखने की जानकारी कुछ ही समय में पूरे गांव में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण यह जानने के लिए उत्सुक हो गए कि आखिर एक पेंशनधारी के खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे दिखाई दे रही है।

कई लोग स्वयं रसीद देखने पहुंचे। पूरे दिन गांव में इसी घटना की चर्चा होती रही। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

हालांकि परिवार और स्थानीय लोगों ने जल्द ही बैंक से वास्तविक स्थिति जानने का निर्णय लिया।

बैंक जांच में सामने आई पूरी सच्चाई

मामले की जानकारी मिलने के बाद भरत ईश्वर सरायरंजन स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पहुंचे। वहां शाखा प्रबंधक ने खाते की पूरी जांच कर वास्तविक बैलेंस की पुष्टि की।

जांच में पता चला कि खाते में केवल 500 रुपये ही उपलब्ध थे। बैंक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाते में किसी भी प्रकार का करोड़ों रुपये का लेनदेन नहीं हुआ है।

पासबुक अपडेट करने और बैंकिंग सिस्टम की जांच के बाद भी यही वास्तविक राशि सामने आई।

तकनीकी गड़बड़ी बनी वजह

बैंक प्रबंधन के अनुसार ट्रांजेक्शन रसीद में दिखाई गई 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पूरी तरह तकनीकी त्रुटि का परिणाम थी।

शाखा प्रबंधक ने बताया कि इस तकनीकी खामी की सूचना तत्काल क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दी गई है, ताकि संबंधित सिस्टम की जांच कर समस्या का समाधान किया जा सके।

बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राहकों के खातों में कोई अतिरिक्त राशि जमा नहीं हुई थी और केवल रसीद पर गलत बैलेंस दिखाई दिया।

ऐसी स्थिति में क्या करें ग्राहक?

बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि यदि कभी ट्रांजेक्शन रसीद, एटीएम स्लिप या डिजिटल बैंकिंग माध्यम में असामान्य बैलेंस दिखाई दे, तो बिना पुष्टि के उस पर भरोसा न करें।

ऐसी स्थिति में तुरंत संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें और पासबुक अपडेट या आधिकारिक बैंकिंग रिकॉर्ड के माध्यम से खाते की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करें।

विशेषज्ञों का भी कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण कभी-कभी बैलेंस, ट्रांजेक्शन या अन्य जानकारी गलत दिखाई दे सकती है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले बैंक से सत्यापन कर लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

यह घटना एक बार फिर डिजिटल बैंकिंग सिस्टम में तकनीकी निगरानी की आवश्यकता की ओर संकेत करती है। हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और इस मामले में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है।

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